Thursday, 8 October 2026

संविधान की पुस्तक में मोहनजोदड़ो, हड़प्पा, रामायण, महाभारत के चित्र दर्शाते हैं भारत की राष्ट्रीयता। इंडोनेशिया में रामलीला के कलाकार मुसलमान ही होते हैं, क्योंकि वे अपने पूर्वजों को नहीं भूले। विचार आधारित पार्टी भी अब 36 प्रतिशत वोटों से संतुष्ट हो गई है, जबकि सेकुलर विचार वाली भगवा से डराती है। लोकमंथन यात्रा में जसवंत खत्री की दो टूक। शराब जेसी बुराई से बचा हुआ है जयपुर का अभयपुरा गांव। डीग के पालका में आज भी हताई पर होते हैं फैसले। ================ देश की लोकसंस्कृति, लोक परपंरा, साहित्य, शिक्षा और संविधन के मूल्यों को जन जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से निकाली जा रही लोक मंथन यात्रा 8 अक्टूबर को अजमेर पहुंची। यात्रा के अजमेर पहुंचने पर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सभागार में संविधन में उल्लेखित हम भारत के लोग शब्द पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में मुख्यवक्ता के तौर पर बोलेते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्र कार्यवाह इंजीनियर जसवंत ने कहा संविधान की पुस्तक में मोहनजोदड़ा, हड़प्पा, रामायाण, महाभारत आदि के साथ साथ हिमालय पर्वत और महापुरुषों के चित्र अंकित है। ये चित्र ही भारत की राष्ट्रीयता को दिखाते हैं। संविधान बनाते समय डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि आज हम भले ही अलग अलग विचारों के लोग संविधान को बना रहे हो, लेकिन एक समय आएगा, जब हम सब एक होंगे। उन्होंने कहा कि वैदिक काल से ही सनातन का भाव निकला है। आजादी के बाद पाठ्य पुस्तकों में संविधान की भावना के अनुरूप पाठ होने चाहिए थे, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो सका। सेकुलर विचारधारा ने हमारे संविधान की भावना को ही खत्म कर दिया। संविधान में जो चित्र दर्शाए गए वह सभी सनतान संस्कृति से जुड़े हुए हैं, उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया मुस्लिम देश है, लेकिन वहां आज भी रामलीला का मंचन होता है। रामलीला के सभी कलाकार मुसलमान होते हैं, लेकिन किसी भी मुस्लिम कलाकार को रामायण के पात्र बनने पर ऐतराज नहीं है। उनका मानना है कि उनके पूर्वज सनातन संस्कृति को ही मानने वाले थे, वे अपने पूर्वजों को कभी नहीं भूल सकते। 36 प्रतिशत से संतुष्टि: खत्री ने किसी राजनीतिक दल का नाम लिए बगैर कहा कि आज विचार आधारित पार्टी 26 प्रतिशत वोटों से संतुष्ट हो गई है। जबकि सेकुलर विचार वाली पार्टी भगवा से डरा रही है। आज जब सौ प्रतिशत मतदान की जरुरत है, तब 36 प्रतिशत का जुगाड़ किया जा रहा है। हालातइतने खराब है कि जाति आधारित मतदान होने लगा है। परिणाम भी जाति आधारित सामने आ रहे है। सरेआम कहा जा रहा है कि अब देश का भविष्य संसद में नहीं सड़क पर तय होगा। जबकि ऐसे ह लोगों ने 1976 में आपातकाल के दौरान संविधान की आत्मा को मार दिया था। यात्रा के संस्मरण: संगोष्ठी में लोकमंथन यात्रा के संयोजक डॉ. सत्यनारायण कुमावत ने यात्रा के संस्मण सुनाते हुए कहा कि जयपुर के अभयपुरा गांव में बिना किसी लोभ लालाच के सौ प्रतिशत मतदान होता है। यह गांव आज भी शराब जैसीे बुराइयों से बचा हुआ है। इसी प्रकार डीग के पालका गांव के लोग अपने विवादों को गांव की जताई पर ही निपटाते हैं। गांव का कोई भी व्यक्ति पुलिस और अदालत में नहीं जाता। यात्रा के दौरान ऐसे अनेक ग्रामीण मिले जिन्हें संविधान के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन स्वयं की न्याय व्यवस्था के कारण पेड़ काटने पर रोक लगा रखी थी। यात्रा में अनेक संयुक्त परिवार भी देखने को मिले जो हम भारत के लोग के भाव को प्रकट करते थे। संगोष्ठी का यह आयोजन अधिवक्ता परिषद विज्ञान भारती एवं राजस्थान ह्यूममन रिसोसेज डवलपमेंट फाउंडेशन आरएचआरडी के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। संगोष्ठी की अध्यक्षता जगदीश सिंह राणा ने की। संगोष्ठी के मंच पर पूर्व आईपीएस कन्हैयालाल बैरवा, आरएचआरडी के अध्यक्ष हरदयाल, वसंत विजयवर्गीय, भवानी सिंह रोहिला आदि बैठे। वहीं संगोष्ठी में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलगुरु सुरेश कुमार अग्रवाल, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर के अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़, अजयमेरु विभाग के संघचालक मुकेश अग्रवाल, वरिष्ठ एडवोकेट एसके सक्सेना आदि भी उपस्थित रहे। संगोष्ठी में महानगर संघ चालक खाजू लाल चौहान ने आभार प्रकट किया तथा अधिवक्ता परिषद की प्रांत कार्यकारिणी के सदस्य जेपी शर्मा ने सफल संचालन किया। पुष्कर से शुरू हुई यात्रा : 8 अक्टूबर को तृतीय चरण में लोक मंथन यात्रा पुष्कर तीर्थ से शुरू हुई। पहले पुष्कर में पूजा अर्चना की गई और फिर यह यात्रा वाहन रैली के रूप में आदर्श विद्या निकेतन के निकट रीजनल कॉलेज तिराहे पर पहुंची, यहां पर यात्रा का जोरदार स्वागत किया गया। यहां से यात्रा राजकीय कन्या महाविद्यालय पहुंची, जहां पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के माध्यम से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ, संस्कार भारती, संस्कृत भारती एवं अन्य संगठनों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं विभिन्न लोक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय लोक परम्परा के साथ लोक वाद्य, लोक गीत, लोक नृत्य आदि की प्रस्तुति हुई । क्रीड़ा भारती द्वारा लोक खेल सतोलिया, लट्टू, लंगड़ी टांग, रस्सा-कशी, खो-खो, कबड्डी का प्रदर्शन हुआ। कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम का प्रारंभ पूर्ण वन्देमातरम राष्ट्र गीत के गायन के साथ हुआ । बाद में महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा पधारो म्हारे देश लोक गीत की मनमोहक प्रस्तुति हुई, तत्पश्चात मंच पर कलाकारों का स्वागत भी किया गया। लोक कलाकार अशोक शर्मा ने भवई नृत्य की प्रस्तुति दी। संस्कृत भारती के कार्यकर्ताओं द्वारा नृत्य नाटिका के माध्यम से संस्कृत भाषा को कैसे सीखें यह बताया। अजमेर के बाद यात्रा अपने अगले पड़ाव लल्लाई ग्राम सरवाड़ रवाना हुई, इसके बाद जालिया 2 ब्यावर पहुंची। यह यात्रा पुष्कर में 8 अक्टूबर से प्रारंभ हुई जो 21 अक्टूबर को झालावाड़ में सम्पन्न होगी। यात्रा से संबंधित और अधिक जानकारी मोबाइल नबंर 9414785558 पर मनोज बहरवाल है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 09-10-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
कांग्रेस के पार्षदों की ऐसी एकता पहले हो जाती तो अजमेर में कांग्रेस का ही मेयर होता। 'अब पछताए होत क्या, जब चिडिय़ा चुग गई खेत ' की कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं अजमेर के कांग्रेसी। ================ अजमेर के कांग्रेस के पार्षद इन दिनों गुस्से में ही हैं। पार्षदों का कहना है कि भाजपा की मेयर अनामिका शर्मा उन्हें अपमानित कर रही है। मेयर के दशहरा महोत्सव की जो कमेटियां बनाई है, उसमें से सिर्फ एक कमेटी का संयोजक कांग्रेस के पार्षद को बनाया गया है, जबकि नगर निगम में कांग्रेस के पार्षदों की संख्या भाजपा से ज्यादा है। इतना ही नहीं जब कांग्रेस के पार्षद ऐतराज प्रकट करते हैं तो संतीश बंसल जैसे भाजपाई पार्षद गाली गलौच करते हैं। भाजपा के खिलाफ अब कांग्रेस के पार्षद लामबंद हो गए हैं और तत्काल प्रभाव से साधारण सभा बुलाने की मांग की है। जिस पर मेयर चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे नौरत गुर्जर का दावा है कि कांग्रेस के 37 और 3 निर्दलीय पार्षद एकजुट है। निगम में कुल पार्षदों की संख्या 80 है। इसमें कोई दो राय नहीं कि कांग्रेस के पार्षद एक जुटता दिखा रहे हैं, लेकिन यदि ऐसी एकजुटता पहले दिखाई जाती तो आज कांग्रेस का मेयर होता। सब जानते हैं कि मेयर के ुचनाव में कांग्रेस के कुछ पार्षदों ने ही भाजपा को वोट दिया, इसलिए कांग्रेस उम्मीदवार किरण गढ़वाल मेयर नहीं बन सकी। कांग्रेसी पार्षद अब एकजुटता दिखाकर अब पछताए होत क्या जब चिडिय़ा चुग गई खेत वाली कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। ऐसा नहीं कि मेयर के चुनाव के समय पार्षदों को एकजुट रखने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। कांग्रेस के पार्षदों को सुरक्षित रखने के लिए कर्नाटक में छिपाया गया। कांग्र्रेस के वरिष्ठ नेता धर्मेन्द्र राठौड़ की पहल पर पार्षदों को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के साथ नाश्ता भी करवाया। लेकिन अजमेर आकर कुछ कांग्रेसी पार्षदों के वोट के कारण ही भाजपा की उम्मीदवार को 43 वोट मिले, जबकि भाजपा के निर्वाचित पार्षदों की संख्या में 32 थी। S.P.MITTAL BLOGGER ( 09-10-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
हलवा-खीर-पूड़ी खाने और रिश्तेदारों पर फोन पर बात करने, किताबें पढऩे, लिखने जैसी पर्याप्त सुविधाओं के बाद भी अजमेर में हाई सिक्योरिटी जेल के कैदी अपनी मांगों को मनवाने के लिए हड़ताल करते हैं। ताजा मामला पंजाबी सिंगर सिद्ध मुसेवाला की हत्या के मुख्य आरोपी सचिन थापन का है। यह लॉरेंस गैंग का सदस्य है। ================ देश में सिर्फ दो हाई सिक्योरिटी जेल है। इनमें से एक अजमेर में है। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में देशभर के कुख्यात और खतरनाक अपराधियों को रखा जाता हे। 