कलेक्टर ने कहा एडीए का अध्यक्ष मुझे बनाओ
अजमेर की जिला कलेक्टर डॉ. आरूषी मलिक ने कहा कि यदि अजमेर को स्मार्ट सिटी बनाना है तो अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) का अध्यक्ष मुझे बनाया जाए। अपनी इस मांग को लेकर डॉ. मलिक ने सीएम को बताया कि अजमेर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सरकार ने जिस कमेटी का गठन किया है, उसका अध्यक्ष एडीए के अध्यक्ष को बनाया गया है। इस समय एडीएस के अध्यक्ष के पद पर संभागीय आयुक्त धर्मेन्द्र भटनागर बैठे हैं। यानी भटनागर के पास वर्तमान में एक साथ तीन महत्वपूर्ण पदों का काम है। स्मार्ट सिटी के लिए सरकार ने अभी तक भी कोई गाइड लाइन नहीं दी है, लेकिन फिर भी भटनागर रोजाना जिला प्रशासन और जिले के प्रमुख विभागों के अधिकारियों की बैठकें करते हैं। इससे विभागों का तो काम प्रभावित हो ही रहा है साथ ही जिला प्रशासन के कामकाज पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। जो अधिकारी बैठक में उपस्थित नहीं होता है उससे भटनागर स्वयं टेलीफोन कर तबादले के बारे में कह देते हैं। अधिकारियों में भटनागर की वजह से दहशत का माहौल है। कई अधिकारियों ने अपनी पीड़ा से मुझे अवगत कराया है। भटनागर चाहते है कि मैं भी अजमेर कलेक्टर का कामकाज छोड़कर उनके साथ बैठकों में बैठी रहूं। इतना ही नहीं एडीए के अध्यक्ष की हैसियत से जमकर फिजूलखर्ची भी की जा रही है। 5-5 लाख रुपए की राशि पानी की तरह बहाई जा रही है। एडीए का जो पैसा कॉलोनियों में खर्च होना चाहिए उसे बेवजह फ्लॉवर शो, महोत्सव, अजमेर स्थापना दिवस आदि के नाम पर खर्च किया जा रहा है। एडीए का यदि कोई अधिकारी विरोध करता है तो उसे सस्पेण्ड करने की धमकी दी जाती है। कलेक्टर ने सीएम से कहा कि वे चाहे तो उनके कथन की पुष्टि अजमेर के भाजपा विधायकों से कर ले। डॉ. मलिक ने सीएम को सुझाव दिया कि जिला प्रशासन में सबसे महत्वपूर्ण पद कलेक्टर का ही होता है। इसलिए एडीए का अध्यक्ष और स्मार्ट सिटी के लिए बनी कमेटी का अध्यक्ष भी उन्हें बनाया जाए। प्रशासन में संभागीय आयुक्त के पास कोई अधिकार नहीं होते है। सारे अधिकार कलेक्टर के पास ही हैं। ऐसे में भटनागर स्मार्ट सिटी के लिए कोई प्रभावी भूमिका नहीं निभा पा रहे है। सीएम राजे ने कलेक्टर की बात को गंभीरता से सुना और धैर्य बनाए रखने की सलाह दी। सीएम ने कहा कि भटनागर डीसी के पद से सितम्बर में रिटायर हो जाएंगे और तब वे न तो एडीए और न ही स्मार्ट सिटी की कमेटी के अध्यक्ष रहेंगे। सितम्बर तक यदि आप (डॉ. मलिक) अजमेर की कलेक्टर बनी रही तो एडीए का अध्यक्ष बनाने पर विचार किया जाएगा। सीएम ने कहा कि होली के मौके पर बुरा मानने की कोई बात नहीं है। होली का पर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा। इस खबर को भी बुरा न मानो होली है के माहौल में ही समझा जाए।
(एस.पी. मित्तल)(spmittal.blogspot.in) M-09829071511
Wednesday, 4 March 2015
कलेक्टर ने कहा एडीए का अध्यक्ष मुझे बनाओ
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