Sunday, 20 September 2026

दो निगम, 6 परिषद और 22 नगर पालिकाओं में भाजपा उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन। राजस्थान के इतिहास में ऐसा पहली बार। पूर्व सीएम गहलोत ने माना कि कांग्रेस का चुनावी प्रबंधन कमजोर रहा। डोटासरा ने हिंसा होने की आशंका जताई। ============= राजस्थान के 309 शहरी निकायों के प्रमुखों का चुनाव 21 सितंबर को होना है, लेकिन 18 सितंबर को नाम वापसी के बाद 32 निकायों के प्रमुखों का चुनाव निर्विरोध हो गया। इन 32 में से 30 भाजपा के प्रमुख है, जबकि कांग्रेस सिर्फ 2 में ही निर्विरोध निर्वाचन करवा सकती है। 10 नगर निगम में से भाजपा भीलवाड़ा और भरतपुर में अपने मेयर को निर्विरोध निर्वाचित करवा सकती है। इसी प्रकार 6 नगर परिषद और 22 पालिकाओं में भी भाजपा के उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। राजस्थान के इतिहास में पहला अवसर है, जब 30 निकायों में भाजपा के उम्मीदवार का निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। यह सब भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री रहते हुए हुआ है। दिसंबर 2023 में जब पहली बार विधायक बने शर्मा को भाजपा ने मुख्यमंत्री बनाया, तब आशंका जताई गई थी कि शर्मा कमजोर मुख्यमंत्री साबित होंगे, लेकिन शहरी निकायों के 30 स्थानों पर निर्विरोध प्रमुख बनना दर्शाता है कि भजनलाल शर्मा कमजोर मुख्यमंत्री नहीं है। 21 सितंबर को जब शेष निकाय प्रमुखों के परिणाम सामने आएंगे, तब चुनाव की असली तस्वीर सामने आएगी। असल में शहरी निकायों के चुनाव में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा शुरू से ही हमलावर रही। शहरी निकायों का परिणाम इसलिए भी महत्व रखता है कि अगले माह ही पंचायती राज के चुनाव होने हैं। सीएम शर्मा की यह भी बड़ी उपलब्धि है कि राजस्थान में वन स्टेट, वन इलेक्शन की नीति के तहत शहरी निकाय और पंचायती राज के चुनाव एक साथ हो रहे हैं। कमजोर प्रबंध स्वीकारा: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने स्वीकार किया है कि शहरी निकाय के चुनाव में कांग्रेस का प्रबंधन कमजोर रहा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी को जो प्रभावी रणनीति बनानी चाहिए थी, वह नहीं बनाई गई। गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के रोड शो का जवाब कांग्रेस के नेताओं के रोड शो से देना चाहिए था। उन्होंने माना कि निर्णय लेने में चूक हुई है। हिंसा की आशंका: वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। उन होटलों की जांच की जा रही है, जहां कांग्रेस के पार्षद ठहरे हुए हैं। जांच के नाम पर कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों को पुलिस उठाकर ले जा रही है। पार्षदों को डराया धमकाया जा रहा है। डोटासरा ने राज्य के डीजीपी राजीव शर्मा से कहा कि पुलिस के दुरुपयोग को रोका जाए, नहीं तो खून खराबा हो जाएगा। पार्षदों के परिजन आक्रोशित है। लोगों में भी पुलिस के प्रति गुस्सा बढ़ता जा रहा है। डोटासरा ने कहा कि भाजपा के उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन इसलिए हुआ है कि पुलिस ने कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों को डरा धमका कर नाम वापसी करवाई। पहले वार्ड चुनाव में और अब निकाय प्रमुख के चुनाव में भाजपा सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 19-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

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