Sunday, 25 January 2015

पुलिसकर्मियों को भी नहीं मिलेगी भोजन की सुविधा

पुलिसकर्मियों को भी नहीं मिलेगी भोजन की सुविधा
अजमेर की जिला कलेक्टर और निर्वाचन अधिकारी डॉ. आरूषि मलिक पहले ही पंचायती राज चुनाव में काम करने वाले अनेक कर्मचारियों और अधिकारियों को भोजन की सुविधा से वंचित कर चुकी हैं और अब मलिक के अधीन काम करने वाले अजमेर के डीएसओ सुरेश सिंधी ने 600 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आगामी 5 फरवरी को भोजन की सुविधा से वंचित कर दिया है। जिला पुलिस अधीक्षक ने जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आरूषि मलिक को एक पत्र लिखकर कहा था कि पंचायती राज चुनावों की मतगणना 5 फरवरी को इंजीनियरिंग कॉलेज पर होनी है। चूंकि कॉलेज के बाहर बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के समर्थक होंगे इसलिए सुरक्षा के लिए 600 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
पत्र में कहा गया कि 600 अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 5 फरवरी को सुबह चाय-नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात्रि का भोजन भी उपलब्ध करवाया जाए, लेकिन इस पत्र के जवाब में डीएसओ सिंधी ने लिख दिया है कि जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी मतगणना स्थल के बाहर है उन्हें प्रशासन की ओर से भोजन की सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई जा सकती यानि पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी 5 फरवरी को ड्यूटी तो देंगे लेकिन उन्हें भोजन नहीं मिलेगा। डीएसओ ने साफ किया है कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी मतगणना स्थल के अंदर है उन्हें ही भोजन की सुविधा मिलेगी। जिला प्रशासन के इस फरमान से अब पुलिस महकमा खफा है। इससे पहले भी चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को इंजीनियरिंग कॉलेज में भोजन की सुविधा नहीं दी गई थी। इस बार पंचायती राज के चुनाव 3 चरणों में हो रहे हैं। इसलिए तीन बार कॉलेज परिसर में शिविर लगाकर मतदान सामग्री का वितरण और फिर संग्रहण का कार्य हुआ। इससे पहले के चुनावों में प्रशासन की ओर से चुनाव ड्यूटी देने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को चाय-नाश्ता और दोनों समय के भोजन की सुविधा दी जाती रही है। पंचायती राज चुनाव में भी इस तरह की सुविधा अन्य जिलों में कर्मचारियों को मिल रही है, लेकिन अजमेर में सख्त प्रशासन के चलते कर्मचारी भोजन से वंचित हो रहा है।
(एस.पी. मित्तल)(spmittal.blogspot.in)

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