Monday, 12 October 2026
पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों और फिर विजयी सदस्यों की बाड़ा बंदी एक माह से भी ज्यादा की होगी।
सबसे लंबी बाड़ाबंदी पहले चरण के उम्मीदवारों की।
बाडाबंदी में रहने वालों में आधी संख्या महिलाओं की।
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राजस्थान में जो राजनीतिक हालात हैं, उसमें पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में भी जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के उम्मीदवारों और फिर विजयी सदस्यों की बाड़ा बंदी तय है। हाल ही में शहरी निकाय के चुनाव में भी पहले उम्मीदवारों और फिर विजयी पार्षदों की बाड़ा बंदी हुई थी। बाड़ाबंदी में दोनों प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस पीछे नहीं रहे। पंचायतीराज के चुनाव चार चारणों में होने है। पहले चरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 22 अक्टूबर को मतदाना होगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के लिए एक ही दिन मतदाना होना है। यानी 22 अक्टूबर के मतदान के बाद दोनों संस्थाओं के सदस्यों के उम्मीदवारों की बाड़ा बंदी हो जाएगी। तय कार्यक्रम के अनुसार जिला प्रमुख का चुनाव 25 नवंबर और प्रधान का चुनाव 27 नवंबर को होगा। यानी विजयी सदस्यों को 22 अक्टूबर से लेकर 27 नवंबर तक बाड़ाबंदी में रहना होगा। उल्लेखनीय है कि सभी चरणों के मतदान की मतगणना 20 नवंबर को एक साथ होगी। द्वितीय चरण का मतदान 28 अक्टूबर, तृतीय चरण का मतदान 3 नवंबर और चौथे चरण का मतदान 14 नवंबर को होगा। शहरी निकाय चुनाव की बाड़ाबंदी के मुकाबले में ग्रामीण क्षेत्रों के पंचायतीराज के उम्मदीदवारों की बाड़ाबंदी कठिन होगी। ग्रामीण पृष्ठभूमि के लोगों को एक माह तक किसी होटल अथवा रिसोर्ट में रखना आसान नहीं होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि पंचायतीराज में महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, इसलिए बाड़ाबंदी में शामिल हलोगों में आधी संख्या महिलाओं की होगग्रामीण महिलाओं को एक माह से भी ज्यादा समय अपने घर से दूर रखना बहुमत मुश्किल होगा। देखना होगा कि दोनों राजनीतिक दल पंचायतीराज चुनाव के उम्मीदवारों और विजयी सदस्यों की बाड़ाबंदी किस प्रकार से करते हैं। अलबत्ता दोनों ही दलों ने उममीदवारों के चयन की प्रक्रिया के साथ ही बाड़ाबंदी की तैयारियां भी शुरू कर दी है। राजस्थान में 41 जिला परिषदों के सदस्यों की संख्या 1 हजार 403 है। इसी प्रकार 457 पंचायत समिति के सदस्यों की संख्या आठ हजार दो पैंतालीस है। सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव एक ही दिन में होने हैं, इसलिए बाड़ाबंदी की आवश्यकता नहीं होगी। प्रदेश में 14 हजार 403 ग्राम पंचायतें हैं, जबकि इन पंचायतों के वार्डों की संख्या 1 लाख 26 हजार 853 है।
S.P.MITTAL BLOGGER ( 10-10-2026)
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