Sunday, 1 June 2025

एमडीएच मसाले वाले राजीव गुलाटी महर्षि दयानंद निर्वाण स्मारक न्यास के प्रधान बने। अजमेर में निर्वाण स्थली पर बनेगा भव्य दयानंद स्मारक। अंत्येष्टि स्थल को विकसित किया जाएगा।

देश के सर्वाधिक लोकप्रिय एमडीएच मसालों के मालिक राजीव गुलाटी को अजमेर स्थित महर्षि निर्वाण दयानंद स्मारक न्यास का प्रधान चुना गया है। मालूम हो कि अजमेर की भिनाय कोठी में ही स्वामी दयानंद ने अंतिम श्वास ली थी। न्यास के मंत्री सोमरत्न आर्य ने बताया कि दिल्ली में एमडीएच परिसर में न्यास के सदस्यों की बैठक हुई। इस बैठक में स्वामी सुमेधानंद सरस्वती, स्वामी संपूर्णानंद, डॉलर बनियान के मालिक दीनदयाल गुप्ता, अहमदाबाद के उद्योगपति सुरेश चंद अग्रवाल, न्यास के मंत्री जयकिशन पारवानी, कोषाध्यक्ष सुभाष नवाल, आचार्य गोविंद सिंह, रामस्वरूप रक्षक, राधे सिंह, रामगोपाल गर्ग, परमजीत खन्ना व तुलसी सोनी उपस्थित रहे। बैठक में सर्वसम्मति से राजीव गुलाटी को न्यास का प्रधान चुना गया। बैठक में मंत्री सोमरत्न आर्य ने अजमेर में जयपुर रोड पर स्वामी दयानंद का स्मारक और संग्रहालय बनाए जाने के लिए एमडीएच संस्था का आभार जताया। इस अवसर पर नवनिर्वाचित प्रधान राजीव गुलाटी ने कहा कि अजमेर में भिनाय कोठी में जो निर्वाण स्थली है, उसे भव्य बनाया जाएगा। साथ ही अजमेर के पहाड़गंज स्थित श्मशान स्थल को विकसित किया जाएगा, जहां स्वामी दयानंद की अंत्येष्टि हुई थी। मंत्री आर्य ने बताया कि भिनाय कोठी में उस कमरे को संरक्षित रखा गया है, जहां स्वामी दयानंद ने अंतिम श्वास ली। एमडीएच वालों की इच्छा के अनुरूप अब स्वामी दयानंद इस निर्वाण स्थल को विकसित किए जाने का काम शुरू हो गया है। आसपास के मकानों को बाजार भाव से खरीदा जा रहा है। आने वाले दिनों में यहां भव्य स्मारक तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस स्मारक पर स्वामी दयानंद के संपूर्ण जीवन के बारे में विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इतिहास में अजमेर का महत्व इसलिए भी है कि अजमेर स्वामी दयानंद की कर्मस्थली रहा और यही पर उन्होंने जीवन की अंतिम सांस ली। अभी भी भिनाय कोठी स्थित निर्वाण स्थली के परिसर में प्रतिदिन वैदिक कार्यक्रम होते हैं। यहां आर्य समाज के विद्वानों द्वारा प्रतिदिन हवन यज्ञ कराया जाता है। स्वामी दयानंद की निर्वाण स्थली की गतिविधियों के बारे में और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 9828039700 पर सोमरत्न आर्य से ली जा सकती है। S.P.MITTAL BLOGGER (31-05-2025) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा को करारा जवाब दिया। जो खुद बेईमान होते हैं, उन्हें दूसरे भी बेईमान नजर आते हैं। मिलावटी खाद की फैक्ट्रियां पकडऩे पर कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को शाबाशी मिली। मिलावटी खाद की जंग में किशनगढ़ के कांग्रेसी विधायक विकास चौधरी भी कूदे।

राजनीति में अजमेर के सांसद और केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी को शांत स्वभाव का राजनेता माना जाता है। चौधरी को कभी भी ऊंची आवाज में बात करते नहीं देखा गया, लेकिन मिलावटी खाद की फैक्ट्रियां पकड़ने के मामले में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान पर चौधरी ने जबरदस्त गुस्सा जताया है। अजमेर संसदीय क्षेत्र के किशनगढ़ में मिलावटी खाद की फैक्ट्रियां पकड़े जाने पर डोटासरा ने केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी