Friday, 4 July 2025

हाथ वाले पंखे का फोटो पोस्ट कर भाजपा नेत्री ज्योति मिर्धा ने नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल पर कटाक्ष किया। इसे कहते हैं .... और सीना जोरी।

राजस्थान के नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल के भाई के घर के मकान की बिजली का कनेक्शन काट दिए जाने के बाद भाजपा की नेत्री और गत लोकसभा चुनाव में हनुमान बेनीवाल से पराजित होने वाली ज्योति मिर्धा ने सोशल मीडिया पर हाथ वाले पंखे का फोटो पोस्ट किया है। हनुमान बेनीवाल या अन्य किसी का नाम लिए बगैर ज्योति ने कहा कि अब इस पंखे की जरूरत हो सकती हे। मालूम हो कि 10 लाख रुपए से भी ज्यादा का बिल बकाया होने के कारण बेनीवाल के भाई के घर का बिजली का कनेक्शन काट दिया गया था। इसके बाद से ही बेनीवाल राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ आग बबूला है। बेनीवाल का आरोप है कि राजनीतिक कारणों की वजह से बिजली का कनेक्शन काटा गया है। इस बीच ज्योति मिर्धा ने हाथ में पंखे वाला फोटो पोस्ट कर जले पर नमक छिड़कने वाला काम किया हे। हालांकि बेनीवाल और ज्योति मिर्धा एक ही समुदाय के है, लेकिन राजनीति के कारण दोनों में छत्तीस का आंकड़ा है। बिजली का कनेक्शन कटने के बाद विरोधी भी बेनीवाल पर हमलावर है। बेनीवाल ने अपने राजनीतिक प्रभाव से जिन लोगों को नुकसान पहुंचाया वे अब एकजुट हो कर बेनीवाल को घेर रहे हैं। इस बीच जयपुर में विधायकों के आवास पर नियमों के विरुद्ध कब्जा बनाए रखने को लेकर हनुमान बेनीवाल उनके भाई नारायण बेनीवाल और उनकी पार्टी के विधायक रहे पुखराज गर्ग पर भी कार्यवाही शुरू हो गई है। नारायण बेनीवाल और पुखराज गर्ग वर्ष 2018 से 2023 के बीच विधायक थे, लेकिन इन दोनों ने अभी तक भी जयपुर में विधायकों वाला सरकारी आवास खाली नहीं किया है। इसी प्रकार हनुमान बेनीवाल दिसंबर 2023 में नागौर के खींवसर से विधायक बने तो उन्हें जयपुर में विधानसभा के सामने चार कमरों वाला आलीशान फ्लैट आवंटित हुआ। इस फ्लैट पर बेनीवाल अभी तक काबिज है, जबकि मई 2024 में ही बेनीवाल नागौर से सांसद बन गए थे। सांसद बनने पर बेनीवाल ने दिल्ली में भी सरकारी आवास प्राप्त कर लिया। यानी मौजूदा समय में हनुमान बेनीवाल के पास विधायक और सांसद वाले सरकारी आवास हैं। जबकि उनके भाई और पार्टी के नेता के पास जयपुर में नियम विरुद्ध विधायकों वाले आवास हैं। बेनीवाल से इन आवासों को खाली कराने के लिए नोटिस दे दिए गए हैं। बेनीवाल का कहना है कि हम नियमानुसार किराया जमा कराने को तैयार है। नारायण बेनीवाल और पुखराज गर्ग की तो विधायकों वाली पेंशन भी रोकी जा चुकी है। S.P.MITTAL BLOGGER (04-07-2025) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

सिर्फ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पसंद है राजस्थान के नए डीजीपी राजीव शर्मा। विरोधियों को करारा जवाब।

