Thursday, 8 October 2026

कांग्रेस के पार्षदों की ऐसी एकता पहले हो जाती तो अजमेर में कांग्रेस का ही मेयर होता। 'अब पछताए होत क्या, जब चिडिय़ा चुग गई खेत ' की कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं अजमेर के कांग्रेसी। ================ अजमेर के कांग्रेस के पार्षद इन दिनों गुस्से में ही हैं। पार्षदों का कहना है कि भाजपा की मेयर अनामिका शर्मा उन्हें अपमानित कर रही है। मेयर के दशहरा महोत्सव की जो कमेटियां बनाई है, उसमें से सिर्फ एक कमेटी का संयोजक कांग्रेस के पार्षद को बनाया गया है, जबकि नगर निगम में कांग्रेस के पार्षदों की संख्या भाजपा से ज्यादा है। इतना ही नहीं जब कांग्रेस के पार्षद ऐतराज प्रकट करते हैं तो संतीश बंसल जैसे भाजपाई पार्षद गाली गलौच करते हैं। भाजपा के खिलाफ अब कांग्रेस के पार्षद लामबंद हो गए हैं और तत्काल प्रभाव से साधारण सभा बुलाने की मांग की है। जिस पर मेयर चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे नौरत गुर्जर का दावा है कि कांग्रेस के 37 और 3 निर्दलीय पार्षद एकजुट है। निगम में कुल पार्षदों की संख्या 80 है। इसमें कोई दो राय नहीं कि कांग्रेस के पार्षद एक जुटता दिखा रहे हैं, लेकिन यदि ऐसी एकजुटता पहले दिखाई जाती तो आज कांग्रेस का मेयर होता। सब जानते हैं कि मेयर के ुचनाव में कांग्रेस के कुछ पार्षदों ने ही भाजपा को वोट दिया, इसलिए कांग्रेस उम्मीदवार किरण गढ़वाल मेयर नहीं बन सकी। कांग्रेसी पार्षद अब एकजुटता दिखाकर अब पछताए होत क्या जब चिडिय़ा चुग गई खेत वाली कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। ऐसा नहीं कि मेयर के चुनाव के समय पार्षदों को एकजुट रखने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। कांग्रेस के पार्षदों को सुरक्षित रखने के लिए कर्नाटक में छिपाया गया। कांग्र्रेस के वरिष्ठ नेता धर्मेन्द्र राठौड़ की पहल पर पार्षदों को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के साथ नाश्ता भी करवाया। लेकिन अजमेर आकर कुछ कांग्रेसी पार्षदों के वोट के कारण ही भाजपा की उम्मीदवार को 43 वोट मिले, जबकि भाजपा के निर्वाचित पार्षदों की संख्या में 32 थी। S.P.MITTAL BLOGGER ( 09-10-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

No comments:

Post a Comment