की भूमिका पर सवाल उठाए थे। मिलावटी खाद फैक्ट्रियों के मामले में नाम घसीटे जाने पर भागीरथ चौधरी ने डोटासरा के बारे में कहा कि जो खुद बेईमान होता है, उसे दूसरे भी बेईमान नजर आते हैं। चौधरी ने कहा कि मुझ पर लांछन लगाने से पहले डोटासरा को अपने गिरेबां में झांक लेना चाहिए। किशनगढ़ में पकड़ी गई फैक्ट्रियां पिछले कांग्रेस शासन में शुरू हुई थी। अब वे खुद इन फैक्ट्रियों को मिले लाइसेंस की जांच करवाऊंगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करवाऊंगा। उन्होंने कहा कि मैं खुद किसान हंू इसलिए मिलावटी खाद की गंभीरता को समझता हंू। चौधरी ने कहा कि गोविंद सिंह डोटासरा तो सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली वाली कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री चौधरी ने जहां एक ओर कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा को करारा जवाब दिया, वहीं राजस्थान की भाजपा सरकार के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की पीठ थपथपाई। चौधरी ने डॉ. मीणा से मुलाकात की और किशनगढ़ में मिलावटी खाद की फैक्ट्रियां पकडऩे पर शाबाशी दी। जब केंद्रीय मंत्री ने शाबाशी दी तो डॉ. मीणा ने उनकी तुलना संत प्रवृत्ति के राजनेता से कर दी। मीणा ने कहा कि किशनगढ़ में चल रही मिलावटी खाद की फैक्ट्रियों को संरक्षण देने में भागीरथ चौधरी की कोई भूमिका नहीं है। मैं किशनगढ़ में छापामार कार्यवाही करूंगा। इसकी जानकारी मैंने भागीरथ चौधरी को पहले ही दे दी थी। विधायक भी कूदे: अजमेर के किशनगढ़ में मिलावटी खाद की फैक्ट्रियों के पकड़े जाने के बाद भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेताओं में जो जुबानी जंग शुरू हुई, उसमें किशनगढ़ के कांग्रेस विधायक डॉ. विकास चौधरी भी कूद पड़े। विधायक चौधरी ने कहा कि अब कोई कुछ भी सफाई दे, लेकिन सत्ता के संरक्षण बगैर मिलावटी खाद की फैक्ट्रियां किशनगढ़ में नहीं चल सकती है। जिन केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी पर देश भर के किसानों को शुद्ध खाद उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी है। उन्हीं मंत्री के संसदीय क्षेत्र में बड़ी संख्या में मिलावटी खाद की फैक्ट्रियां पकड़ी जाए तो यह चिंता का विषय है। पिछले कांग्रेस के शासन में भी भागीरथ चौधरी ही किशनगढ़ के विधायक थे। विधायक ने उम्मीद जताई कि कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने जो मिलावटी खाद की फैक्ट्रियां पकड़ी है, उसमें राज्य की भाजपा सरकार ईमानदारी के साथ जांच का काम करेगी। ऐसा न हो इस मामले की लीपापोती कर दी जाए। यह जांच का विषय है कि किशनगढ़ में किन नेताओं के संरक्षण में मिलावटी खाद की फैक्ट्रियां चल रही है। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वह इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि किशनगढ़ की फैक्ट्रियों में तैयार होने वाली मिलावटी खाद के कट्टे राजस्थान ही नहीं बल्कि हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार आदि राज्यों में सप्लाई हो रहे है। इफको की खाद भी किशनगढ़ में बन रही है। S.P.MITTAL BLOGGER (31-05-2025) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

तो भजनलाल शर्मा राजस्थान में पीएम मोदी के सिपाही बनकर काम कर रहे हैं। 35 करोड़ में से ढाई करोड़ लोग डायबिटीज रोगी निकले। देश के लिए यह खतरनाक स्थिति है। आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना में राजस्थान को इस वर्ष तीन हजार करोड़ रुपए खर्च करने हैं।

