Tuesday, 19 November 2024

आखिर राहुल गांधी को माल से भरी तिजोरी ही क्यों नजर आती है?मुम्बई एयरपोर्ट पर राहुल ने अशोक गहलोत से हाथ से माला नहीं पहनी।

18 नवंबर को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने पत्रकारों के समक्ष एक तिजोरी का प्रदर्शन किया। राहुल ने इस तिजोरी को अपने हाथ से खोला और तिजोरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अडानी के साथ साथ मुंबई की झुग्गी झोपड़ी वाला धारावी का पोस्टर निकाला। राहुल ने कहा कि पीएम मोदी ने एक है तो सेफ है कि जो बात कही है उसका मतलब गौतम अडानी से है। मोदी के सेफ का मतलब भले ही सुरक्षा से हो, लेकिन राहुल गांधी सेफ की तुलना तिजोरी से कर रहे है। यह सही है कि गत लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस को 100 सीटें मिलने और फिर लोकसभा में प्रतिपक्ष का नेता बनने के बाद राहुल गांधी कुछ ज्याा ही उत्साहित हैं। लेकिन सवाल उठता है कि राहुल गांधी को माल से भरी तिजोरी ही क्यों नजर आती है? राहुल गांधी भले ही मोदी अडाणी की तुलना तिजोरी से करें, लेकिन सब जानते हैं कि नेशनल हेराल्ड की दो हजार करोड़ रुपए की संपत्ति को राहुल गांधी और उनके परिवार के सदस्यों ने धोखाधड़ी कर हड़प लिया। इस धोखाधड़ी में राहुल गांधी और उनकी माताजी श्रीमती सोनिया गांधी आज भी अदालत से जमानत पर है। श्रीमती इंदिरा गांधी के जमाने में राजस्थान की छोटी सादड़ी से भी जो तिजोरियां भरी गई उन्हें कांग्रेस के लोग अच्छी तरह जानते हैं। इतना ही नहीं राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा ने हरियाणा और राजस्थान में जमीनों का जो कारोबार किया उसे भी राहुल गांधी के परिवार के लोगों की ही तिजोरियां भरी गई। इसके विपरीत देश की जनता के सामने नरेंद्र मोदी की छवि है। मोदी के परिवार के सदस्य आज भी छोटा मोटा काम कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। जहां तक उद्योगपति गौतम अडानी का सवाल है तो अडाणी के अनेक प्रोजेक्टों को कांग्रेस शासित कर्नाटक और तेलंगाना राज्यों में मंजूरी दी गई है। पूर्व में जब राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी तो अनेक प्रोजेक्ट लगाने के लिए अडाणी समूह को रियायती दरों पर भूमि आवंटित की गई। आज भले ही राहुल गांधी तिजोरी से मोदी अडाणी वाला पोस्टर निकाले, लेकिन सवाल उठता है कि अडाणी समूह के प्रोजेक्ट मंजूर कर कांग्रेस के नेता भी तिजोरियां भर रहे हैं? मोदी अडाणी पर आरोप लगाने से पहले राहुल गांधी को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। महाराष्ट्र के चुनाव में राहुल गांधी जिस धारावी क्षेत्र को मुद्दा बना रहे हैं, उसी क्षेत्र में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले 2 लाख गरीबों को पक्का मकान मिलेगा। यह काम अडाणी समूह में सार्वजनिक टेंडर प्रणाली से प्राप्त किया है। महाराष्ट्र में जब कांग्रेस के गठबंधन की सरकार थी, तब राहुल गांधी भी धारावी क्षेत्र के काया पलट के समर्थक थे।

माला नहीं पहनी:
18 नवंबर को मुंबई एयरपोर्ट पर राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने राहुल गांधी का स्वागत किया। इस स्वागत के तीन फोटो गहलोत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किए हैं। इन तीनों फोटो में गहलोत के हाथ में सूत की माला है। हलोत यह माला राहुल को पहनाने के लिए लाए थे, लेकिन राहुल ने गहलोत के हाथों से माला नहीं पहनी, इसलिए माला गहलोत के हाथ में ही धरी रह गई। गहलोत के हाथों माला नहीं पहनने को लेकर अब राजनीति में चर्चाएं हो रही है। जानकारों की मानें तो अशोक गहलोत ने राजस्थान के मुख्यमंत्री रहते हुए 25 सितंबर 2022 को बगावत के जो जख्म दिए थे, वे अभी तक भी भरे नहीं है। अशोक गहलोत के राजनीतिक जीवन में संभवत: यह पहला अवसर होगा, जब वे मुख्यमंत्री के पद से हटने के बाद अभी तक भी कांग्रेस संगठन में कोई पद हासिल नहीं कर सकें। आमतौर पर सीएम के पद से हटने के बाद गहलोत राष्ट्रीय मंत्री बन जाते हैं। 

S.P.MITTAL BLOGGER (19-11-2024)
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