Wednesday, 18 February 2015

सवाईसिंह चौधरी की आयोग अध्यक्ष पद पर नियुक्ति अटकी

सवाईसिंह चौधरी की आयोग अध्यक्ष पद पर नियुक्ति अटकी
राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के पद पर सवाईसिंह चौधरी की नियुक्ति अटक गई है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 16 फरवरी को चौधरी की नियुक्ति पर सहमति प्रकट कर दी थी। इसके बाद ही यह माना गया कि अब नियुक्ति हो जाएगी। चूंकि सहमति के बाद चौधरी ने भी स्वयं को आयोग का अध्यक्ष मानते हुए अखबारों में इंटरव्यू तक दे दिए। 17 फरवरी के अखबारों में चौधरी के जो इंटरव्यू छपे उसमें कहा गया कि आयोग के बिगड़े हालात सुधारे जाएंगे, लेकिन तीन दिन गुजर जाने के बाद भी राज्यपाल कल्याण सिंह ने नियुक्ति के आदेश जारी नहीं किए है। अब कहा जा रहा है कि राज्य सरकार की ओर से चौधरी की नियुक्ति की फाइल राज्यपाल के पास भेजी ही नहीं गई है। असल में जब चौधरी की नियुक्ति के बारे में प्रभावशाली राजनेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों को पता चला तो सभी ने सीएम राजे पर पुन: विचार का दबाव डाला। सबसे बड़ा तर्क दिया कि सवाई सिंह चौधरी आरपीएस से पदोन्नत होकर आईपीएस बने हैं और अभी जयपुर स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय में उपायुक्त हैं, जबकि इधर आयोग का ढर्रा पूरी तरह बिगड़ा हुआ है। ऐसे में किसी ईमानदार छवि और अनुशासन प्रिय उच्चाधिकारी को नियुक्त किया जाए। आरपीएस से पदोन्नत होकर आईपीएस बने अधिकारी के अध्यक्ष बनने का हाल पिछले दिनों देखा जा चुका है। हबीब खान गौराण के अध्यक्ष के कामकाज को लेकर अब एसओजी, एसीबी जांच कर रही हैं। वसुंधरा राजे ने गत विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में आयोग और गौराण का मुद्दा बार-बार उठाया था, अब यदि राजे ने भी कांग्रेस राज की तरह आयोग के अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति की तो फिर कोई अंतर नहीं आएगा। एक ओर सीएम के समक्ष सवाई सिंह चौधरी का नकारात्मक पक्ष रखा गया है, तो वहीं दूसरी ओर वर्तमान डीजीपी औमेन्द्र भारद्वाज का सकारात्मक पक्ष मजबूती के साथ रखा गया। भारद्वाज की छवि न केवल ईमानदार मानी जाती है, बल्कि उन्हें सख्त पुलिस अधिकारी भी माना जाता है। भारद्वाज के परिवार के सदस्यों को आरएसएस का बताकर कांग्रेस राज में उन्हें महत्त्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति नहीं दी गई। अब अनेक लोग भारद्वाज के साथ हुए भेदभाव की भी भरपाई करना चाहते हैं। इस बीच आयोग के अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति के मामले को प्रदेश के बहुचर्चित दरिया एनकाउंटर के मामले में हुए समझौते से जोड़कर भी देखा जा रहा है। सीएम पर चारों तरफ से जो दबाव बना उसकी वजह से ही फिलहाल सवाई सिंह चौधरी की नियुक्ति अटक गई है। वहीं चौधरी को अभी भी भरोसा है कि आयोग के अध्यक्ष पद पर उनकी नियुक्ति होगी।
(एस.पी. मित्तल)(spmittal.blogspot.in) M-09829071511

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