Thursday, 23 April 2015

कलेक्टर की शादी के खातिर की सरकारी बैठक

इन दिनों पूरे देश में राजस्थान के दौसा जिले की चर्चा हो रही है, क्योंकि दौसा जिले की बांदीकुई तहसील के किसान गजेन्द्र ङ्क्षसह राठौड़ ने 22 अप्रैल को दिल्ली में एक पेड़ से लटक कर खुदकुशी कर ली। किसान की इस खुदकुशी पर संसद तक में राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ है। वहीं दौसा के कलेक्टर मुक्तानंद अग्रवाल की शादी 22 अप्रैल को अजमेर के सबसे महंगे समारोह स्थल मेरवाड़ा एस्टेट पर धूमधाम के साथ हुई। कलेक्टर की शादी में संभाग के कलेक्टर और अन्य अधिकारी शरीक हो सके, इसके लिए संभागीय आयुक्त धर्मेन्द्र भटनागर ने 22 अप्रैल को ही संभाग स्तरीय बैठक का आयोजन कर लिया। इस बैठक में अजमेर संभाग के नागौर, टोंक और भीलवाड़ा जिले के कलेक्टरों और अन्य अधिकारियों ने भी भाग लिया। सरकारी खर्चे पर आए इन कलेक्टरों ने शाम को दौसा कलेक्टर  मुक्तानंद अग्रवाल की शादी में अपनी उपस्थित दर्ज करवाई। भटनागर ने 22 अप्रैल को संभाग स्तरीय जो बैठक की उसका प्रशासनिक दृष्टि से कोई महत्त्व नहीं था। वैसे भी अजमेर में इन दिनों ख्वाजा साहब का सालाना उर्स चल रहा है। स्वयं भटनागर भी उर्स की व्यवस्थाओं में व्यस्त रहे हैं।
22 अप्रैल का दिन इसलिए भी महत्त्वपूर्ण था कि इस दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से भेजी गई चादर भी उर्स में पेश की गई तथा पाकिस्तान से जायरीन दल भी अजमेर आए। इतनी व्यस्तता के बावजूद भी संभाग स्तरीय बैठक इसलिए की गई ताकि संभाग भर के अधिकारी सरकारी खर्चे पर दौसा कलेक्टर की शादी में शामिल हो सकें। चूंकि दौसा कलेक्टर ने अपने आईएएस का प्रशिक्षण अजमेर में लिया, इसलिए अजमेर प्रशासन के भी तमाम अफसर शादी में शरीक हुए, इसके अतिरिक्त राजधानी जयपुर और दौसा जिले के अधिकारी, राजनेता आदि भी शादी में आए।
ऐसे चल रही है सरकार
एक ओर जहां कलेक्टर की शादी के लिए उर्स मेले के दौरान संभाग स्तरीय बैठक हो रही है तो दूसरी और सरकारी अवकाश के दिन भी प्रभारी सचिव बैठक ले रहे हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार 24 अप्रैल को प्रात: 11 बजे प्रभारी सचिव श्रीमत पांडे योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। जबकि उर्स मेले की वजह से जिला कलेक्टर आरुषि मलिक ने 24 अप्रैल को अजेमर जिले में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया था। अवकाश के दिन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कैसे होगी? इसका जवाब लालफीताशाही ही दे सकती है। अजमेर में 24 अप्रैल को जिला स्तरीय बैठक करना मुश्किल होगा, क्योंकि शुक्रवार होने की वजह से ख्वाजा साहब के उर्स में जुम्मे की नमाज होगी। इस नमाज में कोई दो लाख जायरीन शरीक होंगे। तमाम प्रशासनिक अधिकारी जुम्मे ही नमाज में व्यस्त रहेंगे। देखना होगा कि प्रभारी सचिव श्रीमत पांडे किस प्रकार से बैठक करते हैं।
(एस.पी. मित्तल)(spmittal.blogspot.in) M-09829071511

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