Sunday, 26 July 2026

 कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन में पीएम मोदी को गालियां। भद्दी गालियां बकने में लड़कियां भी शामिल।

गालियों वाले वीडियो को सोशल मीडिया के प्लेट फार्मों से हटाने के निर्देश।

सवाल-आखिर यह कौन सा मीडिया है? क्या राहुल-अखिलेश ऐसे मीडिया की निंदा करेंगे।
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नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी ने एक से 25 जुलाई तक दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया उसमें अनेक प्रदर्शनकारियों ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गालियां दी। गालियां बकने में लड़कियां भी शामिल रही। अश्लील और भद्दी गालियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों से ऐसे वीडियो को हटाने के निर्देश संबंधित संस्थाओं को दिए हैं। अब भी गालियों वाले वीडियो सोशल मीडिया से हट जाए, लेकिन यह वीडियो देश भर में घर घर तक पहुंच गए है। हर व्यक्ति के मोबाइल में गालियों वाला वीडियो है। चिंताजनक बात तो यह है कि जिन व्यक्तियों ने वीडियो नहीं देखा उसे भी ऐसे वीडियो दिखाए जा रहे है। मर्यादाओं के कारण प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ऐसी गालियां का उल्लेख न हुआ हो, लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से देश के 140 करोड़ लोगों तक यह वीडियो पहुंच चुका है। सवाल उठता है कि आखिर यह कौन सा मीडिया है जो देश के प्रधानमंत्री के लिए बकी गालियों को लोगों तक पहुंचा रहा है? सवाल ऐसे मीडिया पर नियंत्रण का नहीं है, बल्कि मर्यादा और नैतिकता का है। कोई लड़की मां बहन की गालियां बकने और फिर उस लड़की का वीडियो देशभर में वायरल हो तो यह हमारी सनातन संस्कृति के विरुद्ध भी है। सनातन संस्कृति में तो लड़की को देवी का स्वरूप माना गया है। नवरात्र में तो कन्या पूजन की परंपरा है। सनातन धर्म को मानने वाले नवरात्र में कन्याओं की पूजा करते हैं और उन्हें देवी का स्वरूप मानकर आशीर्वाद लेते है। सवाल उठता है कि कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन में शामिल जिन लड़कियों ने पीएम  मोदी को गालियां दी उन्हें सनातन संस्कृति में क्या माना जाए? भले ही देश विरोधी विचारधारा वाले लोग ऐसी गालियों को विचारों की स्वतंत्रता माने, लेकिन भारत की सनातन संस्कृति में गालियां बकने वाली लड़कियों का कोई स्थान नहीं है। सवाल यह भी है कि क्या कॉकरोच पार्टी की समर्थक कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव गालियां बकने वाली लड़कियों और वीडियो को प्रसारित करने वाले मीडिया की निंदा करेंगे? राहुल गांधी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस की कार्यवाही को तो प्रस्तुत करते हैं, लेकिन उन तत्वों की निंदा नहीं करते जो देश के प्रधानमंत्री को गालियां दे रहे है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव माने या नहीं, लेकिन देश के प्रधानमंत्री को गालियां देना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। सरकार को ऐसे मीडिया को नियंत्रित करने की जरूरत है जो देश विरोधी ताकतों के उद्देश्य को आगे बढ़ाता है। कॉकरोच पार्टी के नेताओं को भी उन तत्वों के खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए, जिन्होंने देश के प्रधानमंत्री को गालियां दी है। 


S.P.MITTAL BLOGGER ( 27-07-2026)

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