राजस्थान में शहरी निकाय और पंचायती राज का चुनाव कांग्रेस ठेके पर लड़ेगी?
चार उम्मीदवारों को जिताने की गारंटी देने वाले नेता को टिकट दिया जाए-रंधावा, प्रदेश प्रभारी।
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राजनीति में अब तक तो यह सुना जाता था कि जिताऊ व्यक्ति को उम्मीदवार बनाया जाए। इस कथन में कोई बुराई भी नहीं है लेकिन 17 अगस्त को राजस्थान में कांग्रेस के प्रभारी महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा ने शहरी निकाय और पंचायती राज चुनाव के मद्देनजर जीत का नया फॉर्मूला प्रस्तुत किया है। रंधावा ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से कहा कि चुनाव में ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया जाए तो चार अन्य उम्मीदवार को जिताने की गारंटी दे। यदि एक नेता अपने साथ चार अन्य उम्मीदवारों को जीत दिलवाएगा तो कांग्रेस को कोई हरा नहीं सकता। यदि प्रदेश में रंधावा का यह फार्मूला लागू होता है तो फिर शहरी निकायों में ऐसे नेता को पार्षद का टिकट दिया जाएगा जो अपने आस पास के चार अन्य उम्मीदवारों को भी जितवाने की गारंटी देगा। हो सकता है कि ऐसा नेता चार वार्डों में अपने पसंद के व्यक्ति को उम्मीदवार बनाए। यही फार्मूला जिला परिषद और पंचायत समितियों के वार्डों में भी लागू हो सकता है। हालांकि डोटासरा ने रंधावा के फार्मूले पर कोई टिप्पणी नहीं की है, क्योंकि राजस्थान की राजनीति में दोनों प्रमुख दलों में ऐसी कोई परंपरा नहीं है कि जीत का ठेका एक व्यक्ति को दे दिया जाए। मालूम हो कि रंधावा पंजाब में कांग्रेस के नेता है और अगले वर्ष पंजाब में विधानसभा के चुनाव होने हैं। पंजाब में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने जो रणनीति बनाई है उससे रंधावा खुश नहीं है। पंजाब में खुद रंधावा असंतुष्ट नेता की भूमिका में है। सवाल उठता है कि जो नेता अपने गृह प्रदेश में असंतुष्ट हो, वह राजस्थान में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में एकजुटता की बात कैसे कर सकता है?
S.P.MITTAL BLOGGER ( 18-08-2026)
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