Thursday, 16 July 2026

मानसून के धोखा दे देने से अजमेर के आनासागर में मछलियां मर रही है। यदि तीन फीट पानी की निकासी नहीं की जाती तो आनासागर से अचानक निकलने वाले पानी से शहर भर में मुसीबत होती। कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन अपनी जगह है। ============== अजमेर शहर के बीचों बीच बने आनासागर में इन दिनों हजारों मछलियां प्रतिदिन मर रही है। इसका कारण आनासागर में पानी की कमी होना है। असल में मानसून को देखते हुए प्रशासन ने आनासागर से तीन फीट पानी की निकासी कर दी। प्रशासन को उम्मीद थी कि मानसून की बरसात का पानी आनासागर में आ जाएगा, लेकिन इस बार मानसून ने धोखा दे दिया। बरसात का पानी नहीं आने के कारण आनासागर सूखा रह गया और अब मछलियां मर रही है। लेकिन सवाल उठता है कि यदि बरसात से पूर्व आनासागर को खाली नहीं किया जाता और बरसात का पानी आ जाता, तब उत्पन्न होने वाले हालातों का कौन जिम्मेदार होता? आनासागर का ओवरफ्लो पानी एस्केप चैनल के जरिए शहर से होकर ही निकलता है। प्रतिवर्ष एस्केप चैनल के ओवरफ्लो होने से शहर भर के लोगों को परेशानी होती है। दक्षिण क्षेत्र की निचली बस्तियों में तो एस्केप चैनल का पानी भर ही जाता है, साथ ही शहर के प्रमुख मार्ग भी बंद हो जाते हैं। प्रमुख मार्ग कई दिनों तक बंद रहते हैं। गत वर्ष भी बरसात के दिनों में शहर के लोगों ने आनासागर के पानी से उत्पन्न हुई परेशानियों को झेला था। गत वर्ष की तरह शहरवासियों को परेशानी न हो इसको देखते हुए ही प्रशासन ने मानसून से पहले आनासागर को तीन फीट खाली कर दिया, लेकिन मानसून ने धोखा दे देने से आनासागर खाली रह गया। अब उन स्थानों पर मछलियां मर रही है, जहां पानी की कमी है या जमीन पूरी तरह सूख गई है। मछलियों के मरने से दुर्गंध का माहौल है। जिला कलेक्टर लोकबंधु के निर्देश पर नगर निगम के सफाई कर्मियों आनासागर से मरी मछलियों को उठाने का काम कर रहे हैं। निगम के अधीक्षण अभियंता मनोहर सोनगरा ने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में मृत मछलियों का निस्तारण किया जा रहा है। इसके साथ ही आनासागर में चूना डाला जा रहा है ताकि पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बनी रहे, सोनगरा ने कहा कि बरसात का थोड़ा पानी आते ही मछलियों के मरने का सिलसिला बंद हो जाएगा। उन्होंने बताया कि आनासागर में वर्षभर पानी का स्तर बना रहता है, क्योंकि आसपास की कॉलोनियों के पानी को शुद्ध कर आनासागर में डाला जाता है। इसके लिए आनासागर के भराव क्षेत्र में 13 एमएलडी पानी की क्षमता वाला ट्रीटमेंट प्लांट लगा रखा है। विरोध अपनी जगह: आनासागर में मछलियों के मरने को लेकर 16 जुलाई को शहर कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया गया। चूंकि कांग्रेस विपक्ष में है, इसलिए उसे विपक्ष का धर्म निभाना चाहिए। लोकतंत्र में विपक्ष को शासन प्रशासन की खामियों की आलोचना करने का अधिकार है। विपक्ष के विरोध का भी प्रशासन पर असर होता है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 17-07-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

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