7 अक्टूबर को सचिन थापन नाम के कैदी को जेल से जेएलएन अस्पताल लाया गया। यह कैदी पिछले तीन दिन से भूख हड़ताल पर था। तबीयत बिगडऩे के कारण इससे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया। सचिन थापन की मांग है कि 22 सितंबर से पहले उसकी बैरक में जो दो कैदी रामवीर और सुमित रहते थे, उन्हें वापस मेरे साथ बैरक में रखा जाए। इन दोंनो कैदियों के बगैर बैरक में उसका मन नहीं लगता है। वही जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ का कहना है कि रामवीर और सुमित ने 22 सितंबर को बैरक में लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया था। इसलिए इन दोनों को दूसरी बैरक में शिफ्ट किया गया है। मालूम हो कि चंबल के डकैत जगन गुर्जर की कुछ माह पहले साथी कैदी ने ही बैरक में हत्या कर दी थी। हत्या से पहले कैदी विष्णु जाट ने सीसीटीवी कैरे को खराब कर दिया था। जगन गुर्जर के प्रकरण को देखते हुए ही एहतियात के तौर पर रामवीर और सुमित को सचिन थापन के बैरक से अलग किया गया। वैसे भी किसी बैरक में कौन से कैदी रहेंगे इसका निर्णय जेल प्रशासन ही करेगा। यदि कुख्यात अपराधी हाई सिक्योरिटी जेल में कैदियों के साथ रहने का निर्णय करेंगे तो फिर हाई सिक्योरिटी जेल का कोईमतलब नहीं रहेगा। किसी भी जेल में कुख्यात अपराधियों को रखा आसान नहीं होता है। मानवाधिकार के नाम पर अनेक सुविधाएं: कहने को तो अजमेर में हाई सिक्योरिटी जेल है, लेकिन इस जेल में भी मानवाधिकारों के नाम पर कुख्यात कैदियों को पर्याप्त सुविधाएं मिलती है। सुबह के नाश्ते के साथ दोनों समय 6-6 रोटी वाली भोजन की थाली प्रत्येक कैदी को मिलती है। दोनों समय दो सब्जियां भी दी जाती है। कई कैदी एक साथ 6 रोटियां नहीं खा पाते, लेकिन जेल प्रशासन को नियमों के तहत 6 रोटियां देनी ही पड़ती है। जो रोटी बच जाती है, उसकी बेकद्री होती है। सप्ताह में एक दिन हलवा और एक दिन खीर-पूड़ी की दावत कैदियों को दी जाती है। जेल की रसोई में आधुनिक मशीनें लगी हुई है, इन्हीं मशीनों पर हाटा गूंथने और रोटी बनाने का काम होता है। यानी शुद्धता का पूरा ख्याल रखा जाता हे। अजमेर को हाई सिक्योरिटी जेल में इस समय 400 से ज्यादा कैदी है। जेल परिसर में पांच-पांच बैरक के कई ब्लॉक बने हुए हैं। कैदियों को बैरक से अपने ब्लॉक में रेजानाबाहर आने की छूट भी मिलती है। 5 बैरक वाले कैदी आपस में संवाद भी कर सकते हैं। यानी कैदियों को 24 घंटे अपने बैरक में नहीं रहना पड़ता। खीर-पूडी और हलवे की सुविधा के साथ कैदियों को बैरक में पुस्तकें और अखबार पढऩे की भी सुविधा है। इसके लिए जेल परिसर में एक लाइब्रेरी भी बना रखी है। यदि कोई कैदी कुछ लिखना चाहता है तो उसे कागज और पेन भी उपलब्ध करवाया जाता है। इतना ही नहीं कैदियों की मांग पर राम नाम लिखने वाली कॉपी भी दी जाती है। कैयिों के सद्व्यवहार के लिए जेल प्रशासन जो कुछ भी कर सकता है, वह करता है। यहां तक कि फोन पर रिश्तेदारों से बात भी करवाई जाती है। जेल नियमों के तहत रिश्तेदारों से मुलाकात भी करवाई जाती है। चूंकि ऐसे कैदियों को जेल से बाहर जान का खतरा होता है, इसलिए जेल परिसर में ही वातानुकूलित वीडियो कॉन्फ्रेंस रूम बना रखा है, इसी से कैदियों की विभिन्न अदालतों में सुनवाई की जाती है। इसके साथ ही जेल परसिर में जे कैंटीन बनी हुई है उससे प्रत्येक कैदी प्रतिमाह 3500 रुपए की सामग्री खरीद सकता है। इसमें अचार से लेकर स्वादिष्ट खाने की सभी चीजें शामिल होती है। 35 सौ रुपए की राशि कैदी के रिश्तेदार जमा कराते हैं। जेल में मोबाइल के इस्तेमाल को सख्ती से रोकने के लिए हाईपवार जैमर लगाया गया है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 08-10-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
