Wednesday, 23 October 2024

जब जेपीसी की बैठक में कांच की बोतल तोड़ी जा रही है तो फिर संसद में वक्फ एक्ट में संशोधन पर बहस के दौरान होने वाली हिंसा का अंदाजा लगाया जा सकता है।गलती के लिए तिरंगे के सामने भारत माता की जय बोलने की सजा मिली। पर किसी ने भी सर तन से जुदा की बात नहीं कही।

देश में वक्फ एक्ट में संशोधन के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने संयुक्त संसदीय समिति बनाई है। इस समिति की बैठक 22 अक्टूबर को हुई, लेकिन इस बैठक में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के सांसद कल्याण बनर्जी ने गुस्सा दिखाते हुए कांच की बोतल समिति के अध्यक्ष भाजपा के जगदंबिका पाल की टेबल पर फोड़ दी। अचानक हुई इस घटना से जगदंबिका पाल भौचक्के रह गए। जब समिति के वरिष्ठ सदस्य निशिकांत दुबे ने विरोध किया तो कल्याण बनर्जी ने कांच के टुकड़े हाथ से उठाने का प्रयास किया, लेकिन तभी कांच चुभने से अंगूठे से खून आ गया। खून को देखते हुए अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम पार्टी के सांसद संजय सिंह और एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी, बनर्जी को प्राथमिक इलाज के लिए ले गए। कल्याण बनर्जी ने जेपीसी की बैठक में जो गुस्सा दिखाया उससे सवाल उठता है कि जब संसद में वक्फ एक्ट संशोधन के प्रस्ताव पर बहस होगी तो हिंसा कैसी हो सकती है? सब जानते हैं कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की राजनीति मुस्लिम वोटों पर ही टिकी हुई है। ऐसे में टीएमसी वक्फ एक्ट में कोई संशोधन नहीं चाहती है। जबकि रिकॉर्ड बताता है कि कब्जे वाली भूमि पर वक्फ बोर्ड के मालिकाना हक के कागजात ही नहीं है। वक्फ बोर्ड के पास अनाधिकृत तौर पर करोड़ों बीघा भूमि है। कांग्रेस के शासन में बने इस एक्ट में सिर्फ मुस्लिम प्रतिनिधियों को ही बोर्ड का सदस्य बनाया गया है। नए संशोधन में वक्फ संपत्तियों के मालिकाना हक के दस्तावेज की बात कही गई है तथा बोर्ड में कलेक्टर, सांसद और क्षेत्र के विधायक को बोर्ड का सदस्य मनोनीत करने का प्रस्ताव है। किसी संस्ािा के पास जो भूमि है उसकी जांच पड़ताल और मालिकाना हक के कागजात मांगने पर किसी को कोई भी ऐतराज नहीं होना चाहिए। लेकिन जो राजनीतिक दल मुस्लिम वोटों से सत्ता हासिल कर रहे हैं वे वक्फ बोर्ड एक्ट में कोई संशोधन नहीं चाहते। मालूम हो कि देश में सेना और रेलवे के बाद सबसे ज्यादा भूमि वक्फ बोर्ड के पास है।

सर तन से जुदा की बात नहीं:
मध्यप्रदेश के भोपाल के निकट सिमरोल पुलिस थाने पर 22 अक्टूबर को मुस्लिम युवक फैजान खान ने तिरंगे के सामने भारत माता की जय का नारा लगाया। फैजान ने यह नारा अदालत के आदेश के अनुरूप लगाया। फैजान पर देश विरोधी कृत्य करने के गंभीर आरोप है। अदालत ने जमानत देते हुए कहा कि फैजान को सजा के बतौर भारत माता की जय के नारे लगाने होंगे। इसे भारत की न्यायपालिका का एक अच्छा उदाहरण कहा जाएगा कि देश विरोधी बात कहने वालों को भी माफ दे दी जाती है। किसी भी नागरिक ने सर तन से जुदा की बात नहीं कही। भारत की सनातन संस्कृति में भी पश्चाताप को ही सबसे बड़ी समा जानी गई है। 

S.P.MITTAL BLOGGER (23-10-2024)
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