Tuesday, 15 September 2026
28 में से 21 राज्यों में लोकसभा चुनाव से पहले समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी।
अनुच्छेद 370 और अयोध्या में राम मंदिर के बाद संघ भाजपा का बड़ा काम।
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि भाजपा शासित सभी 21 राज्यों में वर्ष 2029 तक समान नागरिक संहिता यूसीसी लागू हो जाएगी। मालूम हो कि 2029 में लोकसभा के चुनाव होने है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का प्रयास है कि अगले चुनाव से पहले पहले भाजपा शासित राज्यों में यूसीसी लागू हो जाए। अभी गोवा, उत्तराखंड, गुजरात, असम, और मध्यप्रदेश में यूसीसी लागू कर दिया गया है। जबकि राजस्थान, हरियाणा आदि राज्यों में विधानसभा में यूसीसी के प्रस्ताव प्रस्तुत कर दिए गए है। भाजपा का प्रयास है कि अगले चुनाव में पहले पहले देश के अधिकांश भूभाग पर यूसीसी लागू हो जाए। वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में एनडीए की सरकार बनी तो तीन बड़े काम सामने रखे गए। एक जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना, दो अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनवाना तथा तीन देश में समान नागरिक संहिता लागू करना। यह तीनों ही काम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडे में शामिल रहे। तब इन तीनों कामों को करना आसान नहीं माना गया। अनेक चुनौतियों के बाद भी मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 को समाप्त करने और अयोध्या में राम मंदिर बनवाने में सफल रही। मोदी सरकार का प्रयास था कि तीसरे कार्यकाल में यूसीसी को भी संसद में प्रस्ताव लाकर पूरे देश में एक साथ लागू करवाया जाए। लेकिन वर्ष 2024 में भाजपा को अपने दल पर बहुमत नहीं मिला इसलिए यूसीसी को एक साथ पूरे देश में लागू नहीं किया जा सकता। लेकिन भाजपा शासित राज्यों में एक एक कर यूसीसी को लागू किया जा रहा है। अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ऐलान कर दिया है कि 2029 तक सभी भाजपा शासित राज्यों में यूसीसी को लागू कर दिया जाएगा। अनुच्छेद 370, अयोध्या में राम मंदिर के बाद जो बड़ा काम समान नागरिक संहिता का था उसे भी पूरा किया जा रहा है। हालांकि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल यूसीसी का विरोध कर रहे है, लेकिन तमाम विरोधों के बाद भी देश के अधिकांश भू भाग पर समान नागरिक संहिता लागू हो रही है। पूरी दुनिया में भारत एकमात्र देश है, जहां के नागरिकों के लिए अलग अलग कानून है। अलग अलग कानून वाला देश कभी भी विकास नहीं कर सकता। अब जब अधिकांश भू भाग पर यूसीसी लागू हो रही है, तब न केवल देश का विकास तेज होगा, बल्कि राष्ट्रीय एकता भी मजबूत होगी। कुछ मुस्मि संगठन यूसीसी का विरोध कर रहे है, लेकिन यूसीसी का सबसे ज्यादा फायदा मुस्लिम समाज की महिलाओं और बच्चों को ही है। बच्चे और महिलाएं अब तक जिन अधिकारों से वंचित रहे उन्हें अब अपने अधिकार मिलेंगे। तीन तलाक पर कानून बनने के बाद मुस्लिम महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा मिली है। यही वजह है कि मुस्लिम समाज की अनेक महिलाएं यूसीसी के समर्थन में खड़ी है।
S.P.MITTAL BLOGGER ( 14-09-2026)
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