चुनावी राजनीति में छक्का तो लगाऊंगा, लेकिन मैं क्रिकेट का नहीं, शतरंज का खिलाड़ी हूं। जो कहते थे घर में घुसकर मारेंगे, वो खुद हार गए। अजमेर नगर निगम के चुनाव की राजनीति पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी पहली बार खुलकर बोले। भाजपा पार्षदों के सम्मान समारोह में निर्दलीय पार्षद सोफिया कुरैशी और अजहर खान भी शरीक हुए। ================ 7 अक्टूबर को अजमेर के ग्रांड जेनिया समारोह स्थल पर अजमेर उत्तर क्षेत्र के भाजपा पार्षदों का सम्मान समारोह हुआ। यह समारोह सामाजिक कार्यकर्ता विजय तत्वेदी, पवित्र कोठारी, प्रतीक गोयल, विजय गुप्ता, प्रमोद जैन आदि की ओर से किया गया। यह पहला अवसर रहा, जब अजमेर उत्तर के भाजपा विधायक और विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने नगर निगम के चुनाव की राजनीति पर खुलकर अपनी बात को रखा। समारोह में एक शार्ट फिल्म दिखाई गई। एआई से तैयार इस फिल्म में देवनानी को क्रिकेट के मैदान में छक्का मारते हुए दिखाया गया, लेकिन अपने संबोधन में देवनानी ने कहा कि वे अजमेर उत्तर से चुनावी राजनीति में छक्का तो लगाएंगे लेकिन वे क्रिकेट के नहीं वे शतरंज के खिलाड़ी है। राजनीति भी शतरंज का खेल है। मैं शतरंज का कैसा खिलाड़ी हंू इसका ताजा उदाहरण नगर निगम के चुनाव और फिर मेयर के चुनाव में सबने देखा है। 80 में से 32 पार्षद होने के बाद भी अनामिका शर्मा भाजपा की मेयर बनी है। जो कहते थे कि घर में घुसकर देवनानी को मारेंगे वे खुद हार गए। हमने वार्ड संख्या 4 में ही जीत दर्ज नहीं की बल्कि हमने वार्ड संख्या तीन में भी जीते। 4 और 3 एक साथ लिखा जाए तो अंक गणित 43 होते हैँ। मेयर के चुनाव में भाजपा को 43 वोट ही मिले। देवनानी ने कहा कि वर्ष 2003 में उदयपुर से अजमेर आकर पहला चुनाव लड़ा और फिर 2023 तक लगातार पांच चुनाव जीते। हर बार चुनाव हरवाने की तिकड़में लगाई गई है, लेकिन वे भाग्यशाली है कि हर बार चुनाव जीत गए। जब भाजपा के 32 पार्षद ही बन पाए तब मुझ से बार बार पूछा गया कि अजमेर में भाजपा का बोर्ड कैसे बनेगा। मैंने हर बार कहा कि मैं बहुत भाग्यशाली हूं इसलिए अजमेर में भाजपा का बोर्ड बन ही जाएगा। मुझे खुशी है कि मैं अपनी छोटी बहन समान अनामिका शर्मा को मेयर बनवाने में सफल रहा। अजमेर उत्तर के विकास में मैंने कोई कसर नहीं छोड़ी है। आईटी पार्क जैसे काम की वजह से अजमेर की चर्चा पूरे प्रदेश में है।उत्तर क्षेत्र में जो तीन बड़े रिवर्ज वाटर टेंक बन रहे हैं, उसकी वजह से अगले 25 सालों तक पेयजल की समस्या नहीं होगी। देवनानी ने कहा कि इस बार दीपावली पर्व पर शहर भर में जारेदार रोशनी की जाएगी। उन्होंने पार्षदों से पूछा कि दीपावली से पहले कौन सा महत्वपूर्ण दिन आता है। इस सवाल का वाजब स्वयं देते हुए देवनानी ने कहा कि दशहरा और दशहरे के दिन हम राक्षस रावण के पुतले का दहन करते है। इस बार रावण दहन का भी जोरदार आयोजन होगा। समारोह में आयोजकों ने देवनानी को चैपियन आवर्ड की शील्ड भी दी। समारोह में पार्षदों के साथ साथ मेयर अनामिका शर्मा उनके ससुर सीताराम शर्मा, डिप्टी मेयर हेमंत सांखला, भाजपा के जिलाध्यक्ष रमेश सोनी आदि का भी सम्मान किया गया। समारोह में निगम के आयुक्त नरेश बुरानिया, अधिकारी पवन मीणा, जेएलएन अस्पताल के प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया आदि का भी सम्मान किया गया है। कार्यक्रम का संचालन आरजे अजय ने किया। सोफिया और अजहर भी शमिल हुए: भाजपा पार्षदों के सम्मान समारोह में निर्दलीय पार्षद सोफिया कुरैशी और अजहर खान भी शामिल हुए। इन दिनों मुस्लिम पार्षदों के समारोह में शामिल होने को लेकर राजनीति क्षेत्रों में अब अनेक चर्चाएं चल रही है। माना जा रहा है कि मेयर के चुनाव में इन दोनों मुस्लिम पार्षदों ने भाजपा को वोट दिया। S.P.MITTAL BLOGGER ( 08-10-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
सवाल-आखिर अशोक गहलोत अपनी जुबान पर कितने दिन ठीक रहेंगे? अब गहलोत और सचिन पायलट की राजनीतिक हैसियत में बहुत फर्क है। ================ 7 अक्टूबर को जयपुर में पंचायत चुनाव के मद्देनजर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कैंपन कमेटी की बैठक हुई। इस बैठक में प्रदेश् प्रभारी सुखजिदंर सिंह रंधावा, प्रदेश अयक्ष गोविंद सिंह डोटासारा, प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली, पूर्व सीएम अशोक गहलोत, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के साथ साथ अन्य नेता भी शामिल हुए। मीडिया में कैंपन कमेटी की बैठक की खबर से ज्यादा चर्चा पूर्व सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच हुए मजाकिया अंदाज की हुई। गहलोत ने पायलट का हाथ पकड़ते हुए रंधावा से कहा कि पंजाब में पायलट आपके इंचार्ज है। इस पर पायलट ने गहलोत से कहा, आप तो राजस्थान, पंजाब सभी के इंचार्ज है। इस पर गहलोत ने कहा कि मैं तो परमानेंट इंचार्ज हंू। इस मजाकिया अंदाज से गहलोत ने यह दिखाने का प्रयास किया कि वे सचिन पायलट का सम्मान करते हैं और उनका पायलट के साथ विवाद नहीं है। लेकिन सवाल उठता है कि आखिर गहलोत अपनी जुबान पर कितने दिन टिके रकेंगे? 7 अक्टूबर से पहले भी कई अवसर आए, जब गहलोत ने पायलट के साथ मित्रता प्रदशित की, लेकिन हर बार मित्रता प्रदर्शन के बाद गहलोत ने पायलट के लिए अमर्यादित शब्दों को इस्तेमाल सार्वजनिक तौर पर किया। वर्ष 2020 में जब पायलट कांग्रेस के 18 विधायकों को लेकर मानेसर चले गए थे, तब गहलोत ने पायलट को नकारा, धोखेबाज, गद्दार मक्कार तक कहा। यहां तक कि आरोप लगाया कि पायलट समर्थक विधायकों ने भाजपा से 35-35 करोड़ रुपए लिए हैं। पायलट के इस कृत्य को अशोक गहलोत अक्सर उजागर करते रहते हैं। गहलोत ने पिछले दिनों ही कहा कि पायलट ब 2020 वाली गलती फिर से नहीं करेंगे। देखना होगा कि 7 अक्टूबर को जो मित्रता वाला प्रदर्शन किया गया, उस पर अशोक गहलोत कब पानी फेरते हैं। मौजूदा समय में गहलोत और पायलट की राजनीतिक हैसियत में बहुत फर्क है। गहलोत के पास कांग्रेस संगठन में कोई पद नहीं है और वे गंाधी परिवार से पूरी तरह बाहर हो चुके हैं। जबकि पायलट राष्ट्रीय महासचिव होने के साथ साथ पंजाब के प्रभारी है। इसके साथ ही राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पायलट पर पूरा भरोसा कर रहे हैं। S.P.MITTAL BLOGGER ( 07-10-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511