कांग्रेस की ओर से 19 अप्रैल को दिल्ली में देशव्यापी रैली की जा रही है। कांग्रेस के नेताओं की ओर से कहा गया है कि इस रैली में जो कांग्रेसी जितनी मेहनत करेगा उसी नजरिए से उसकी परफोर्मेंस तय होगी। यानि जो नेता जितनी अधिक भीड़ ले जाएगा, उसी हिसाब से उसे पार्षद विधायक और सांसद के उम्मीदवार के चयन में प्राथमिकता मिलेगी। यही वजह है कि वार्ड स्तर तक के नेता 19 अप्रैल की रैली को सफल बनाने में जुटे हुए है, लेकिन कार्यकर्ताओं के बीच एक सवाल यह भी है कि आखिर राहुल गांधी की परफोर्मेंस कौन तय करेगा? यदि बीमारी की वजह से भी कोई कार्यकर्ता 19 अप्रैल को रैली में दिल्ली नहीं गया तो उसका कांग्रेस में रखना मुश्किल हो जाएगा, लेकिन वहीं राहुल गांधी पिछले दो माह से भूमिगत है। क्या जो मापदंड कांग्रेस के आम कार्यकर्ता पर लागू होता है, वही मापदंड राहुल गांधी पर भी लागू होगा? राहुल गांधी के भूमिगत होने के मामले को लेकर कांग्रेस यह नहीं कर सकती है कि यह उनका व्यक्तिगत मामला है। असल में राहुल गांधी उस कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष है, जिसका सौ साल से भी ज्यादा का इतिहास है। आजादी के बाद कांग्रेस ने ही सबसे ज्यादा राज किया है। ऐसे में कांग्रेस के कार्यकर्ता के साथ-साथ देश की जनता को भी राहुल गांधी के बारे में जानने का हक है। कांग्रेस की इतनी बुरी गत के बाद भी कार्यकर्ता को ही परीक्षा देनी पड़ रही है। तब यह सवाल तो उठेगा ही कि आखिर उसके नेता राहुल गांधी क्या कर रहे हैं? इधर कार्यकर्ता रैली के लिए अपना खून पसीना बहाए और उधर राहुल गांधी विदेश में छुट्टियां मनाएं तो फिर कार्यकर्ता की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। राजनीति में यह मानाजाता है कि नेता के अनुरूप ही कार्यकर्ता तैयार होते हैं, लेकिन कांग्रेस में तो उल्टा हो रहा है। यहां कार्यकर्ता की तो परफोर्मेंस जांची जा रही है, लेकिन नेता की नहीं। अब कहा जा रहा है कि राहुल गांधी आज कल में अवतरित हो जाएंगे। राहुल गांधी 19 अप्रैल की रैलीमें नए जोश के साथ भाषण देंगे। यह जोश कितना होगा, इसका पता 19 अप्रैल को लग जाएगा, लेकिन फिलहाल तो कांग्रेस का कार्यकर्ता अपने नेता की शक्म देखने को तरस रहा है।
(एस.पी. मित्तल)(spmittal.blogspot.in) M-09829071511
Wednesday, 15 April 2015
राहुल गांधी की परफोरमेंस कौन तय करेगा
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