Sunday, 20 September 2026
साम्यवाद से नहीं हिंदू कट्टरता से भारत को खतरा है।
अंदाजा लगाया जा सकता है कि हामिद अंसारी ने 10 वर्ष तक किस मानसिकता से उपराष्ट्रपति के पद पर काम किया।
पीएम मोदी तो 9 वर्ष पहले ही अंसारी की छटपटाहट समझ गए थे।
==============
19 सितंबर को पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने ए.जी.नूरानी मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से आयोजित एक समारोह में भाग लिया। अंसारी ने देश के हालातों पर चिंता जताते हुए कहा कि आज जितना खतरा साम्यवाद से नहीं है, उससे कहीं ज्यादा हिंदू कट्टरता से है। अंसारी ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भी हिंदू कट्टरता को खतरा बताया था। हिंदू कट्टरता की परिभाषा क्या है, यह तो हामिद अंसारी ही जानते हैं, लेकिन हामिद अंसारी के इस बयान से पता चलता है कि उनके मन में बहुसंख्यक हिन्दू समुदाय के प्रति कितनी नफरत है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अंसारी ने 10 वर्षों तक किस मानसिकता के साथ उपराष्ट्रपति के पद पर काम किया। अंसारी हिंदू कट्टरता को तो खतरा मानते हैं, लेकिन साम्यवाद को नहीं। शायद हामिद अंसारी को साम्यवादी देशों में रहने का अवसर नहीं मिला है। दुनिया में साम्यवादी देश के रूप में चीन की पहचान है। भारत में तो उपराष्ट्रपति के पद से कार्यमुक्त होने के बाद भी हामिद अंसारी ऐसे बयान दे सकते हैं। यदि यही हामिद अंसारी चीन में रहकर ऐसा बयान देते तो उनके गायब होने की सूचना भी नहीं मिलती। जिस साम्यवाद को बेहतर बताया जा रहा है, उस साम्यवाद वाले देश चीन में हामिद अंसारी को कुछ माह रहना चाहिए। अंसारी को पता चल जाएगा कि कट्टरता क्या होती है। हिन्दू कट्टरता की आड़ लेकर अंसारी ने मौजूदा नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर हमला बोला है। इसमें कोई दो राय नहीं कि पीएम मोदी सनातन संस्कृति और धर्म के प्रबल समर्थक और संरक्षण है। अपने इन विचारों को नरेंद्र मोदी छिपाते भी नहीं है। यदि मोदी में कट्टरता होती तो आज 25 करोड़ मुसलमान पूर्ण सुरक्षा के साथ भारत में नहीं रह सकते थे। हामिद अंसारी को भले ही देश में हिंदू कट्टरता नजर आए, लेकिन आज दुनिया में मुसलमान सबसे ज्यादा भारत में सुरक्षित है। पड़ोसी और इस्लामिक देश पाकिस्तान में 18 सितंबर को ही मस्जिद के पास जो बम विस्फोट हुआ उस में 40 से ज्यादा मुसलमान मारे गए। हामिद अंसारी को कट्टरता देखनी ही है तो एक बार पाकिस्तान का दौरा करे। हामिद अंसारी को यह भी समझना चाहिए कि सनातन धर्म ही एकमात्र ऐसा धर्म है जो सभी धर्मों का सम्मान करता है। जिस इस्लाम धर्म को हामिद अंसारी मानते हैं, उसमें अन्य धर्मों के बारे में क्या लिखा है, यह हामिद अंसारी को पढऩा और समझना चाहिए। यह पहला अवसर नहीं है जब हामिद अंसारी ने हिंदुओं को लेकर ऐसा बयान दिया है, इससे पहले भी कई अवसरों पर अंसारी ने अपनी हिन्दू विरोधी भावनाओं को प्रकट किया है। हिंदुओं को लेकर हामिद अंसारी के मन में जो छटपटाहट है, उसे 9 वर्ष पहले ही पीएम मोदी ने समझ लिया था। हामिद अंसारी वर्ष 2007 से लेकर 2017 तक उपराष्ट्रपति के पद पर रहे। यानी करीब साढ़े तीन साल अंसारी को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए के साथ काम करना पड़ा। चूंकि उपराष्ट्रपति ही राज्यसभा के सभापति होते हैं, इसलिए कई बार हामिद अंसारी की मानसिकता राज्यसभा में भी देखने मिली। वर्ष 2017 में जब अंसारी का विदाई समारोह हुआ तो पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि मुझे पता है कि उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति रहते हुए आपके (अंसारी) के मन में छटपटाहट रही। लेकिन अब आप इस छटपटाहट से मुक्त हो रहे हैं। अब आप अपनी मानसिकता और विचारों के अनुरूप जीवन जी सकते हैं।
S.P.MITTAL BLOGGER ( 20-09-2026)
Website- www.spmittal.in
Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog
Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11
Blog- spmittal.blogspot.com
To Add in WhatsApp Group- 9166157932
To Contact- 9829071511
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment