Friday, 4 September 2026

निकाय चुनाव में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रतिष्ठा दांव पर। अगले माह ही होने है पंचायतीराज के चुनाव। ================= राजस्थान के 309 शहरी निकायों के 10 हजार 245 वार्डों में अब उम्मीदवारों की स्थिति साफ हो गई है। 3 सितंबर को नाम वापसी के बाद 38891 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। 9 और 11 सितंबर को मतदान होना है। 14 सितंबर को परिणाम आएंगे। सत्तारूढ़ भाजपा ने इन चुनावों को लेकर जो रणनीति बनाई है उसके अनुसार शहरी निकाय चुनाव मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के चेहरे पर लड़े जाएंगे। यही वजह है कि संभाग मुख्यालय पर सीएम शर्मा की सभाएं करवाई जाएगी। स्टार नेता के तौर पर भाजपा के किसी भी बड़े नेता की सभाएं नहीं होंगी। जब सीएम शर्मा के चेहरे पर चुनाव लड़ा जाएगा तब सीएम शर्मा की प्रतिष्ठा भी दांव पर होंगी। 309 शहरी निकायों के परिणाम इसलिए भी महत्व रखते हैं कि अगले माह ही पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव होने हैं। राजस्थान में वन स्टेट वन इलेक्शन के तहत दोनों संस्थाओं के चुनाव कराए जा रहे हैं। देखा जाए तो सीएम शर्मा की यह भी एक बड़ी उपलब्धि है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पूर्व में कहा था कि मुख्यमंत्री के काकाजी भी एक साथ चुनाव नहीं करवा सकतै। डोटासरा के इस कटाक्ष पर सीएम शर्मा का कहना है कि अब काकाजी ही चुनाव करवा रहे हैं। शहरी निकाय के चुनाव में प्रचार के क्षेत्र में भाजपा ने बाजी मार ली है। 2 सितंबर को ही मुख्यमंत्री शर्मा ने शहरी विकास का संकल्प पत्र जारी कर दिया है। जबकि अभी कांग्रेस के संकल्प पत्र की कोई खबर नहीं है। रामसेतु लिंक परियोजना, यमुना जल एग्रीमेंट, बाड़मेर में एचपीसीएल की रिफाइनरी आदि कार्यों को सीएम शर्मा अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि मानते हैं। सीएम शर्मा का कहना है कि जो कार्य वर्षों से लंबित थे। उन्हें ढाई वर्ष के कार्यकाल में पूरा किया गया है। वादे के मुताबिक अब तक डेढ़ लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियां युवाओं को दी गई है। इतना ही नहीं बिजली के क्षेत्र में राजस्थान आत्मनिर्भर हो गया है। प्रदेश को अब किसी दूसरे राज्य से बिजली नहीं मांगनी पड़ती। उल्टे दूसरे राज्यों को बिजली दी जा रही है। बिजली की पर्याप्त उपलब्धता के कारण किसानों को भी दिन में बिजली दी जा रही है। सीएम शर्मा को लगता है कि ढाई वर्ष में जो कार्य हुए है, उनकी बदौलत शहरी निकायों में भाजपा की जीत होगी। इन चुनावों का असर पंचायती राज के चुनावों पर भी पड़ेगा। पंचायती राज चुनाव के परिणाम के दो वर्ष बाद विधानसभा के चुनाव होंगे। राजस्थान में गत पांच बार से सत्ता में बदलाव की परंपरा है। लेकिन इस बार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा की सरकार को रिपीट करवाने की योजना बनाई जा रही है, जबकि कांग्रेस को उम्मीद है कि परंपरा के अनुरूप इस बार विधानसभा के चुनाव में उसे सरकार बनाने का अवसर मिलेगा। S.P.MITTAL BLOGGER ( 03-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
