Wednesday, 18 February 2015

तो क्या देश के पीएम पहनने के कपड़े भी गिफ्ट में लेते हैं

तो क्या देश के पीएम पहनने के कपड़े भी गिफ्ट में लेते हैं
सवाल यह नहीं है कि पीएम नरेन्द्र मोदी के सूट की नीलामी से जो करोड़-दो करोड़ रुपए की राशि प्राप्त होगी, उसे गंगा नदी की सफाई के कार्य पर खर्च किया जाएगा, सवाल यह है कि क्या हमारे देश के पीएम अपने पहनने के कपड़े भी गिफ्ट में लेते हैं? सब जानते है कि पीएम मोदी ने अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की यात्रा के दौरान जो ब्ल्यू रंग का सूट पहना था, उसकी नीलामी 18 फरवरी से गुजरात के सूरत शहर में हो रही है। चूंकि यह सूट पीएम मोदी ने पहना है, इसलिए उम्मीद की जा रही है कि करोड़ -दो करोड़ रुपए में यह सूट बिक ही जाएगा। इस सूट के साथ वो सामग्री भी नीलाम हो रही है, जो समय-समय पर नरेन्द्र मोदी को उपहार में मिलती रही है। मोदी इससे पहले भी उपहार में मिली वस्तुओं की नीलामी करवाते रहे हैं। प्राप्त राशि को सामाजिक कार्य पर ही खर्च किया जाता है। मोदी की यह परंपरा सराहनीय है, लेकिन बेशकीमती सूट की नीलामी पर कई सवाल उठ रहे हैं। 18 फरवरी को जब सूरत में नीलामी शुरू हुई तो सूट को गिफ्ट करने वाले रमेश भाई भी मीडिया के सामने आ गए। रमेश भाई ने साफ कहा कि मोदी से उनके पारिवारिक रिश्ते हैं और उनके इंजीनियर पुत्र ने अपने विवाह के उपलक्ष में मोदी को सूट गिफ्ट किया है। रमेश भाई ने यह भी बताया कि सूट पर नरेन्द्र दामोदर दास मोदी भी लिखा गया है, जिसमें सोने का धागा काम में आया है। रमेश भाई इंग्लैंड और अन्य देशों में हीरे का कारोबार करते हैं। आम तौर पर पीएम को सार्वजनिक कार्यक्रमों में उपहार मिलते हैं, जिसकी जानकारी सभी को होती है। यहां तक कि पीएम सचिवालय में प्राप्त उपहारों की सूची भी बनाई जाती है, लेकिन हीरा व्यवसायी रमेश भाई ने मोदी को पहनने के लिए जो सूट दिया वह किसी सार्वजनिक समारोह में नहीं, बल्कि पारिवारिक संबंधों के कारण दिया गया। मोदी आज सफलता के जिस मुकाम पर खड़े हैं, उसमें कोई भी कारोबारी बड़े से बड़ा उपहार दे सकता है। लेकिन यह देश के पीएम को तय करना है कि वे किस से उपहार लें या नहीं। मोदी ने जब यह सूट हीरा व्यवसायी रमेश भाई से लिया, तब देश की जनता को यह नहीं बताया कि यह सूट उपहार में लिया गया है। मोदी को यह सूट उपहार में मिला है, इसकी जानकारी 18 फरवरी को तभी हुई जब सूरत में सूट को नीलामी के लिए रखा गया। सवाल उठता है कि मोदी ने इस सूट की इतनी जल्दी नीलामी क्यों करवा दी? मोदी ने इस सूट को गत 25 जनवरी को पहना था। यानि मात्र 25 दिनों में ही उस सूट की नीलामी हो गई, जिसका कपड़ा इंग्लैंड में तैयार हुआ था। साफ जाहिर है कि सूट को लेकर मोदी को आलोचना का सामना करना पड़ रहा था। विरोधियों का मुंह बंद करने के लिए ही सूट की नीलामी फटाफट करवा दी गई। भले ही मोदी ने एक बार पहने हुए सूट को नीलाम करवा दिया हो, लेकिन अब इस बात का जवाब तो देना ही होगा कि क्या देश के पीएम अपने पहनने के कपड़े भी उपहार में स्वीकार करते हैं। देश में ऐसे लाखों लोग मिल जाएंगे जो अपने बेटे के विवाह के उपलक्ष में देश के पीएम को सूट के साथ-साथ  टाई, घड़ी, सोने की चैन, जूते-मौजे आदि सामग्री भी देने को तैयार हैं। यह माना की सूट के इस प्रकरण में नरेन्द्र मोदी के मन में कोई बेईमानी नहीं है, लेकिन चाय वाले से देश के पीएम बने मोदी से हर पल नैतिकता की उम्मीद की जाती है। अच्छा होता कि पीएम मोदी किसी चाय वाले के बेटे के विवाह में उपस्थित होते और लड़की वालों से शगुन के रूप में सौ रुपए का लिफाफा प्राप्त करते। यदि नरेन्द्र मोदी जैसा व्यक्ति हीरा कारोबारियों से लाखों रुपए की कीमत का सूट उपहार में लेगा,तो अंगुलियां तो उठेंगी ही। अब यदि मोदी के मंत्री और बड़े प्रशासनिक अधिकारी अपने कारोबारी मित्रों से लाखों रुपए के गिफ्ट लेंगे, तो क्या पीएम की हैसियत से मोदी रोक पाएंगे? पकड़े जाने पर यह मंत्री अधिकारी भी कह सकते हैं कि हम तो इस उपहार को नीलाम कर देंगे और जो राशि प्राप्त होगी उसे प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करवा देंगे।
(एस.पी. मित्तल)(spmittal.blogspot.in) M-09829071511

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