कांग्रेस के बंद और भाजपा के सफाई अभियान से क्या अजमेर के आनासागर के हालात सुधर जाएंगे?
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अजमेर में कांग्रेस के नेता गौरवान्वित है कि उन्होंने आनासागर की दुर्दशा के मुद्दे पर 23 जुलाई को अजमेर बंद करवा दिया। वहीं भाजपा के नेता इसलिए गौरवान्वित है कि उन्होंने 22 से 24 जुलाई तक तीन दिवसीय सफाई अभियान चलाकर आनासागर को स्वच्छ बना दिया। यानी दोनों ही राजनीतिक दलों ने स्वयं को आनासागर का सबसे बड़ा हमदर्द बताया। लेकिन सवाल उता है कि क्या अजमेर बंद और सफाई अभियान के बाद आनासागर के हालात सुधर जाएंगे? आनासागर की दुर्दशा के लिए भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराती है। यह तब है जब स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में आनासागर के संरक्षण पर करीब 50 करोड़ रुपए खर्च हो गया। इतनी राशि खर्च होने के बाद भी आनासागर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। जिस आनासागर की भराव क्षमता 16 फीट थी, उसे घटाकर 13 फीट कर दिया गया। और बरसात से पूर्व आनासागर का जलस्तर प्रतिवर्ष 10 फीट कर दिया जाता है। प्रतिवर्ष आनासागर में मछलियां मरती है। गत तीन वर्षों से मछली निकालने का ठेका भी नहीं दिया जा रहा। लाख कोशिश के बाद भी कुछ नालों का गंदा पानी आनासागर में गिर रहा है, जिसकी वजह से चारों तरफ दुर्गंध का माहौल है। अजमेर की जनता यह सवाल कर रही है कि आखिर आनासागर के हालात कब सुधरेंगे।
S.P.MITTAL BLOGGER ( 25-07-2026)
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अजमेर में कांग्रेस के नेता गौरवान्वित है कि उन्होंने आनासागर की दुर्दशा के मुद्दे पर 23 जुलाई को अजमेर बंद करवा दिया। वहीं भाजपा के नेता इसलिए गौरवान्वित है कि उन्होंने 22 से 24 जुलाई तक तीन दिवसीय सफाई अभियान चलाकर आनासागर को स्वच्छ बना दिया। यानी दोनों ही राजनीतिक दलों ने स्वयं को आनासागर का सबसे बड़ा हमदर्द बताया। लेकिन सवाल उता है कि क्या अजमेर बंद और सफाई अभियान के बाद आनासागर के हालात सुधर जाएंगे? आनासागर की दुर्दशा के लिए भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराती है। यह तब है जब स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में आनासागर के संरक्षण पर करीब 50 करोड़ रुपए खर्च हो गया। इतनी राशि खर्च होने के बाद भी आनासागर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। जिस आनासागर की भराव क्षमता 16 फीट थी, उसे घटाकर 13 फीट कर दिया गया। और बरसात से पूर्व आनासागर का जलस्तर प्रतिवर्ष 10 फीट कर दिया जाता है। प्रतिवर्ष आनासागर में मछलियां मरती है। गत तीन वर्षों से मछली निकालने का ठेका भी नहीं दिया जा रहा। लाख कोशिश के बाद भी कुछ नालों का गंदा पानी आनासागर में गिर रहा है, जिसकी वजह से चारों तरफ दुर्गंध का माहौल है। अजमेर की जनता यह सवाल कर रही है कि आखिर आनासागर के हालात कब सुधरेंगे।
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