भजनलाल शर्मा डेढ़ वर्ष पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री बने। तभी से भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री होने पर सवाल उठते रहे, लेकिन सवालों और आलोचनाओं की परवाह किए बगैर शर्मा रात दिन काम करते रहे। चूंकि वसुंधरा राजे जैसी भाजपा की नेता की दावेदारी को दरकिनार कर पहली बार के विधायक भजनलाल को मुख्यमंत्री बनाया, इसलिए विपक्ष के नेता भी सवाल उठाते रहे। लेकिन सभी सवालों और आलोचनाओं का जवाब 31 मई को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दे दिया। 31 मई को जयपुर में आयोजित समारोह में नड्डा ने कहा कि भजनलाल शर्मा राजस्थान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिपाही के तौर पर काम कर रहे है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में नीतियों का जो निर्धारण हो रहा है, उस की वजह से भारत आज तेजी से विकास कर रहा है। मोदी की नीतियों को लागू करने में भजनलाल शर्मा रात और दिन काम कर रहे हैं। नड्डा ने भजनलाल को एक मजबूत सिपाही बताया। नड्डा के इस बयान से जाहिर है कि भजनलाल शर्मा को भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व का पूरा समर्थन मिला हुआ है। कुछ लोग शर्मा की परफॉर्मेंस को लेकर सवाल उठाते रहे। लेकिन नड्डा ने स्पष्ट कर दिया है कि भजनलाल शर्मा ही राजस्थान का नेतृत्व करते रहेंगे। नड्डा ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भजनलाल शर्मा, मोदी की नीतियों को सफलता के साथ पूरा कर रहे हैं। विपक्ष खासकर कांग्रेस के नेताओं को अब यह समझ लेना चाहिए कि भजनलाल शर्मा ही राजस्थान में भाजपा के सबसे प्रभावी नेता है। ढाई करोड़ डायबिटीज रोगी: जेपी नड्डा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भी है। इस नाते नड्डा ने समारोह में लोगों के स्वास्थ्य को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े बताए। नड्डा ने बताया कि देश में अब प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य का ब्यौरा तैयार किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत पिछले दिनों ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कैंसर आदि रोगों के बारे में पता लगाया गया। डायबिटीज के लिए 35 करोड़ लोगों की जांच की गई तो 2 करोड़ 57 लाख लोग डायबिटीज रोगी पाए गए। उन्होंने कहा कि ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कैंसर ऐसे रोग हैं, उनके बारे में शुरुआती दौर में पता नहीं चलता है। सरकार का प्रयास है कि जानलेवा रोगों के बारे में शुरुआत दौर से ही इलाज शुरू हो जाए तो अनेक गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। 35 करोड़ में से 2 करोड़ 57 लाख लोगों का डायबिटीज रोगी होना देश के लिए चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि डायबिटीज रोगी के लिए इजाल से ज्यादा खान पान पर सावधानी बरतना जरूरी है। 3 हजार करोड़ रुपए: नड्डा ने बताया कि प्रधानमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना में राजस्थान के लिए इस वित्तीय वर्ष में 3 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इस योजना में पात्र व्यक्ति को पांच लाख रुपए तक के नि:शुल्क इलाज की सुविधा है। देश भर में इस योजना के लिए 64 हजार करोड़ रुपए निर्धारित किए गए है। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी है। देश के किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को अब इलाज के लिए परेशान होने की जरुरत नहीं है। S.P.MITTAL BLOGGER (01-06-2025) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

टूटी और निर्माणाधीन सड़कों का काम बरसात से पहले हो। बिजली की गड़बड़ी से आम उपभोक्ता परेशान। अफसरशाही के रवैये की वजह से लघु उद्यमी दुखी। नया बाजार की यातायात व्यवस्था सुधारने में अजमेर फोरम सहयोग करेगा।

अजमेर के चहुंमुखी विकास और जनसमस्याओं के समाधान में सक्रिय संस्था अजमेर फोरम की एक बैठक 31 मई को एडवोकेट हर्षित मित्तल के पुष्कर रोड स्थित ऑफिस में हुई। बैठक में संस्था के संस्थापक सदस्य और दैनिक भास्कर के संपादकीय सलाहकार डॉ. रमेश अग्रवाल ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने अजमेर के चहुंमुखी विकास और जन समस्या के समाधान में फोरम की भागीदारी के बारे में भी बताया। बैठक में अमित डाणी, उमेश चौरसिया, सैयद सलीम, रणवीर सिंह खुराना, विजय जैन आदि ने शहर की टूटी और निर्माणाधीन सड़कों पर चिंता जताई। साथ ही शहर के प्रमुख नालों की सफाई न होने पर चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा कि यदि बरसात से पूर्व सड़कों की मरम्मत और नालों की सफाई का काम पूरा नहीं हुआ तो हालात बिगड़ेंगे। जो सड़कें निर्माणाधीन है उनमें दोनों ओर नालियां भी नहीं बनी है। बैठक में निर्णय लिया गया कि सड़कों और नालों के बारे में संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया जाएगा। बैठक में एडवोकेट सूर्य प्रकाश गांधी और गणेश चौधरी ने बिजली की बिगड़ी व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की कंपनी टाटा पावर को बिजली सप्लाई का काम इसलिए दिया गया ताकि उपभोक्ताओं को नियमित बिजली मिल सके, लेकिन टाटा पावर की विफलता के कारण आए दिन बिजली कटौती हो रही है। मेंटेनेंस के नाम पर दिन भर बिजली बंद की जाती है और फिर जब थोड़ी बरसात व तेज हवा चलने पर बिजली की सप्लाई बंद हो जाती है। इस संबंध में एवीवीएनएल के अधिकारी भी कोई सुनवाई नहीं करते। ऐसा प्रतीत होता है कि टाटा पावर और एवीवीएनएल के अधिकारियों की मिलीभगत है। बैठक में बसंत सेठी, गिरीश बाशानी, राहुल गर्ग आदि ने लघु उद्यमियों की समस्याओं को रखा। उन्होंने कहा कि अजमेर में पहले से ही जो रीको के औद्योगिक क्षेत्र है, उनमें भूखंड रिक्त पड़े हैं, लेकिन इसके बावजूद नए औद्योगिक क्षेत्र बनाए जा रहे है। रीको की ओर से पुराने क्षेत्र में सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई जा रही, जिनकी वजह से लघु उद्यमियों को भारी परेशानी हो रही है। बिजली की दरों में वृद्धि और लागत में बढ़ोतरी की वजह से लघु उद्यमियों को पहले भी अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं रीको के अधिकारियों के रवैये की वजह से लद्यु उद्यमियों को दोहरी मार पड़ रही है। उद्यमियों की समस्याओं के समाधान में रीको पूरी तरह विफल है। बैठक में शहर के व्यस्ततम नया बाजार की यातायात व्यवस्था को सुधारने के अजमेर फोरम के सहयोग करने का निर्णय लिया गया। नगर निगम के पूर्व अधिकारी सुरेश गर्ग, सीपी कटारिया, अनंत भटनागर, राजेंद्र गुप्ता, प्रकाश जैन, मंजीत सिंह, अब्दुल सलाम कुरैशी, अनुराग जैन, अमित डाणी आदि के सहयोग से नया बाजार की समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा। इसके लिए फोरम के सदस्य जल्द ही नया बाजार के व्यापारियों के साथ बैठक करेंगे। फोरम का प्रयास होगा कि ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम और व्यापारियों के बीच सेतु बनकर यातायात की समस्याओं का समाधान करवाया जाए। विगत दिनों ट्रैफिक पुलिस के डिप्टी एसपी आयुष वशिष्ठ से इस संबंध में फोरम के सदस्यों की वार्ता हुई थी। इस वार्ता के बाद आगरा गेट चौराहे से दुपहिया वाहनों को नया बाजार की ओर जाने की अनुमति दी गई। इससे नया बाजार के व्यापारियों को काफी राहत मिली है। लेकिन अस्थाई अतिक्रमण ठेलों की आवाजाही और पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होने की समस्या बनी हुई है। अजमेर फोरम की ताजा गतिविधियों की जानकारी मोबाइल नंबर 9672913168 पर डॉ. रमेश अग्रवाल से जा सकती है। S.P.MITTAL BLOGGER (01-06-2025) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

अंग्रेजों की चालाकियों से राजे-रजवाड़ों को अहिल्याबाई ने पहले ही सावचेत कर दिया था। राजस्थान की सूचना अधिकारी नर्बदा इन्दौरिया ने अहिल्या बाई को लेकर महिला सशक्तिकरण पर प्रभावी आलेख लिखा।

लोकमाता का दर्जा प्राप्त अहिल्या बाई होल्कर की 300 वीं जयंती के उपलक्ष में देश भर में कार्यक्रम हो रहे है। 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश के भोपाल में और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राजस्थान के जयपुर में आयोजित समारोह में भाग लिया। दोनों नेताओं ने अहिल्या बाई होल्कर के जीवन के बारे में जानकारी दी और यह बताने का प्रयास किया कि आज 250 वर्ष बाद भी अहिल्या बाई की नीतियां प्रासंगिक है। अहिल्या बाई के जीवन की शुरुआत तब हुई, जब भारत में अंग्रेज पैर पसार रहे थे। तभी अहिल्या बाई जैसी नेत्री ने अंग्रेजों की चालाकियों को समझा और राजे रजवाड़ों को सावचेत किया। अहिल्याबाई ने किन विपरीत हालातों में काम किया इसको लेकर राजस्थान के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की अतिरिक्त निदेशक नर्बदा इन्दौरिया ने एक प्रभावी आलेख लिखा है। इस आलेख का प्रकाशन 31 मई को राजस्थान पत्रिका के संपादकीय पृष्ठ पर हुआ है। इंदौरिया के इस आलेख को यहां ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया जा रहा है। अहिल्या बाई होल्कर के जीवन के बारे में और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 941407927 पर नर्बद इंदौरिया से ली जा सकती है। इन्दौरिया का आलेख साधारण परिवार में जन्म लेकर अखंड राष्ट्र की दृष्टि से हम सबको प्रेरित करती लोकमाता अहिल्याबाई पुण्यश्लोक हैं। उन्होंने मनसा, वाचा, कर्मणा सदैव लोकहित के कार्य ही किए। सत्तर वर्ष का उनका जीवन कर्तव्य की मिसाल है, जो बताता है कि अबोध बालिका से लेकर होलकर वंश की सोनबाई होने और फिर राजमाता से लोकमाता बन जाने तक प्रतिदिन -प्रतिपल परिवार, समाज और राष्ट्र जीवन की मर्यादाएं तय करते हुए किस तरह न्यायप्रिय, आध्यात्मिक-सात्विक-प्रजावत्सला, लोकदेवी और जनमानस के लिए प्रातः स्मरणीय हुआ जा सकता है। ये वह उपाधियां हैं, जो उनको जीते जी आमजन से प्राप्त हुईं। उन्होने दिखाया कि युद्ध को राजकोष भरने का साधन न मानते हुए और राजकोष को युद्ध के लिए रिक्त न करने की नीति पर चलकर भी राज्य को सदैव सशक्त और सशस्त्र रखा जा सकता है। उनकी राजनीतिक समझ का आकलन इस बात से किया जा सकता है कि उन्होंने अंग्रेजी कूटनीति को भालू की गुदगुदी के समान घातक बताते हुए विभिन्न राजे-रजवाड़ों को उनसे सावधान रहने और अखंड भारत के लिए एक रहने