तो क्या ब्यावर में भाजपा ने अपराधियों और सटोरियों को उम्मीदवार बनाया? पूर्व जिलाध्यक्ष भूतड़ा का तगड़ा कटाक्ष। अजमेर में वार्ड 72 से तारा पारीक की निर्दलीय उम्मीदवारी से भाजपा संगठन की पोल खुली। ================= अजमेर संभाग के ब्यावर जिले की नगर परिषद के चुनाव में क्या अपराधियों और सटोरियों को भाजपा का उम्मीदवार बनाया गया है? राजनीति में यह सवाल भाजपा के पूर्व विधायक और दो बार लंबे समय तक देहात जिलाध्यक्ष रहे देवीशंकर भूतड़ा के कटाक्ष के बाद उठा है। भूतड़ा ने टिकट बंटवारे के बाद 3 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली। इस पोस्ट में कहा गया कि जिन कार्यकर्ताओं ने बूथ से लेकर मंडल स्तर तक संगठन को मजबूत किया, उनकी उपेक्षा कर आपराधिक पृष्ठभूमि और सटोरियों को उम्मीदवार बनाया गया। इस पोस्ट पर जब भूतड़ा से सवाल किया गया तो उनका कहना रहा कि मैंने यह पोस्ट भाजपा के कार्यकर्ताओं की भावनाओं के अनुरूप डाली है। आज ब्यावर का कार्यकर्ता स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहा है। जिन कार्यकर्ताओं ने बूथ और मंडल स्तर पर संगठन को मजबूत किया उनकी नगर परिषद के चुनाव में पूरी उपेक्षा की गई है। भूतड़ा ने कहा कि उनका भाजपा से कोई विरोध नहीं है। वह हमेशा भाजपा के साथ रहेंगे, लेकिन वे कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए आवाज उठाते रहेंगे। अच्छा होता कि जिन कार्यकर्ताओं ने बूथ और मंडल स्तर पर संगठन का काम किया उन्हें नगर परिषद के चुनाव में उम्मीदवार बनाया जाता। भूतड़ा ने कहा कि पार्टी ने बूथ और मंडल स्तर पर उम्मीदवारों के लिए जो सर्वे करवाया उसकी भी अनदेखी की गई है। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व को अपनी भावनाओं से अवगत करवाया है। भूतड़ा ने कहा कि जो उम्मीदवार बनाए गए है उनकी पृष्ठभूमि की जांच कराई जानी चाहिए। यहां उल्लेखनीय है कि ब्यावर जिले की प्रभारी उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी है। बताया जा रहा है कि उम्मीदवारों के चयन में ब्यावर के भाजपा विधायक शंकर सिंह रावत और नवनियुक्त जिलाध्यक्ष आशीष सांड की राय को प्राथमिकता दी गई है। ब्यावर के उम्मीदवारों के बारे में और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 9414010555 पर देवी शंकर भूतड़ा से ली जा सकती है। अजमेर में भी पोल खुली: अजमेर नगर निगम के वार्ड संख्या 72 से श्रीमती तारा पारीक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही है। तारा पारीक मौजूदा समय में अजमेर भाजपा के दाहरसेन मंडल की मंत्री है। पारा पारीक की उम्मीदवारी से अजमेर में भाजपा संगठन की पोल खुल गई है। इस वार्ड से भाजपा नेता गोपाल शर्मा की पुत्रवधू अनुश्री को भाजपा का अधिकृत उम्मीदवार बनाया गया है। अनुश्री को उम्मीदवार बनाए जाने पर तारा पारीक का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रही है। जबकि अनुश्री को संगठन के किसी भी कार्यक्रम में नहीं देखा गया है। वे मंडल मंत्री ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय सेविका समिति में भी सक्रिय रही। सेवा भारती अजयमेरु की योग प्रमुख भी है। दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण अभियान में योग शिक्षक की भूमिका भी निभाई। उन्होंने योग साइंस में ही एमए की डिग्री ली है। सामाजिक सेवा के कारण ही इसी वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित भी किया गया। यदि इतनी राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता के बाद भी वार्ड पार्षद का टिकट न मिले तो फिर राजनीति में महिलाओं को निराशा ही मिलेगी। क महिला कार्यकर्ता सिर्फ धरना प्रदर्शन के लिए ही होती है? वहीं तारा पारीक के पति अनिल पारीक ने भी पत्नी को उम्मीदवार नहीं बनाए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं सेवक संघ के तृतीय वर्ष प्रशिक्षित कार्यकर्ता है। पत्नी को टिकट दिलवाने के लिए उन्होंने भाजपा के सभी बड़े नेताओं से आग्रह किया था, लेकिन नेताओं ने उनके आग्रह को ठुकरा दिया। अब यह पत्नी का निर्णय है कि वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही है। भाजपा के नेताओं को बताना चाहिए कि उनकी पत्नी को उम्मीदवार क्यों नहीं बनाया गया? उल्लेखनीय है कि इस वार्ड से कांग्रेस ने पूर्व मनोनीत पार्षद कपिल सारस्वत की पत्नी रिचा जोशी को उम्मीदवार बनाया है। चूंकि निर्दलीय उम्मीदवार तारा पारीक इस वार्ड में लंबे समय से सक्रिय हैं और निशुल्क योग शिविर का संचालन कर रही है इसलिए वार्ड के आम मतदाता से सीधा संवाद है। इस संबंध में मोबाइल नंबर 9257873135 पर और अधिक जानकारी तारा पारीक से ली जा सकती है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 04-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
फिल्म हनुमान अंश पर हो गई नीम करौली बाबा की कृपा। नेत्रहीन सुनील का भजन-मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डाल दी, भी सुपरहिट हुआ। दो करोड़ के बजट वाली फिल्म ने अब तक 50 करोड़ कमाएं। ============== पिछले दिनों जब फिल्म हनुमान अंश रिलीज हुई तो अधिकांश सिनेमाघर खाली पड़े रहे। फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी को उम्मीद थी कि हिन्दुओं के आराध्य देव हनुमानजी पर बनी फिल्म लोकप्रिय होगी, लेकिन जब अपेक्षा के अनुरूप फिल्म नहीं चली तो निर्देशक चतुर्वेदी ने उत्तराखंड में नैनीताल के निकट बने कैंची धाम में नीम करौली बाबा से प्रार्थना की। असल में यह फिल्म नीम करौली बाबा के जीवन पर ही आधारित है। निर्देश की प्रार्थना के बाद फिल्म पर ऐसी कृपा हुई कि पिछले दस दिनों में यह फिल्म सुपरहिट हो गई। अब सभी सिनेमाघर में उम्मीद से ज्यादा दर्शक हे। भारतीय सनातन संस्कृति में आस्था रखने वाला हर व्यक्ति फिल्म हनुमान अंश को देखने के लिए उत्सुक हे। 2 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म ने अब तक 50 करोड़ से भी ज्यादा की कमाई कर ली है। हनुमान अंश के मुकाबले में बड़े बजट वाली कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर धाराशायी हो गई। फिल्म उद्योग में जब इसे नीम करौली बाबा का चमत्कार ही माना जा रहा है कि 2 करोड़ के बजट वाली फिल्म सुपरहिट हो रही है। उल्लेखनीय है कि नीम करौली बाबा भी हनुमान जी के ही भक्त थे। 17 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने घर परिवार त्याग कर अध्यात्म की राह पकड़ ली थी। उन्होंने जिस स्थान पर अधिक समय गुजारा वही पर आज कैंची धाम (नैनीताल के निकट) बना हुआ है। चूंकि इस धाम को दो पहाड़ों के बीच बनाया गया है,इसलिए इसका नाम कैंची धाम रखा गया है। यही पर नीम करौली बाबा की प्रतिमा भी है। प्रतिमा के दर्शन के लिए प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु कैंची धाम आते हैं। यह बात अलग है कि 11 सितंबर 1973 को अपना शरीर वृंदावन में त्यागा था। वृंदावन में बाबा का समाधि स्थल है। देश ही नहीं दुनिया के बड़े लोग बाबा के अनुयायी है। नेत्रहीन सुनील भी हिट हुआ: हनुमान अंश फिल्म में एक भजन नेत्रहीन गायक सुनील का भी है। सुनील बुंदेलखंड का रहने वाला है और उसने कुछ माह पहले अपना एक भजन मोबाइल पर रिकॉर्ड किया। यह भजन जब सोशल मीडिया पर चला तब निर्देशक विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश का निर्माण कर रहे थे। सुनील के भजन से प्रभावित होकर चतुर्वेदी ने सुनील को बुलाया और उसके भजन की रिकॉर्डिंग स्टूडियो में करवाई। सुनील का यह भजन मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डाल दी, जब फिल्म के माध्यम से लाखों लोगों तक पहुंचा तो नेत्रहीन सुनील भी रातों रात सुपरहिट हो गया। अपनी लोकप्रियता से उत्साहित सुनील का कहना है कि उसने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन इतनी प्रसिद्धि मिलेगी। सुनील भी इसे नीम करौली बाबा की कृपा मानते हैं। हिन्दी फिल्म उद्योग के विशेषज्ञ स्वीकार कर रहे है कि हनुमान अंश पर नीम करोली बाबा की कृपा हो गई है। यह भारत की आध्यात्मिक शक्ति का सबूत भी है। यहां यह उल्लेखनीय है कि 1975 में जय संतोषी मां फिल्म भी इसी तरह लोकप्रिय हुई थी। तब सिनेमा घरों में पूजा पाठ तक होने लगी थी। अब 50 वर्ष बाद एक बार फिर सिनेमा घरों में भारत के आध्यात्म की गूंज हो रही है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 03-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
फाइटर पायलट जितेंद्र मिश्रा ही विधर्मियों से अयोध्या के राम मंदिर की रक्षा कर सकते हैं। गोविंद गिरि महाराज के महासचिव बनने से मंदिर में धर्म व अध्यात्म और मजबूत होगा। ============== 2 सितंबर को अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने अयोध्या के राम मंदिर के सीईओ के पद पर पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का चयन किया। जितेंद्र मिश्रा ने भारतीय वायु सेना में चालीस वर्ष से ज्यादा काम किया। जितेंद्र मिश्रा फाइटर प्लेन के कुशल पायलट है। चालीस वर्ष तक जितेंद्र मिश्रा ने दुश्मनों से देश की सीमाओं की रक्षा की और अब जितेंद्र मिश्रा देश के अंदर बैठे विधर्मियों से अयोध्या के राम मंदिर की रक्षा करेंगे। हाल ही में हम सबने देखा कि मंदिर चढ़ावा चोरी के प्रकरण में विधर्मियों ने न केवल राम मंदिर बल्कि पूरे सनातन धर्म को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। यदि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार नहीं होती तो हमलावर विधर्मी राम मंदिर में घुसकर अराजकता करते। चढ़ावा चोरी को लेकर विधर्मियों ने जो माहौल खड़ा किया उसमें राम मंदिर की सुरक्षा के लिए जितेंद्र मिश्रा जैसा फाइटर पायलट ही चाहिए। जितेंद्र मिश्रा को पता है कि दुश्मनों और विधर्मियों से कैसे निपटा जाता है। श्रीराम जन्म भूमि ट्रस्ट ने बहुत सोच विचार कर पूर्व एयर मार्शल मिश्रा को मंदिर प्रबंधन का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। कहा जा सकता है कि मिश्रा के रहते अयोध्या का राम मंदिर विधर्मियों से सुरक्षित रहेगा। सीईओ के पद पर चयन होने के बाद मिश्रा ने कहा भी कि अब वे अयोध्या में आने वाले राम भक्तों की सेवा करेंगे। उन्होंने इसे राम जी की कृपा ही माना। धर्म व अध्यात्म और मजबूत होगा: ट्रस्ट के महासचिव के पद पर राष्ट्रसंत गोविंद गिरि महाराज का चयन किया है। गोविंद गिरि महाराज अब तक कोषाध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे। चढ़ावा चोरी के प्रकरण में जब विधर्मियों ने सनातन धर्म पर हमला किया, तब उसका जवाब गोविंद गिरि महाराज ने ही दिया। गोविंद गिरि दृढता के साथ मंदिर प्रबंधन के लिए संघर्ष करते रहे उन्होंने विधर्मियो के सभी आरोपों का जवाब दिया। गोविंद गिरि स्वयं सनातन धर्म के ज्ञाता है। इसलिए राम मंदिर में अब धर्म व आध्यात्म और मजबूत होगा। कहा जा सकता है कि राम मंदिर में अब सुरक्षा और धर्म मिलकर विधर्मियों से लड़ेंगे। इसके साथ ही महेश भागचंद का को कोषाध्यक्ष तथा मदन मोहन पांडेय व निर्मला यादव को ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 03-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
राजनीति में मित्रता कोई मायने नहीं रखती। यह बात अजमेर में पूर्व मेयर धर्मेन्द्र गहलोत की विधायक देवनानी के विरुद्ध बयानबाजी और भाजपा नेता सुरेंद्र सिंह शेखावत के ओडियो से प्रदर्शित होती है। अजमेर की बेटी नीना अग्रवाल उदयपुर के चुनावी मैदान में। ============== मुझे अच्छी तरह ध्यान है, कुछ वर्ष पहले मैं, भाजपा के विधायक वासुदेव देवनानी और तब अजमेर के मेयर धर्मेन्द्र गहलोत एक ही वाहन में सवार होकर निकटवर्ती राजगढ़ स्थित मसाणिया भैरव धाम से लौट रहे थे, तभी देवनानी और गहलोत के बीच मित्रता की मजबूत की बात चली। तब दोनों एक स्वर से कहा, हम दोनों की दोस्ती