जमीन विवादों को निपटाने के लिए बने राजस्थान राजस्व मंडल के वकील 6 मई से विरोध पर उतर आए। वकीलों ने मंडल की अध्यक्ष नीलिमा जौहरी के उस आदेश के विरोध किया है, जिसमें पक्षकारों को सीधे मोबाइल फोन पर सुनवाई की तारीख जानकारी देने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए मंडल के वकीलों से कहा गया कि वे अपने अपने पक्षकार के मोबाइल नम्बर दे दें, ताकि मंडल की ओर से भी आगामी तारीख पेशी की जानकारी भेजी जा सके। जौहरी के इस आदेश का ही मंडल के वकील विरोध कर रहे हैं। वकीलों का कहना है कि यह आदेश वकीलों के कामकाज में दखल है। पक्षकारों को तारीख पेशी की जानकारी देने का हक वकीलों का ही है। वकील और पक्षकार के बीच सीधा संबंध होता है। वैसे भी सभी वकील अपने-अपने पक्षकार को सुनवाई की तारीख के बारे में बताते हैं। वहीं मंडल की अध्यक्ष नीलिमा जौहारी का कहना है कि पक्षकारों की सुविधा के लिए ही यह निर्णय लिया गया है। कई बार पक्षकार को समय पर सुनवाई की जानकारी नहीं होती है। ऐसे में यदि उसके मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिए जानकारी दे दी जाएगी, तो वे सही समय पर सुनवाई के दिन उपस्थित हो सकता है, जौहारी ने यह सवाल उठाया है कि आखिर पक्षकारों को तारीख की जानकारी देने पर वकीलों को ऐतराज क्यों हैं?
(एस.पी. मित्तल) (spmittal.blogspot.in) M-09829071511
Wednesday, 6 May 2015
पक्षकारों को पेशी की जानकारी मिलने पर वकील नाराज क्यों
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