राजस्थान में कांग्रेस के नेता खासकर प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा अक्सर आरोप लगाते हैं कि भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा नाम मात्र के मुख्यमंत्री हैं। दिल्ली से जो आदेश मिलते हैं, उसकी पालना भजनलाल शर्मा करते हैं। कांग्रेस के ऐसे नेताओं को प्रदेश के नए डीजीपी की नियुक्ति के मामले में सीएम शर्मा ने करारा जवाब दिया है। नए डीजीपी राजीव शर्मा ने 3 जुलाई को पदभार संभालते ही सबसे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से शिष्टाचार मुलाकात की। भले ही यह परंपरा हो, लेकिन इन दोनों की मुलाकात बहुत मायने रखती है। कांग्रेस के नेता कुछ भी कहे, लेकिन राजीव शर्मा के मामले में सिर्फ और सिर्फ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की चली है। यू आर साहू को डीजीपी के पद से हटाकर राजस्थान लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाने के साथ्ज्ञ ही सीएम शर्मा ने यह तय कर लिया था कि अब डीजीपी के पद पर राजीव शर्मा ही नियुक्त होंगे। सीएम शर्मा ने अपनी पसंद पहले ही केंद्र सरकार को बात दी थी। परंपरा के अनुरूप डीजीपी के लिए तीन नामों का सलेक्शन हुआ। राजेश निर्वाण का नाम तो सिर्फ औचारिकता पूरी करने के लिए था। दूसरे आईपीएस संजय अग्रवाल की पत्नी श्रीमती मालिनी अग्रवाल को डीजी के पद पर पदोन्नत कर कह दिया कि आपको राजीव शर्मा की सेवानिवृत्ति के बाद डीजीपी बनाया जाएगा। चूंकि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, इसलिए राजीव शर्मा को केंद्र में ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरडी) के डीजी के पद से भी आसानी के साथ रिलीव कर दिया। राजीव शर्मा राजस्थान कैडर के आईपीएस है और प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में सेवाएं दे रहे थे। राजीव शर्मा जब जुलाई 2027 में सेवानिवृत्त होंगे तब संजय अग्रवाल को डीजीपी बनने का अवसर मिल सकता है। अग्रवाल की सेवानिवृत्ति दिसंबर 2028 में होनी है। चूंकि राजीव शर्मा मुख्यमंत्री शर्मा की पसंद रहे, इसलिए उन्हें आईपीएस की एक वर्ष और अधिक नौकरी करने का अवसर भी मिल गया है। राजीव शर्मा के 60 वर्ष मार्च 2026 में पूरे हो रहे हैं यदि राजीव शर्मा डीजीपी नहीं बनते तो आईपीएस के तौर पर मार्च 2026 में सेवानिवृत्ति हो जाती, लेकिन डीजी बनने के कारण सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप सेवाकाल में एक वर्ष की वृद्धि स्वत: ही हो गई हे। यानी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कारण राजीव शर्मा को डबल फायदा हुआ है। यहां यह उल्लेखनीय है कि गृह विभाग भी सीएम शर्मा के पास ही है। ऐसे में सीएम शर्मा को डीजीपी के पद पर अपने भरोसे का आईपीएस चाहिए था। कहा जा सकता है कि राजस्थान के पुलिस बेड़े में आईपीएस राजीव शर्मा मुख्यमंत्री के सबसे भरोसेमंद हैं। जब किसी मुख्यमंत्री के पास गृह विभाग होने के सााि साथ भरोसे का डीजीपी होता है तो ऐसा मुख्यमंत्री बेहद ताकतवर होता है। उम्मीद है कि भजनलाल शर्मा ने जो भरोसा जताया है उस पर राजीव शर्मा खरे उतरेंगे। S.P.MITTAL BLOGGER (04-07-2025) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

Thursday, 3 July 2025

बीसलपुर बांध का जल स्तर 313.25 मीटर के पार। गत वर्ष 17 अगस्त को हुआ था। एक ही दिन में पौन मीटर से ज्यादा पानी आया। अजमेर, जयपुर व टोंक के लिए राहत भरी खबर।

3 जुलाई को बीसलपुर बांध का जल स्तर 313.25 मीटर के पार हो गया है। गत वर्ष 17 अगस्त को बीसलपुर बांध का जल स्तर 313.15 मीटर मापा गया था। अजमेर, जयपुर और टोंक जिले की लाइफ लाइन माने जाने वाले बीसलपुर बांध में बरसात के पानी की आवक लगातार जारी है। 2 जुलाई को बांध का जलस्तर 312.67 मापा गया, जो 3 जुलाई को प्रात: 10 बजे 313.17 मीटर हो गया। बांध में प्रति दो घंटे में 10 सेंटीमीटर पानी की आवक हो रही है। बांध के जल स्तर पर निगरानी रखने वालों का मानना है कि अब जब बांध का जल स्तर 313.25 मीटर पार हो रहा है तो एक दिन में पौन मीटर से ज्यादा पानी आ गया है। बांध की भराव क्षमता 315.50 मीटर है। इंजीनियरों का मानना है कि इस बार बांध गत वर्ष के मुकाबले पहले ही ओवर फ्लो हो जाएगा। गत वर्ष 6 सितंबर को बांध ओवरफ्लो हुआ था। अजमेर, जयपुर और टोंक जिले के करीब एक करोड़ लोगों की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध का ओवरफ्लो पानी इस बार ईसरदा बांध में एकत्रित होगा। राम सेतु परियोजना (ईआरसीपी) के अंतर्गत ईसरदा बांध का निर्माण करवाया गया है। बांध में इस मौसम में गत 17 जून से बरसात के पानी की आवक शुरू हुई थी। तब बांध का जल स्तर 312.45 मीटर रहा। इस बार बांध के भराव क्षेत्र में लगातार अच्छा बरसात हो रही है, यही वजह है कि तीन नदियों के संगम पर इस समय साढ़े चार मीटर ऊंची पानी की चादर चल रही है। इसी त्रिवेणी संगम से पानी बांध में जाता है। यह त्रिवेणी संगम बनास, मेनाली और कोठारी नदी के मिलन पर बना हुआ है। इस त्रिवेणी संगम की चादर से ही बांध में पानी की आवक का अनुमान लगाया जाता है। यह उल्लेखनीय है कि बांध से प्रतिदिन एक हजार एमएलडी पानी जयपुर, अजमेर और टोंक के लिए लिया जाता हे। S.P.MITTAL BLOGGER (03-07-2025) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

अजमेर में ख्वाजा साहब की दरगाह भी तालाब बनी। दरगाह का ऐतिहासिक सलीबी गेट क्षतिग्रस्त। स्मार्ट सिटी की फिर पोल खुली।

2 जुलाई को अजमेर में जो मूसलाधार वर्षा हुई उससे सुप्रसिद्ध ख्वाजा साहब की दरगाह भी तालाब बन गई। 2 जुलाई को मोहर्रम माह की छठी का दिन होने के कारण जायरीन की संख्या भी बहुत ज्यादा थी। दरगाह का परिसर जब तालाब बना तो जायरीन को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दरगाह के सेन चिराग के अंदर तक पानी का प्रवेश हो गया। इसी पानी में बच्चों को तैरते हुए भी देखा गया। चूंकि दरगाह परिसर में पानी के निकास की समुचित व्यवस्था नहीं है, इसलिए अभी तक भी परिसर में पानी भरा हुआ है। तेज बरसात के कारण दरगाह का ऐतिहासिक सलीबी गेट भी क्षतिग्रस्त हो गया है। सलीबी गेट के पास बने हुजरे (खादिमों के बैठने का स्थान) को भी नुकसान हुआ है। दरगाह परिसर के अंदर इंतजाम और रखरखाव करने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार के अधीन संचालित दरगाह कमेटी की है। खादिमों का आरोप है कि दरगाह कमेटी दरगाह परिसर का रख रखाव करने में असमर्थ है। दो जुलाई की तेज बारिश के कारण दरगाह के अंदर तो जायरीन को परेशानी हुई ही, साथ ही दरगाह के बाहर अंदर कोट, नला बाजार क्षेत्र में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दरगाह के बाहर चार फीट ऊंचाई पर पानी बह रहा था। जब बरसात होती है तो सीवरेज का गंदा पानी नालियों से उफन कर सड़कों पर आ जाता है। प्रशासन की लाख कोशिश के बाद भी सीवरेज सिस्टम को ठीक नहीं किया जा रहा है। दरगाह के निकट ही नला बाजार है, जो अपने नाम के अनुरूप नाले में तब्दील हो गया। नला बाजार ही नहीं अजमेर के मदार गेट कचहरी रोड स्टेशन रोड, कैसरगंज आदि बाजारों में भी चार चार फीट पानी भर गया। एक अनुमान के अनुसार इन बाजारों में खड़े एक हजार से भी ज्यादा दुपहिया वाहन खराब हो गए। मोटर साइकिल और स्कूलों को पानी में बहते हुए देखा गया। तेज बरसात की वजह से अजमेर के प्रमुख समारोह स्थल मेरवाड़ा एस्टेट की दीवार भी ढह गई। इससे मुख्य समाोह स्थल पर जाने में लोगों को परेशानी हो रही है। दीवार ढहने से चढ़ाई वाली रास्ता खतरनाक स्थिति में आ गया है। बरसात से पहले आनासागर का जल स्तर तीन फीट घटाया गया था, लेकिन एक ही बरसात में आनासागर फिर से भर गया है। तेज बारिश की वजह से स्मार्ट सिटी की एक बार फिर पोल खुल गई है। हालांकि सड़कों पर पानी जमा होने से होने वाली परेशानी होना शहरवासियों के लिए आम बात है, लेकिन सवाल उठता है कि स्मार्ट सिटी परियोजना पर जो दो हजार करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई इसका लाभ देखने को नहीं क्यों नहीं मिलता। हर बार बरसात में जल जमाव हो जाता है। सबसे बड़ी समस्या तो सीवरेज सिस्टम की है। बेवकूफ इंजीनियरों ने सड़क के बीच में सीवरेज के पाइप डाले हैं। जब भी बरसात होती है तो सीवरेज का पानी उफन कर सड़कों पर आ जाता है। सीवरेज के पानी को शुद्ध करने के लिए आनासागर में ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया था, लेकिन यह प्लांट भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया, इसलिए आनासागर में भी मलमूत्र वाला पानी समा रहा है। बरसात की वजह से आनासागर गंदे कुंड में तब्दील हो गया है। आनासागर से लगातार दुर्गंध आ रही है। सीवरेज के लिए खोदा गड्ढा: अजमेर के वार्ड संख्या 36 की पंचवटी कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर सीवरेज लाइन के लिए बीस फीट गहरा गड्ढा खोदा गया है। यह गड्ढा भी बरसात के पानी से भर गया है। सबसे गंभीर बात यह है कि इस मार्ग पर दो स्कूल संचालित है और बच्चों को भी इसी मार्ग से होकर स्कूल आना जाना पड़ता है। गड्ढे की वजह से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसी स्थिति शहरभर में है। S.P.MITTAL BLOGGER (03-07-2025) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

