Thursday, 1 October 2026

पायलट स्मित ने पूरी दुनिया में भारत की सनातन संस्कृति का डंका बजाया। ओमानी को-पायलट का कृत्य इजरालय और ईरान युद्ध से जुड़ा है। कट्टरपंथता के आगे निर्दोष लोगों का जीवन कोई मायने नहीं रखता। ============== 30 सितंबर को दुबई से इजरायल जा रहे हवाई जहाज के भारतीय पायलट स्मित मछार ने अपने को-पायलट (इस्लामिक देश ओमान का नागरिक) से चाकू के वाहन सहने के बाद भी 180 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया। यदि स्मित मछार बहादुरी और समझदारी न दिखाते तो जहाज को को-पायलट इजरायल में क्रेश करवा देता। इस जहाज में इजरायल के 150 नागरिक सवार थे। पूरी दुनिया में इस्लाम और ईसाई धर्मो के लोगों का बोलबाला है। चीन, जापान जैसे कुछ देश बौद्ध धर्म को मानते हैं। सनातन धर्म को मानने वाले सिर्फ भारत में ही है, लेकिन पायलट स्मित मछार ने 30 सितंबर को जो बहादुरी व समझदारी दिखाई उससे भारत की सनातन संस्कृति का डंका पूरी दुनिया में बजा है। स्मित मछार ने एक बार फिर साबित किया है सनातन धर्म को मानने वाला व्यक्ति कभी भी धोखेबाज नहीं हो सकता। भले ही वह इस्लामिक देश दुबई का जहाज उड़ा रहा हो। सनातन संस्कृति को मानने वाले व्यक्ति दुनिया में जहां भ है, वहां उनकी विश्वसनीयता है और अब स्मित मछार ने उस विश्वसनीयता को और बढ़ा दिया है। निसन्देह इस घटना से भारत का सनातन संस्कृति का मान बढ़ा है। इसके साथ ही एक बार फिर यह प्रदर्शित हुआ है कि कट्टरपंथता के सामने निर्दोष लोगों का जीवन कोई मायने नहीं रखता है। इस्लामिक देश ओमान के को-पायलट को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि जिस विमान को वह ब्रेश कराना चाहता है, उसमें निर्दोश लोग सवार है। यदि सनातन धर्म के अनुयायी स्मित मछार बहादुरी और समझदारी नहीं दिखाते तो 30 सितंबर को 180 लोग मौत के शिकार हो जाते। यही वजह है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू आदि ने स्मित मछार की जमकर प्रशंसा की है। इजरायल तो स्मित मछार को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मनित करेगा। युद्ध से जुड़े है तार: दुबई से इजरायल जहां रहे विमान में जो हादसा हुआ उसके तार इजरायल और ईरान के युद्ध से जुड़े हैं। ईरान ने अपने नियंत्रण वाले समुद्र के होर्मूज मार्ग में टोल वसूली की जो योजना बनाई, उसमें ओमान भी शामिल है। इजरायल के साथ युद्ध में ओमान, ईरान का मददगार है। अब तक की जांच में सामने आया है कि ओमान का को-पायलट विमान को क्रेश करवाकर इजरायल से बदला लेना चाहता था। यही वजह है कि इजरायल ने साऊदी अरब से मांग की है कि ओमान के को-पायलट को उन्हें सौंपा जाए। मालूम हो कि जब पायलट स्मित मछार पर हमला हुाअ, तब विमान की इमरजेंसी लैंडिंग सऊदी अरब में ही करवाई गई थी। यानी इस समय ओमानी को-पायलट सऊदी अरब के कब्जे में है। देखना होगा कि सऊदी अरब कब तक ओमानी पायलट को इजरायल को सौंपता है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 02-10-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

No comments:

Post a Comment