Friday, 4 September 2026

राजनीति में मित्रता कोई मायने नहीं रखती। यह बात अजमेर में पूर्व मेयर धर्मेन्द्र गहलोत की विधायक देवनानी के विरुद्ध बयानबाजी और भाजपा नेता सुरेंद्र सिंह शेखावत के ओडियो से प्रदर्शित होती है। अजमेर की बेटी नीना अग्रवाल उदयपुर के चुनावी मैदान में। ============== मुझे अच्छी तरह ध्यान है, कुछ वर्ष पहले मैं, भाजपा के विधायक वासुदेव देवनानी और तब अजमेर के मेयर धर्मेन्द्र गहलोत एक ही वाहन में सवार होकर निकटवर्ती राजगढ़ स्थित मसाणिया भैरव धाम से लौट रहे थे, तभी देवनानी और गहलोत के बीच मित्रता की मजबूत की बात चली। तब दोनों एक स्वर से कहा, हम दोनों की दोस्ती को कोई नहीं तोड़ सकता। देवनानी ने कहा, भाजपा के एक वरिष्ठ नेता चाहते हैं कि हम दोनों की दोस्ती टूट जाए। लेकिन हम दोनों में इतनी अच्छी समझदारी है कि हम कभी भी अलग नहीं हो सकते। लेकिन आज वहीं धर्मेन्द्र गहलोत देवनानी को लेकर खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं। हालांकि देवनानी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है, लेकिन गहलोत आए दिन देवनानी के विरुद्ध जहर उगल रहे हैं। देवनानी को राजनीतिक मात देने के लिए गहलोत ने अपनी पत्नी हेमा गहलोत को अजमेर नगर निगम के वार्ड संख्या चार से निर्दलीय उम्मीदवार भी बना दिया है। गहलोत की इस लड़ाई में कांग्रेस भी शामिल हो गई है। कांग्रेस ने यहां से अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। यानी अब देवनानी को मात देने के लिए गहलोत और कांग्रेस मिलकर लड़ाई लड़ रहे हैं। वार्ड संख्या 4 का महत्व इसलिए है कि इसी वार्ड में भाजपा विधायक और विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी मतदाता है। हालांकि देवनानी ने वार्डों के परिसीमन के समय ही ऐसी रणनीति बना ली थी कि इस वार्ड से भाजपा के उम्मीदवार की ही जीत होगी। लेकिन धर्मेन्द्र गहलोत ने अब राजनीति में अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया है। देवनानी के विरुद्ध गहलोत जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उससे जाहिर है कि राजनीति में मित्रता कोई मायने नहीं रखती है। अजमेर की भाजपा की राजनीति में धर्मेन्द्र गहलोत का इसलिए महत्व है कि वे दो बार अजमेर के मेयर रहे हैं। वर्ष 2015 में तो गहलोत देवनानी के प्रयासों के ही मेयर बन पाए थे। नगर निगम के चुनावों की सरगर्मियों के बीच ही अजमेर के पूर्व सभापति और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र सिंह शेखावत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में शेखावत वार्ड संख्या 59 की कांग्रेस उम्मीदवार श्रीमती बबीता के पति श्रवण से संवाद कर रहे हैं। इस संवाद में श्रवण लाल यह स्वीकार कर रहे हैं कि शेखावत से उनके पुराने रिश्ते हैं और वे आज भी शेखावत का मान सम्मान करते हैं। यदि उन्हें पता होता कि वार्ड संख्या 59 से शेखावत की पत्नी श्रीमती मधु शेखावत भाजपा की उम्मीदवार होंगी तो वे अपनी पत्नी को चुनाव नहीं लड़वाते। श्रवण लाल लाचारी के साथ कह रहे हैं कि अब उनकी पत्नी को कांग्रेस का टिकट मिल गया है। इसलिए वे मजबूरी में चुनाव लड़ रहे हैं। श्रवण लाल और सुरेंद्र सिंह शेखावत के संवाद से साफ जाहिर है कि राजनीति में मित्रता कोई मायने नहीं रखती है। श्रवण लाल ने अब शेखावत के समर्थक जितेंद्र अरोड़ा के विरुद्ध पुलिस में भी रिपोर्ट दर्ज करवा दी है। इस रिपोर्ट में अरोड़ा पर डराने और धमकाने का आरोप लगाया है। मालूम हो कि शेखावत की पत्नी भी मेयर पद की प्रबल दावेदार है। अजमेर की बेटी नीना अग्रवाल उदयपुर के चुनावी मैदान में: अजमेर के प्रमुख कारोबारी रहे स्वर्गीय नारायण गर्ग की पुत्री नीना अग्रवाल उदयपुर नगर निगम के वार्ड संख्या 29 से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं। नीना अग्रवाल के भाई सिविल लाइन ओंकार नगर निवासी अमित गर्ग ने बताया कि उनकी बहन की पढ़ाई लिखाई अजमेर में ही हुई। बहन का परिवार कांग्रेस से जुड़ा हुआ है, इसलिए उदयपुर में वार्ड पार्षद का चुनाव नीना अग्रवाल लड़ रही है। नीना का विवाह ओम प्रकाश अग्रवाल के पुत्र शरद अग्रवाल से हुआ है। नीना अग्रवाल की उम्मीदवारी की और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 7297059529 पर अमित गर्ग से ली जा सकती है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 03-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

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