अब जब 16 नए आईएएस मिल गए है तो राजस्थान राजस्व मंडल में सदस्यों की नियुक्ति होनी चाहिए। नए सदस्यों की नियुक्ति पर ही अध्यक्ष हेमंत गेरा के प्रयास सफल होंगे। आखिर राजस्व मंडल का सदस्य क्यों नहीं बनना चाहते आईएएस?

अजमेर स्थित राजस्थान राजस्व मंडल में मौजूदा समय में 70 हजार मुकदमें लंबित हैं। मुकदमों की इतनी संख्या को देखते हुए अध्यक्ष हेमंत गेरा ने विशेष प्रयास किए हैं। इसके अंतर्गत अब मंडल के सदस्य लंच बाद भी मुकदमों की सुनवाई करने लगे हैं। पूर्व में लंच से पहले तक ही मुकदमों की सुनवाई होती थी। लंच बाद भी मुकदमों की सुनवाई होने से काम को गति तो मिली है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या सदस्यों के पद रिक्त होना है। मंडल में 20 में से 10 पद रिक्त पड़े हैं। मंडल में अध्यक्ष सहित आईएएस कोटे के सात पद है, लेकिन इनमें से अध्यक्ष गेरा और एक सदस्य आरडी मीणा ही कार्यरत हैं। शेष पांच पद रिक्त होने से मुकदमों की सुनवाई होने असर पड़ रहा है। अब जब हाल ही में आरएएस से 16 अधिकारी आईएएस बने हैं तब उम्मीद की जानी चाहिए कि राजस्व मंडल में भी आईएएस के रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति होगी। आमतौर पर देखा गया है कि आईएएस बनने के बाद अधिकांश अधिकारी राजस्व मंडल का सदस्य बनने से परहेज करते हैं। इसलिए मौजूदा समय में भी आईएएस कोटे के पांच पद रिक्त है। यदि इन पदों पर नियुक्ति हो जाए तो मुकदमों का निस्तारण भी जल्द हो सकता है। चूंकि जयपुर में राजस्व मंडल की स्थाई बैंच लगती है, इसलिए कई सदस्य तो जयपुर में ही डेरा जमाए रहते हैं, 20 में 10 पद रिक्त होने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजस्व मंडल का कामकाज कितना प्रभावित हो रहा होगा। मंडल में आरएएस कोटे के 11 पद हैं, इनमें से चार रिक्त हैं। जबकि वकील कोटे के दोनों पद रिक्त हैं। वकील कोटे से राजनीतिक नजरिए से ही नियुक्ति होती हैं। लेकिन राजस्थान में भाजपा की सरकार बने डेढ़ वर्ष हो गया है, लेकिन अभी तक भी वकील कोटा नहीं भरा गया है। S.P.MITTAL BLOGGER (03-07-2025) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511