27 अप्रैल को एबीवीपी और एनएसयूआई के कर्मकर्ताओं ने अपने-अपने नजरिए से अजमेर में विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन वहीं राजस्थान शिक्षा बोर्ड में हुए नम्बरों के घोटाले पर एबीवीपी ने जुबान नहीं खोली तो एनएसयूआई ने एमडीएस यूनिवर्सिटी में हुई शराब पार्टी पर चुप्पी साधे रखी। एबीवीपी के प्रदेश सहमंत्री चन्द्रभान गुर्जर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एमडीएस यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार के समक्ष प्रदर्शन किया और मांग की कि यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाऊस में छात्र संघ अध्यक्ष नरेन्द्र शर्मा और एनएसयूआई के अध्यक्ष सुरेन्द्र कीलका तथा अन्य कार्यकर्ताओं ने जो शराब पार्टी की है उस पर सख्त कार्यवाही की जाए। शिक्षा के मंदिर में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं द्वारा शराब पार्टी करना अशोभनीय है। इसी प्रकार एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने राजस्थान शिक्षा बोर्ड के मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि बोर्ड प्रशासन की मिलीभगत से परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में शिक्षकों को रिश्वत देकर नम्बर बढ़वाए जा रहे है। यानि दोनों छात्र संगठनों ने अपने-अपने नजरिए से प्रदर्शन तो किए लेकिन स्वयं पर लगे आरोपों पर चुप्पी साधे रखी। एबीवीपी की ओर से बार-बार यह दावा किया जाता है कि वह भाजपा का अग्रिम संगठन नहीं है, लेकिन भाजपा के शासन में हुए नम्बरों के घोटाले में एबीवीपी की खामोशी बताती है कि एबीवीपी किस राजनीतिक दल से जुड़ा है।
(एस.पी. मित्तल)(spmittal.blogspot.in) M-09829071511
Monday, 27 April 2015
एबीवीपी शिक्षा बोर्ड के घोटाले और एनएसयूआई एमडीएस की शराब पार्टी पर चुप
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment