अरविंद केजरीवाल के इशारे पर नाचने वाली कॉकरोच जनता पार्टी भी चुप।
सीबीआई जांच की मांग पर ऐतराज क्यों?
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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने के विरोध में प्रदेश भर के छात्र गत एक पखवाड़े से राजधानी में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कई छात्र आमरण अनशन पर भी है। छात्रों ने पेपर लीक के मामलों की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों की इस मांग को मानने से इंकार कर दिया है। झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा वाली सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है। इसलिए यह सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी झारखंड के छात्रों के आंदोलन को समर्थन क्यों नहीं दे रहे है? राहुल गांधी के इशारे पर ही नीट पेपर लीक को लेकर संसद की कार्यवाही ठप है। पेपर लीक के मुद्दे को लेकर ही राहुल गांधी ने 8 अगस्त को देहरादून में छात्रों से संवाद किया और कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। सवाल उठता है कि जब राहुल गांधी देहरादून जाकर केंद्र सरकार की आलोचना कर सकते हैं, तो रांची आकर छात्र आंदोलन का समर्थन क्यों नहीं करते? झारखंड के छात्र आंदोलन का समर्थन न करने से राहुल गांधी और कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर होता है। इससे यह भ प्रदर्शित होता है कि राहुल गांधी की नजर में झारखंड के छात्रों का आंदोलन कोई मायने नहीं रखता।
कॉकरोच पार्टी भी चुप:
नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने गत जुलाई माह में दिल्ली में बड़ा धरना प्रदर्शन किया। कॉकरोचों के दबाव के चलते ही धर्मेन्द्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा, लेकिन अब झारखंड के मुद्दे पर वही कॉकरोच पार्टी चुप है। कॉकरोच पार्टी पर आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल का दबाव है। असल में केजरीवाल की रणनीति से ही कॉकरोच पार्टी का जन्म हुआ। दिल्ली के जंतर मंतर के छात्र आंदोलन में भी परदे के पीछे से केजरीवाल की भूमिका थी। चूंकि झारखंड में कांग्रेस के समर्थन से जेएमएम की सरकार चल रही है, इसलिए केजरीवाल नहीं चाहते कि कॉकरोच पार्टी झारखंड के आंदोलन का समर्थन करें।
सीबीआई जांच पर ऐतराज क्यों?
झारखंड में शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास है, इसलिए प्रदर्शनकारी छात्रों को भी पता है कि हेमंत सोरेन इस्तीफा नहीं देेंगे। यही वजह है कि प्रदर्शनकारी छात्र पेपर लीक के मामलों की जांच सीबीआई से करवाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि छात्रों के दबाव के चलते सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा की परीक्षा को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही झारखंड लोकसेवा आयोग के तीन सदस्यों का इस्तीफा भी ले लिया है, लेकिन सीएम सोरेन सीबीआई जांच की मांग स्वीकार नहीं कर रहे।
S.P.MITTAL BLOGGER ( 10-08-2026)