Friday, 4 September 2026

गायों के चारे के लिए गौशालाओं में ही दान करें, ताकि औरंगजेब की विचारधारा के लोग लाभ न उठा सके। ममता शासन खत्म होने के बाद ही पश्चिम बंगाल में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की कथा हो सकी। धर्म बदलने वालों की घर वापसी होगी। ================= इतिहास गवाह है कि आक्रमणकारी मुगल औरंगजेब ने भारत में सनातन धर्म को नष्ट करने के लिए अधिकांश मंदिरों को तोड़ा। न केवल मंदिर तोड़े गए बल्कि मंदिर परिसर में ही अपने धर्म की इमारत खड़ी की गई। इन इमारतों के निर्माण में मंदिर के भवनों के मलबे को ही काम में लिया गया। देशवासियों ने 4 सितंबर को ही भगवान कृष्ण का जन्मदिन मनाया, लेकिन मथुरा वृंदावन में भगवान कृष्ण की जन्मस्थली का विवाद आज भी बना हुआ है। जिस औरंगजेब ने कृष्ण के मंदिर को तोड़ा, उसी औरंगजेब के अनुयायी आज भी सक्रिय है। सब जानते हैं कि भगवान कृष्ण को गायों से असीम प्रेम रहा। बचपन में कृष्ण गायों को चराने का ही काम करते थे, इसलिए उन्हें ग्वाला यानी गोपालक भी कहा गया। भगवान कृष्ण ने गायों के संरक्षण की जो प्रेरणा दी उसका पालन सनातन धर्म के अनुयायी आज भी कर रहे है। करोड़ों सनातनी प्रतिदिन गायों को हरा चारा खिलाते हैं। यही वजह है कि हरे चारे के कारोबार में अब औरंगजेब के अनुयायी भी शामिल हो गए है। सवाल उठता है कि जिस औरंगजेब ने मथुरा में भगवान कृष्ण के मंदिर को तोड़ा क्या उसके अनुयायियों के मन में गौमाता के प्रति कोई आस्था होगी? अच्छा हो कि सभी सनातनी गायों के लिए चारे का दान निकटवर्ती गौशाला में ही करे। गौशालाओं में बीमार गाय भी रहती है। चारे के दान से बीमार गायों का इलाज भी करवाया जा सकता है। यानी दानदाता को डबल पुण्य प्राप्त होगा। गायों के लिए गौशालाओं में ही दान किया जाए इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। कोलकाता में धीरेंद्र शास्त्री की कथा: 4 सितंबर को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री की तीन दिवसीय हनुमंत कथा पश्चिम बंगाल के कोलकाता में शुरू हुई। कथा के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे। कथा के शुभारंभ में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, वे पिछले कुछ वर्षों से बंगाल में कथा करने को उत्सुक थे, लेकिन ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री रहते हुए बंगाल में उनकी हनुमंत कथा के आयोजन को स्वीकृति नहीं दी। लेकिन अब जब बंगाल से ममता का शासन खत्म हो गया है, तब मेरी कथा हो सकी है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ममता बनर्जी के शासन में सनातन धर्म की स्थिति कैसी थी? और अब जब शुभेंदु अधिकारी भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री बन गए है, तब सनातन धर्म की स्थिति कैसी है। मेरी हनुमंत कथा होने से पता चलता है कि अब पश्चिम बंगाल में सनातन धर्म की लहर चल रही है। इस कथा में सीएम शुभेंदु ने कहा आज सबसे ज्यादा खुशी मुझे हो रही है। ममता बनर्जी के शासन में जब धीरेंद्र शास्त्री की कथा की अनुमति नहीं दी गई, तब मैंने संकल्प लिया था कि एक दिन कोलकाता में धीरेंद्र शास्त्री जी की कथा करवाऊंगा। आज मेरा संकल्प पूरा हो चुका है। धीरेंद्र शास्त्री अब पश्चिम बंगाल में किसी भी स्थान पर हनुमंत कथा कर सकते हैं। घर वापसी: हनुमंत कथा में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, ममता बनर्जी के शासन में पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में धर्म परिवर्तन हुआ। मैं अब उम्मीद करता हंू कि शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री रहते हुए घर वापसी भी होगी। बंगाल में अब बाबर का नहीं रघुवीर का नारा चलेगा। बंगाल अब भगवामय होकर सनातन धर्म का परचम लहराएगा। S.P.MITTAL BLOGGER ( 05-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

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