Saturday, 10 June 2017

अनादि सरस्वती के प्रवचनों से प्रभावित हुई फ्रांस की राजकुमारी ईसाबेल। बैंकाक में बह रही है हिन्दू धर्म की गंगा।
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अजमेर स्थित चिति संधान योग की अधिश्ठात्री एवं आध्यात्मिक गुरु स्वामी अनादि सरस्वती 9 जून से चार दिवसीय दौरे पर थाईलैण्ड के बैंकाक में हैं। इस दौरान स्वामी अनादि बैंकाक स्थित विष्णु मंदिर में दिव्य जीवन निर्माण विषय पर प्रवचन भी दे रही हंै। 9 जून को फ्रांस की राजकुमारी ईसाबेल ने भी प्रवचन में भाग लिया। अनादि सरस्वती के प्रवचनों से राजकुमारी ईसाबेल बेहद प्रभावित हुईं। उन्होंने अनादि सरस्वती को फ्रांस में भी प्रवचन देने के लिए आमंत्रित किया। ईसाबेल का कहना रहा कि भारत की सनातन संस्कृति सामाजिक दृष्टि से बेहद ही प्रभावी और सुंदर है। इससे पहले अनादि सरस्वती ने कहा कि जो व्यक्ति संघर्ष की राह चलता है वहीं संसार को बदलता है। जिसने रातों से जंग जीती है वह सूर्य बनकर निकलता है। जीवन में आगे बढऩे और उन्नति के अवसरों का लाभ तभी मिलता है जब जीवन में आध्यात्म का भाव हो। कथा सुनने से जीवन के कष्ट दूर होते है और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा मिलने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। अनादि सरस्वती ने अजमेर से लाई गई धर्मध्वजा को बैंकाक के विष्णु मंदिर पर स्थापित भी किया।

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