को कोई नहीं तोड़ सकता। देवनानी ने कहा, भाजपा के एक वरिष्ठ नेता चाहते हैं कि हम दोनों की दोस्ती टूट जाए। लेकिन हम दोनों में इतनी अच्छी समझदारी है कि हम कभी भी अलग नहीं हो सकते। लेकिन आज वहीं धर्मेन्द्र गहलोत देवनानी को लेकर खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं। हालांकि देवनानी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है, लेकिन गहलोत आए दिन देवनानी के विरुद्ध जहर उगल रहे हैं। देवनानी को राजनीतिक मात देने के लिए गहलोत ने अपनी पत्नी हेमा गहलोत को अजमेर नगर निगम के वार्ड संख्या चार से निर्दलीय उम्मीदवार भी बना दिया है। गहलोत की इस लड़ाई में कांग्रेस भी शामिल हो गई है। कांग्रेस ने यहां से अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। यानी अब देवनानी को मात देने के लिए गहलोत और कांग्रेस मिलकर लड़ाई लड़ रहे हैं। वार्ड संख्या 4 का महत्व इसलिए है कि इसी वार्ड में भाजपा विधायक और विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी मतदाता है। हालांकि देवनानी ने वार्डों के परिसीमन के समय ही ऐसी रणनीति बना ली थी कि इस वार्ड से भाजपा के उम्मीदवार की ही जीत होगी। लेकिन धर्मेन्द्र गहलोत ने अब राजनीति में अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया है। देवनानी के विरुद्ध गहलोत जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उससे जाहिर है कि राजनीति में मित्रता कोई मायने नहीं रखती है। अजमेर की भाजपा की राजनीति में धर्मेन्द्र गहलोत का इसलिए महत्व है कि वे दो बार अजमेर के मेयर रहे हैं। वर्ष 2015 में तो गहलोत देवनानी के प्रयासों के ही मेयर बन पाए थे। नगर निगम के चुनावों की सरगर्मियों के बीच ही अजमेर के पूर्व सभापति और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र सिंह शेखावत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में शेखावत वार्ड संख्या 59 की कांग्रेस उम्मीदवार श्रीमती बबीता के पति श्रवण से संवाद कर रहे हैं। इस संवाद में श्रवण लाल यह स्वीकार कर रहे हैं कि शेखावत से उनके पुराने रिश्ते हैं और वे आज भी शेखावत का मान सम्मान करते हैं। यदि उन्हें पता होता कि वार्ड संख्या 59 से शेखावत की पत्नी श्रीमती मधु शेखावत भाजपा की उम्मीदवार होंगी तो वे अपनी पत्नी को चुनाव नहीं लड़वाते। श्रवण लाल लाचारी के साथ कह रहे हैं कि अब उनकी पत्नी को कांग्रेस का टिकट मिल गया है। इसलिए वे मजबूरी में चुनाव लड़ रहे हैं। श्रवण लाल और सुरेंद्र सिंह शेखावत के संवाद से साफ जाहिर है कि राजनीति में मित्रता कोई मायने नहीं रखती है। श्रवण लाल ने अब शेखावत के समर्थक जितेंद्र अरोड़ा के विरुद्ध पुलिस में भी रिपोर्ट दर्ज करवा दी है। इस रिपोर्ट में अरोड़ा पर डराने और धमकाने का आरोप लगाया है। मालूम हो कि शेखावत की पत्नी भी मेयर पद की प्रबल दावेदार है। अजमेर की बेटी नीना अग्रवाल उदयपुर के चुनावी मैदान में: अजमेर के प्रमुख कारोबारी रहे स्वर्गीय नारायण गर्ग की पुत्री नीना अग्रवाल उदयपुर नगर निगम के वार्ड संख्या 29 से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं। नीना अग्रवाल के भाई सिविल लाइन ओंकार नगर निवासी अमित गर्ग ने बताया कि उनकी बहन की पढ़ाई लिखाई अजमेर में ही हुई। बहन का परिवार कांग्रेस से जुड़ा हुआ है, इसलिए उदयपुर में वार्ड पार्षद का चुनाव नीना अग्रवाल लड़ रही है। नीना का विवाह ओम प्रकाश अग्रवाल के पुत्र शरद अग्रवाल से हुआ है। नीना अग्रवाल की उम्मीदवारी की और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 7297059529 पर अमित गर्ग से ली जा सकती है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 03-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511