Wednesday, 16 September 2026

पार्षदों के लिए बेंगलुरु जैसे प्रबंध गढ़वाल परिवार ही कर सकता है। इसलिए अजमेर में किरण गढ़वाल मेयर पद के लिए कांग्रेस की उम्मीदवार। ================== 16 सितंबर को अजमेर नगर निगम के मेयर के पद के लिए श्रीमती किरण गढ़वाल ने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर नामांकन कर दिया है। भाजपा की ओर से श्रीमती अनामिका शर्मा ने नामांकन किया है। इस बार अजमेर के मेयर का पद महिला के लिए अनारक्षित रखा गया है। यानी सामान्य वर्ग की महिला मेयर बन सकती है। लेकिन कांग्रेस ने ओबीसी वर्ग की किरण गढ़वाल को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस में सामान्य वर्ग की महिला पार्षद भी दावेदार थी, लेकिन कांग्रेस के बड़े नेताओं ने गहन मंथन के बाद किरण गढ़वाल को उम्मीदवार घोषित किया। असल में गढ़वाल परिवार ीह कांग्रेस और कुछ निर्दलीय पार्षदों के लिए बेंगलुरु जैसे प्रबंध करने में सक्षम है। कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों को 16 सितंबर को जयपुर से हवाई जहाज के जरिए कांग्रेस शासित कर्नाटक के बेंगलुरु में ले जाया गया। जिस रिसोर्ट में अब कांग्रेस के पार्षद रखते हुए हैं, उसका प्रतिदिन का खर्चा लाखों रुपया है। चुनाव में कांग्रेस को 37 वार्डों में जीत मिली, जबकि मेयर चुनने के लिए 41 पार्षदों की जरूरत है। निर्दलीय पार्षदों को कांग्रेस के खेमे में लाने के लिए गढ़वाल परिवार ने पूरी ताकत लगा रखी है। चूंकि कांग्रेस का मेयर बनवाने की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता धर्मेन्द्र राठौड़ ने ले रखी है, इसलिए किरण गढ़वाल की उम्मीदवार में धर्मेन्द्र राठौड़ की राय को माना गया। राठौड़ को पता है इसलिए किरण गढ़वाल को उम्मीदवार बनाया गया। यही वजह है कि कांग्रेस के सभी 37 और कुछ निर्दलीय पार्षद पूरे आराम और मस्ती के साथ बेंगलुरु के रिसोर्ट में ठहरे है। कई पार्षद तो ऐसे रहे जिन्होंने पहली बार हवाई जहाज का सफर किया। यदि किरण गढ़वाल की उम्मीदवारी नहीं होती तो ऐसे पार्षद हवाई जहाज का सफर नहीं कर पाते। असल में किरण गढ़वाल के पति दिलीप गढ़वाल का जमीनों का कारोबार विरासत में मिला है। उनके पिता छोटेलाल गढ़वाल की पाल बीसला में कई बीघा जमीन थी। इस जमीन पर खेती का कार्य होता था। चूंकि पाल बीसला की इसी जमीन के निकट तालाब भी था, इसलिए खेती का काम अच्छा रहा। धीरे धीरे खेती वाली भूमि पर बड़े बड़े मकान बन गए। समय के साथ पिता के निधन के बाद दिलीप गढ़वाल ने गढ़वाल समारोह स्थल भी बनाया और समाज सेवा का काम भी किया। रेलवे ने जो दूसरा गेट बनाया है, वह पाल बीसला में गढ़वाल पैलेस के ठीक सामने है। रेलवे स्टेशन का गेट बन जाने से गढ़वाल परिवार की जमीनों के भाव भी बहुत बढ़ गए है। इसमें कोई दो राय नहीं कि दिलीप गढ़वाल अपने माली समाज के साथ साथ अन्य समाजों में भी दानवीर की भूमिका निभाते हैं। गढ़वाल परिवार की ओर से एक शव वाहन भी उपलब्ध है। इस शव वाहन को स्वयं दिलीप गढ़वाल चलाते हैं। यानी किसी परिवार में मृत्यु होने पर दिलीप गढ़वाल अपना वाहन शव को श्मशान स्थल तक ले जाने के लिए उपलब्ध करवाते हैं। कोरोना काल में तो परिवार के सदस्य ही शव को हाथ लगाने से डरते थे, तब दिलीप गढ़वाल ने शवों को न केवल अपने वाहन में रखा बल्कि शव का अंतिम संस्कार तक करवाया। सामाजिक कार्यों में गढ़वाल समारोह स्थल को निशुल्क दिया जाता है। कांग्रेस के के बड़े नेताओं ने सोच समझ कर ही किरण गढ़वाल को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा की अनामिका: 80 पार्षदों वाले अजमेर निगम में भाजपा को 32 सीटें मिली है। लेकिन भाजपा ने भी श्रीमती अनामिका शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा को अपना मेयर बनवाने के लिए 9 अतिरिक्त पार्षदों की जरूरत है। भाजपा का कहना है कि 11 निर्दलीयों में से 9 के वोट उन्हें मिलेंगे। भाजपा को कांग्रेस पार्षदों में क्रॉस वोटिंग की भी उम्मीद है, लेकिन कांग्रेस के पार्षदों के वोट भाजपा को न मिले इसके इंतजाम कांग्रेस से ज्यादा गढ़वाल परिवार ने किए हैं। S.P.MITTAL BLOGGER ( 17-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

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