राजस्थान पर्यटन विकास निगम की अजमेर स्थित होटल खादिम का नाम होटल अजयमेरु करने पर ख्वाजा साहब की दरगाह के खादिमों ने ऐतराज जताया है। खादिमों की प्रतिनिधि संस्था अंजुमन सैयद जादगान के सचिव सरवर चिश्ती ने कहा कि नाम बदलना हमारी विरासत के साथ छेड़छाड़ करना है। उन्होंने कहा कि पूर्व में होटल का नाम खादिम इसलिए रखा गया कि अजमेर में ख्वाजा साहब की दरगाह है और दरगाह के खादिम आने वाले जायरीन की खिदमत सेवा करते हैं। भले ही खादिम शब्द उर्दू का हो, लेकिन इस उद्देश्य सेवा की भावना से जड़ा हुआ है, लेकिन सरकार ने द्वेषतापूर्ण रवैया दिखाते हुए होटल खादिम का नाम परिवर्तित किया है। आज ख्वाजा साहब की दरगाह और खादिमों की वजह से अजमेर का नाम देश दुनिया में है। दुनिया में ताजमहल, लाल किला जैसी ऐतिहासिक इमारतें प्रसिद्ध है। इन इमारतों को देखने के लिए दुनिया भर से लोग भारत आते हैं। क्या ताजमहल और लाल किले का नाम भी बदला जा सकता है? सरवर चिश्ती ने कहा कि सरकार के अधीन आने वाली होटल खादिम का नाम परिवर्तित न किया जाए। मालूम हो कि अजमेर के भाजपा विधायक और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के निर्देश पर ही होटल खादिम का नाम अजयमेरु होटल किया गया है। देवनानी का कहना है कि नया नाम अजमेर के इतिहास को उजागर करता है। पूर्व में अजमेर का नाम अजयमेरु ही था। अजयमेरु की स्थापना राजा अजय पाल ने ही की थी।
S.P.MITTAL BLOGGER (20-11-2024)
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