Tuesday, 1 April 2025
पाकिस्तान में जब हिंदुओं की संपत्तियां सरकार की हो गई तो फिर भारत में मुसलमानों की संपत्तियां वक्फ की कैसे हो सकती है संविधान में वक्फ संपत्तियां या बोर्ड का उल्लेख नहीं, लेकिन तुष्टीकरण की नीति के तहत तत्कालीन पीएम नेहरू ने 1954 में एक्ट बनाया। मोदी सरकार की भी लाचारी: वक्फ एक्ट खत्म नहीं सिर्फ संशोधन। यानी 9 लाख एकड भूमि मुसलमानों की ही रहेगी। ख्वाजा साहब की दरगाह के दीवान की ओर से संशोधन प्रस्ताव का समर्थन, लेकिन खादिमों का विरोध।
संसद के इसी बजट सत्र में ही वक्फ एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव स्वीकृत हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है, इसलिए वक्फ बोर्ड से जुड़ी संस्थाओं का विरोध तेज हो गया है। कुछ संस्थाओं के आह्वान पर 31 मार्च को ईद की नमाज के समय कुछ मुसलमानों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। कहा जा रहा है कि वक्फ एक्ट में संशोधन होने के बाद मुसलमानों की मस्जिदे और अन्य धार्मि कस्थल छीन लिए जाएंगे। संशोधन प्रस्ताव को संविधान के विरुद्ध बताया जा रहा है। असल में भारत में वक्फ की संपत्तियोंं का मामला देश के विभाजन से जुड़ा है। 1947 में विभाजन की त्रासदी के समय पाकिस्तान से लाखों हिन्दू भारत आए और भारत से लाखों मुसलमान पाकिस्तान गए। जिन हिंदुओं ने पाकिस्तान छोड़ा उनकी संपत्तियों को सरकार ने अपने कब्जे में ले लिया, लेकिन जिन मुसलामनों ने भारत छोड़ा वे अपनी संपत्तियों को वक्फ (अल्लाह) के लिए छोड़ गए। हालांकि पाकिस्तान छोड़ते समय हिंदुओं ने भी अपनी संपत्तियों के लिए देवी देवताओं से प्रार्थना की थी, लेकिन पाकिस्तान में हिंदुओं की संपत्तियां सरकार ने अपने कब्जे में ले ली और भारत में मुसलमानों की संपत्तियों के लिए वक्फ बोर्ड बना दिया गया। बीआर अंबेडकर ने जो संविधान बनाया उसमें वक्फ संपत्तियों का कोई उल्लेख नहीं है। यानी संविधान निर्माताओं ने भी तब पाकिस्तान गए मुसलमानों की संपत्तियों को सरकार की ही माना। संविधान में उल्लेख न होने के बाद भी 1954 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने ही तुष्टीकरण की नीति के अंतर्गत वक्फ एक्ट बना दिया और संपत्तियों को सुन्नी व शिया मुसलमानो के प्रतिनिधियों को सौंप दिया। वक्फ बोर्ड को बेशकीमती संपत्तियों सौंपने का काम कांग्रेस के अंतिम प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने वर्ष 2013 में किया। यही वजह है कि आज वक्फ बोर्डों के पास 9 लाख एकड से भी ज्यादा भूमि है तथा एक लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा की संपत्तियां है। इसे मोदी सरकार की लाचारी ही कहा जाएगा कि मौजूदा संशोधन में भी वक्फ की संपत्तियां सरकार के अधीन लाने का कोई कानून नहीं बनाया जा रहा है। संशोधन के माध्यम से सिर्फ वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन और वक्फ बोर्डों के कामकाज में पारदर्शिता लाई जाएगी। संपत्तियों से जो इनकम होगी उसे भी मुसलमानो ंपर ही खर्च किया जाएगा। लेकिन इसके बावजूद भी वक्फ बोर्डों पर काबिज मुस्लिम नेता कह रहे है कि एक्ट में संशोधन के बाद मस्जिदें और धार्मिक स्थल छीन लिए जाएंगे। जबकि मस्जिदों का वक्फ की संपत्तियों से कोई सरोकार नहीं है। वक्फ की संपत्तियां उन मुसलमानों की है जो पाकिस्तान चले गए। जबकि मस्जिदे तो विभाजन के बाद भी यथावत है।
दीवान की ओर से समर्थन:
अजमेर स्थित ख्वाजा साहब की दरगाह के दीवान की ओ रसे उनके पुत्र (उत्तराधिकारी) तथा ऑल इंडिया सज्जादानशीन कौंसिल के अध्यक्ष सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने वक्फ एक्ट संशोधन का समर्थन किया है। चिश्ती ने कहा कि देश के कुछ मुस्लिम नेता झूठ बोल रहे है कि संशोधन के बाद मस्जिदें और धार्मिक स्थल छीन लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने जब संशोधन प्रस्ताव बनाए तब उनकी भी राय ली गई थी। संशोधन में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है, जिससे वक्फ संपत्तियों पर मुसलमानों का हक कम होता हो। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में वक्फ संपत्तियों का कुछ लोग दुरुपयोग कर रहे है। यहां तक कि गलत तरीकों से वक्फ की संपत्तियों को बेचा जा रहा है। संशोधन के बाद संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन हो जाएगा और बिना वैधानिक अनुमति के कोई संस्था वक्फ संपत्तियों को नहीं बेच सकेगी। चिश्ती ने कहा कि नया कानून बनने से वक्फ संपत्तियां सुरक्षित हो जाएगी। संपत्तियों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग होगा और जो इनकम होगी, उसे गरीब मुसलमानों परखच्र किया जा सकेगा। मौजूदा समय में वक्फ संपत्तियों से मामूली इनकम हो रही है जसके हिसाब किताब में पारदर्शिता भी नहीं है। वहीं दरगाह के खादिमों की संस्था अंजुमन सैयद जादगान के सचिव सरवर चिश्ती ने एक्ट में संशोधन का विरोध किया है। उन्होंनक हा कि सरकार की मंशा वक्फ संपत्तियों को अपने कब्जे में लेने की है।
S.P.MITTAL BLOGGER (01-04-2025)
Website- www.spmittal.in
Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog
Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11
Blog- spmittal.blogspot.com
To Add in WhatsApp Group- 9166157932
To Contact- 9829071511
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment