Sunday, 12 April 2015

दरगाह दीवान आबेदीन के बयान का स्वागत हो

दरगाह दीवान आबेदीन के बयान का स्वागत हो
संसार प्रसिद्ध ख्वाजा साहब की दरगाह के दीवान और मुस्लिम धर्म गुरु सैय्यद जैनुअल आबेदीन  ने मुम्बई आतंकी हमले के मास्टर माइंड जकीउर रहमान लखवी की रिहाई पर जो सख्त बयान दिया है, उसका स्वागत होना चाहिए। पाकिस्तान की जेल से लखवी की रिहाई पर दीवान आबेदीन ने कहा कि अब उस पाकिस्तानी जायरीन दल को भारत आने से रोक दिया जाए जो यहां ख्वाजा साहब के सालाना उर्स में भाग लेने के लिए आ रहा है। दीवान ने कहा कि लखवी की रिहाई पर पाकिस्तान में जश्न मन रहा है, तब 500 पाकिस्तानियों को अजमेर उर्स में बुलाने का कोई मतलब नहीं है, जो लोग भारत के खिलाफ साजिश रचते हैं, उन्हें यहां आने का कोई हक नहीं है। भारत सरकार को चाहिए कि पाक जायरीन के लिए जो वीजा दिया गया है, उसे रद्द कर दिया जाए। उन्होंने आशंका जताई कि यदि ख्वाजा साहब के उर्स में पाक जायरीन अजमेर आते हैं तो गड़बड़ी हो सकती है। ऐसे में पाक जायरीन पर नजर रखने की  भी जरुरत है। दरगाह दीवान ने यह जो बयान दिया है । उसका स्वागत होना चाहिए। आतंकी लखवी की रिहाई पर भले ही भारत सरकार ने कोईकड़ा रुख प्रकट नहीं किया हो, लेकिन दरगाह दीवान आबेदीन ने जाहिर कर दिया है कि भारत में रहने वाला मुसलमान लखवी की रिहाई से खुश नहीं है। दीवान आबेदीन का बयान इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है कि वे उन ख्वाजा साहब की दरगाह के धर्म गुरु हैं, जहां से भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में भाईचारे का पैगाम जाता है। यहां दरगाह में दुनियाभर के मुसलमान जियारत के लिए आते हैं। दरगाह में होने वाली छोटी से छोटी घटना का भी दुनियाभर के मुसलमानों पर असर पड़ता है। दीवान आबेदीन का यह सुझाव वाकई अच्छा है कि लखवी की रिहाई के विरोध में पाक जायरीन दल के अजमेर आने पर रोक लगा दी जावे। यदि दीवान के सुझाव पर भारत सरकार अमल करती है तो पाकिस्तान को सरकार की ओर से भी सख्त जवाब दिया जाना चाहिए।   ख्वाजा साहब का सालाना उर्स चांद दिखने पर 22 अप्रैल से शुरू हो रहा है। छह दिवसीय उर्स में भाग लेने के लिए ही सरकारी स्तर पर पड़ौसी देश पाकिस्तान से 500 सदस्यों का एक दल आ रहा है।
(एस.पी. मित्तल)(spmittal.blogspot.in) M-09829071511

1 comment:

  1. सुन्दर व सार्थक प्रस्तुति..
    शुभकामनाएँ।
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

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