Friday, 4 September 2026
फिल्म हनुमान अंश पर हो गई नीम करौली बाबा की कृपा।
नेत्रहीन सुनील का भजन-मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डाल दी, भी सुपरहिट हुआ।
दो करोड़ के बजट वाली फिल्म ने अब तक 50 करोड़ कमाएं।
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पिछले दिनों जब फिल्म हनुमान अंश रिलीज हुई तो अधिकांश सिनेमाघर खाली पड़े रहे। फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी को उम्मीद थी कि हिन्दुओं के आराध्य देव हनुमानजी पर बनी फिल्म लोकप्रिय होगी, लेकिन जब अपेक्षा के अनुरूप फिल्म नहीं चली तो निर्देशक चतुर्वेदी ने उत्तराखंड में नैनीताल के निकट बने कैंची धाम में नीम करौली बाबा से प्रार्थना की। असल में यह फिल्म नीम करौली बाबा के जीवन पर ही आधारित है। निर्देश की प्रार्थना के बाद फिल्म पर ऐसी कृपा हुई कि पिछले दस दिनों में यह फिल्म सुपरहिट हो गई। अब सभी सिनेमाघर में उम्मीद से ज्यादा दर्शक हे। भारतीय सनातन संस्कृति में आस्था रखने वाला हर व्यक्ति फिल्म हनुमान अंश को देखने के लिए उत्सुक हे। 2 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म ने अब तक 50 करोड़ से भी ज्यादा की कमाई कर ली है। हनुमान अंश के मुकाबले में बड़े बजट वाली कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर धाराशायी हो गई। फिल्म उद्योग में जब इसे नीम करौली बाबा का चमत्कार ही माना जा रहा है कि 2 करोड़ के बजट वाली फिल्म सुपरहिट हो रही है। उल्लेखनीय है कि नीम करौली बाबा भी हनुमान जी के ही भक्त थे। 17 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने घर परिवार त्याग कर अध्यात्म की राह पकड़ ली थी। उन्होंने जिस स्थान पर अधिक समय गुजारा वही पर आज कैंची धाम (नैनीताल के निकट) बना हुआ है। चूंकि इस धाम को दो पहाड़ों के बीच बनाया गया है,इसलिए इसका नाम कैंची धाम रखा गया है। यही पर नीम करौली बाबा की प्रतिमा भी है। प्रतिमा के दर्शन के लिए प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु कैंची धाम आते हैं। यह बात अलग है कि 11 सितंबर 1973 को अपना शरीर वृंदावन में त्यागा था। वृंदावन में बाबा का समाधि स्थल है। देश ही नहीं दुनिया के बड़े लोग बाबा के अनुयायी है।
नेत्रहीन सुनील भी हिट हुआ:
हनुमान अंश फिल्म में एक भजन नेत्रहीन गायक सुनील का भी है। सुनील बुंदेलखंड का रहने वाला है और उसने कुछ माह पहले अपना एक भजन मोबाइल पर रिकॉर्ड किया। यह भजन जब सोशल मीडिया पर चला तब निर्देशक विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश का निर्माण कर रहे थे। सुनील के भजन से प्रभावित होकर चतुर्वेदी ने सुनील को बुलाया और उसके भजन की रिकॉर्डिंग स्टूडियो में करवाई। सुनील का यह भजन मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डाल दी, जब फिल्म के माध्यम से लाखों लोगों तक पहुंचा तो नेत्रहीन सुनील भी रातों रात सुपरहिट हो गया। अपनी लोकप्रियता से उत्साहित सुनील का कहना है कि उसने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन इतनी प्रसिद्धि मिलेगी। सुनील भी इसे नीम करौली बाबा की कृपा मानते हैं। हिन्दी फिल्म उद्योग के विशेषज्ञ स्वीकार कर रहे है कि हनुमान अंश पर नीम करोली बाबा की कृपा हो गई है। यह भारत की आध्यात्मिक शक्ति का सबूत भी है। यहां यह उल्लेखनीय है कि 1975 में जय संतोषी मां फिल्म भी इसी तरह लोकप्रिय हुई थी। तब सिनेमा घरों में पूजा पाठ तक होने लगी थी। अब 50 वर्ष बाद एक बार फिर सिनेमा घरों में भारत के आध्यात्म की गूंज हो रही है।
S.P.MITTAL BLOGGER ( 03-09-2026)
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