की नेक सलाह दी। अहिल्याबाई ने अपनी ननद के साथ मिलकर 500 स्त्रियों की सैन्य टोली का गठन किया। उन्होंने स्वयं तोपखाने का निर्माण करवाया और महंगी बंदूक उपलब्ध कराने की अंग्रेजी नीति के प्रत्युत्तर में सेना में फ्रांसीसी अधिकारी की भर्ती कर बंदूकों का उत्पादन करवाया। यह लोकमाता की सामाजिक दूरदृष्टि थी कि स्त्रियों के अतिरिक्त समय का सदुपयोग करने के लिए वस्त्र उद्योग का ऐसा स्टार्टअप प्रारम्भ किया, जो आज तक महेश्वरी साड़ी के नाम से फलता-फूलता उद्योग है। उन्होंने अखिल भारतीय दृष्टिकोण के साथ देश में बद्रीनाथ से रामेश्वरम और द्वारिका से कोलकाता तक १०० से भी अधिक स्थानों पर मंदिर जीर्णोद्धार, धर्मशाला निर्माण, नदी किनारे घाट का निर्माण करवाया। उनका भोजन महेश्वर वाड़े के ३०० कर्मचारियों के साथ होता था, जिनमें दीवान से लेकर सफाईकर्मी भी भागीदार होते थे। काशी में कुशावर्त घाट बनवाया, जहां कोई भी दाह संस्कार कर सकता था। उन्होंने पर्यावरण और खेती के लिए नियम तैयार किए। नर्मदा का पृथक प्रवाह तैयार करवाया, ताकि नदी दूषित न हो। पशु-पक्षियों के लिए पृथक खेत रखवाए, जिन का अनाज बेचने की अनुमति नहीं थी। इसकी भरपाई राज्य से होती थी। शहरी नियोजन उनके समय किया गया, जिसमें उद्योग के अनुसार बस्तियां बसाई गईं। एक उज्ज्वल जीवन को स्मरण करने का यह सुअवसर जन्म त्रिशताब्दी वर्ष के रूप में प्राप्त हुआ है और आज उनकी जयंती है। सामाजिक प्रयासों से अखिल भारतीय स्तर पर अनेक कार्यक्रम, कार्यशाला, संगोष्ठी, लेखन, नाटिका इत्यादि के माध्यम से समाज में यह विषय पहुंचा है। अतीत से प्रेरणा लेकर भविष्य निर्माण करने की सीख का यह सुअवसर है जब किसी व्यक्तित्व को इतनी गहराई से जानने-समझने का प्रयास हुआ। मध्यकालीन समाज जब विदेशी आक्रमणों से आहत होकर स्वबोध विस्मृत कर बैठा था, धर्म के प्रति आग्रही नहीं रहा, यात्राओं के माध्यम से आस्था का प्रकटीकरण अवरुद्ध था,उस समय समाज की चेतना को झंकृत करने वाली वीणा के स्वर के समान लोकमाता का सम्बल-सहारा-समर्थन, कृति और नेतृत्व ईश्वरीय वरदान के रूप में सामने आया। शिवभक्त वीरांगना ने राजकार्य को %श्रीशिव आज्ञेकरुण% मानते हुए समस्त कार्य किए। उन्होंने स्वयं की क्षमता का अर्जन ही नहीं किया, शेष महिलाओं को भी आगे लेकर बढ़ीं। वह सिर्फ भौतिक विकास तक नहीं रुकीं, समाज की मानसिकता में भी परिवर्तन लाईं। उन्होंने विधवाओं को संपत्ति का अधिकार दिलाया। उस समय निसंतान विधवाओं की संपत्ति शासन को मिलती थी। अहिल्याबाई ने इसे कोष वृद्धि नहीं माना और इस पर विधवाओं को अधिकार दिलाया। सभी जातियों में विवाह के लिए दहेज की मनाही का आदेश जारी किया। महिलाओं की दरबार में सुनवाई होती थी। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि अत्यंत स्थिर, किन्तु आग्रही रहते हुए, बिना कटुता उत्पन्न किए और विरोध न करके भी समाज के मानस को परिवर्तित किया जा सकता है। अहिल्याबाई ने उन सब अवधारणाओं के अर्थ बदल दिए, जहां व्यावहारिक जीवन में यह कहा जाता है कि धर्मपरायणता के साथ कूटनीति नहीं हो सकती, पराक्रम के साथ विनम्रता कठिन है, अथवा वैभव के साथ सात्विकता का दर्शन नहीं। लोकमाता अहिल्याबाई इन सबका अद्भुत संतुलन थीं। वह सिर्फ भौतिक विकास तक नहीं रुकीं, समाज की मानसिकता में भी परिवर्तन लाईं। उन्होंने विधवाओं को संपत्ति का अधिकार दिलाया। S.P.MITTAL BLOGGER (01-06-2025) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511