Friday, 2 October 2026
सचिन पायलट के लिए पंजाब में कांग्रेस को मजबूत करना आसान नहीं।
अध्यक्ष पद से हटने के बाद राजा वडिंग नाराज।
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राजस्थान की राजनीति से जुड़े सचिन पायलट मौजूदा समय में कांग्रेस की ओर से पंजाब के प्रभारी है। पंजाब में अगले वर्ष विधानसभा के चुनाव होने हैं। कांग्रेस चाहती है कि इस बार पंजाब में सरकार बनाई जाए, इसलिए सचिन पायलट को प्रभारी बनाया गया है, लेकिन पंजाब में कांग्रेस को मजबूत करना आसान नहीं है। यह सही है कि सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद शीर्ष नेता राहुल गांधी ने राजा वडिंग को हटाकर परगट सिंह को अध्यक्ष नियुक्त किया है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटने के बाद राजा वडिंग ने पायलट के प्रति नाराजगी प्रकट की है। उन्होंने कहा कि जब भूपेश बघेल प्रभारी थे, तो उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को बदलने से साफ इंकार कर दिया था, लेकिन सचिन पायलट के प्रभारी बनने के बाद मुझे इस्तीफा देना पड़ा है। वडिंग ने कहा कि मुझे राहुल गांधी ने इस्तीफादेने के लिए नहीं कहा, लेकिन मैं राहुल गांधी की आंखों का इशारा समझता हूं इसलिए बिना विरोध किया इस्तीफा दे दिया। विधानसभा के चुनाव में मेरी क्या भूमिका होगी यह राहुल गांधी ही तय करेंगे। मेरे हटने से पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा कितने खुश होंगे, यह मुझे नहीं पता। मालूम हो कि चन्नी और रंधावा ने ही वडिंग को अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की थी। वडिंग के अध्यक्ष रहते चन्नी और रंधावा नाराज थे और अब परगट सिंह के अध्यक्ष बनने से वडिंग नाराज हे। वडिंग की नाराजगी कांग्रेस को कितना नुकसान पहुंचाती है, यह विधानसभा चुनाव के परिणम बताएंगे, लेकिन पंजाब में सचिन पायलअ के लिए कांग्रेस को मजबूत करना आसान नहीं है। मौजूदा समय में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सत्तारूढ़ है। इस बार सरकार बनाने के लिए भाजपा ने भी पूरी ताकत लगा रखी है।
S.P.MITTAL BLOGGER ( 03-10-2026)
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