Monday, 12 October 2026

संघ प्रचारक कृष्णावतार की नरेना थाने में बेरमी से पिटाई के मामले में क्या सिर्फ थानाधिकारी और कुछ पुलिस कर्मी दोषी हैं? कारवाई तो जयपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक पर भी होनी चाहिए, अन्यथा सवाल मुख्यमंत्री और डीजीपी से भी पूछा जाएगा। इधर वकील को थप्पड़ मारने वाली अजमेर ट्रेफिक की डीएसपी अंजू यादव ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी। ================ 10 अक्टूबर की शाम को जब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सांभर जिले के प्रचारक कृष्णावतार एक आवश्यक बैठक के लिए फुलेरा जा रहे थे कि तभी पूछताछ के नाम पर नरेना की पुलिस प्रचारक को थाने ले गई। जब कृष्णावतार ने बताया कि वे संघ के प्रचारक है तो नरेना के थानाधिकारी उमराव सिंह और एएसआई ओंकार सिंह ने कहा कि हम अभी तेरी प्रचारी निकाल देते हैं। इसके सथ ही दोनों अधिकारियों ने बुरी तरह कृष्णावतार की पिटाई की। इस कृत्य में सिपाही रमेशचंद, कुलदीप, महिपाल, विनोद व अजय भी शामिल रहे। पिटाई से घायल कृष्णावतार को नरेना के प्राथमिक चिकित्सालय में इलाज के लिए ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए जयपुर के एसएमएस अस्पताल के लिए रैफर कर दिया। अब कृष्णावतार का इलाज जयपुर में हो रहा है। नरेना थाना जयपुर ग्रामीण में आता है, इसलिए यहां के पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद ने आरोपी पुलिस कर्मियों को निलंबित कर मुकदमा दर्ज करवा दिया। लेकिन सवाल उठता है कि क्या संघ के प्रचारक की पिटाई के मामले में सिर्फ थानाधिकारी और कुछ पुलिस कर्मी ही दोषी हैं? संघ प्रचारक की पिटाई थाने में तब हुई है, जब राजस्थान में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा की सरकार चल रही है। ऐसा नहीं कि नरेना की पुलिस ने अनजाने में कृष्णावतार की बेरहमी से पिटाई की। थानाधिकारी को पता था कि कृष्णावतार संघ के प्रचारक हैं। भाजपा शासित राज्य में यदि संघ के प्रचारक को थाने में ले जाकर पीटा जाए तो फिर मुख्यमंत्री और राज्य के डीजीपी पर भी सवाल उठेंगे। घटना के बाद जयपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद भाजपा और संघ के पदाधिकारियों ने समक्ष बड़ी मायूसी दिखा रहे हैं। जबकि इस घटना के लिए पुलिस अधीक्षक भी उतने ही दोषी हैं, जिन थानाधिकारी उमराव सिंह। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लिए इससे बुरी कोई बात नहीं हो सकती है कि संघ का एक प्रचारक थाने में बुरी तरह पीटा जाए। संघ के प्रचारक के त्याग और परिश्रम के बारे में सीएम शर्मा अच्छी तरह जानते हैं। संघ का प्रचारक अपना घर परिवार सब कुछ छोड़कर राष्ट्र सेवा में लगा रहता है। जिस व्यक्ति ने राष्ट्र सेवा के लिए अपना घर परिवार छोड़ दिया हो उससे यदि भाजपा के शासन में किसी थाने पर पीटा जाए तो उस भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री को अपने पद परं रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं को संघ का प्रचारक बताते हैं तब राजस्थान में भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री रहते हुए संघ के एक प्रचारक की पिटाई बहुत गंभीर घटना है। भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए जयपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक को भी निलंबित कियाजाना चाहिए। सीएम शर्मा माने या नहीं, लेकिन संघ के प्रचारक को थाने में पिटाई बड़ी घटना है। यदि संघ प्रचारकों पर परिश्रम और त्याग न हो तो भजनलाल शर्मा भी मुख्यमंत्री नहीं बन सकते। इस घटना के लिए मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक को भी सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए। राजस्थान की भाजपा सरकार पर इससे बड़ा कलंक और कोई नहीं हो सकता। डीएसपी ने माफी मांगीः गत 9 अक्टूबर को जब पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अजमेर जिले के किशनगढ़ शहर में आए थे, तब ट्रेफिक मैनजमेंट के लिए अजमेर की ट्रेफिक डीएसपी अंजू यादव किशनगढ़ में मौजूद थी। तभी किशनगढ़ के वकील बाबूलाल बगरिया से डीएसपी का विवाद हो गया। डीएसपी ने गुस्से में वकील बाबूलाल के थप्पड़ मार दिया। जब कवीलों को थप्पड़ की जानकारी हुई तो अजमेर जिला बार एसोसिएशन और राजस्थान बार कौंसिल के पदाधिकारियों ने नाराजगी प्रकट की। 12 अक्टूबर को इस प्रकरण को लेकर बड़ा आंदोलन होना था, लेकिन इससे पहले ही 11 अक्टूबर को डीएसपी अंजू यादव ने किशनगढ़ की एक होटल में वकील बाबूलाल को बुलाया और माफी मांगी। डीएसपी की माफी के बाद वकील ने कहा कि अब मैंने डीएसपी को माफ कर दिया है, इसलिए वकीलों को आंदोलन करने की जरूरत नहीं है। डीएसपी यादव ने अपना माफीनामा और वकील द्वारा माफ कर देने वाला वीडियो सोशल मीथ्डया पर पोस्ट किया। डीएसपी यादव नेमाना कि गलती इंसान से ही होती है। डीएसपी ने जिस संवदेनशीलता और गंभीरता के साथ माफी मांगी, उसकी चर्चा अब पुलिस महकमे के साथ वकील समुदाय में भी हो रही है। डीएसपी अंजू यादव ने यह प्रदर्शित किया कि माफी मांगने से इंसान बड़ा होता है। जानकारी के मुताबिक पुलिस में डीएसपी बनने से पहले अंजू यादव शिक्षक थी। प्रशासनिक सेवा में चयन और पुलिस ट्रेनिंग के बाद अजमेर में ट्रैफिक डीएसपी के पद पर अंजू यादव की पहली नियुक्ति हैं। S.P.MITTAL BLOGGER ( 12-10-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

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