अजमेर जिले में कांग्रेस के नेताओं से सदस्यता अभियान संभल नहीं रहा है। संगठन पदाधिकारियों को दरकिनार कर पूर्व विधायक और प्रभावशाली ब्लॉक अध्यक्ष सदस्यता की बुक सीधे प्रदेश कार्यालय में जमा करा रहे हैं।
सदस्यता अभियान को लेकर सोमवार को जिला प्रभारी पूर्व विधायक प्रदीप सिंह ने एक संवाददाता सम्मेलन बुलाया। इसमें देहात अध्यक्ष नाथूराम सिनोदिया और शहर अध्यक्ष महेन्द्र सिंह रलावता भी उपस्थित थे, लेकिन कोई भी नेता यह नहीं बता सका कि इस बार कितने सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है और अब तक कितने लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ले ली है। तीनों नेताओं का कहना रहा कि अंतिम तिथि 15 मई तक अजमेर शहर और जिलेभर में एक लाख सदस्य बनाए जाएंगे, लेकिन सदस्य बनाने की प्रक्रिया के बारे में तीनों नेताओं ने कोई संतोष जनक जवाब नहीं दिया। अलबत्ता यह दावा किया कि भाजपा ने एमएसएस के जरिए जो सदस्यता अभियान चलाया है, वह बोगस है, जबकि कांग्रेस के सदस्य का नाम पता आदि बुक में दर्ज किया जा रहा है। तीनों नेताओं ने भाजपा की केन्द्र व राज्य सरकार की विफलता को भी गिनाया।
यह है हकीकत
असल में अजमेर में कांग्रेस के नेताओं से सदस्यता अभियान संभल ही नहीं रहा है। सोमवार को नेताओं ने चाहे कितने भी दावे किए हो, लेकिन हकीकत यह है कि ब्यावर ब्लॉक के अध्यक्ष डॉ. एस.सी. जैन, मसूदा के अध्यक्ष सरदारा काठात और भिनाय ब्लॉक के अध्यक्ष नरेन्द्र विक्रम सिंह ने सदस्यता की किताबें सीधे प्रदेश कार्यालय में जमा करवा दी है। यह ब्लॉक अध्यक्ष प्रभारी प्रदीप सिंह और देहात के अध्यक्ष सिनोदिया को यह बता ही नहीं है कि उनके ब्लॉक में कितने सदस्य बना गए हैं। इसी प्रकार केकड़ी के कार्यकारी ब्लॉक अध्यक्ष रतन पंवार और सरवाड़ के हरी सिंह राठौड़ को निर्देश दिए हैं कि सदस्यता की भरी हुईबुकें उनके पास जमा करवाई जावे। यानी यह दोनों अध्यक्ष भी जिले के नेताओं के कहने में नहीं है। पुष्कर विधानसभा क्षेत्र में आने वाले ब्लॉक पुष्कर व रूपनगढ़ के अध्यक्ष क्रमश: ओम प्रकाश गुर्जर व कानाराम चौधरी जैसे नेताओं के बजाए पूर्व विधायक श्रीमती नसीम अख्तर के प्रति ज्यादा वफादार है। श्रीनगर के ब्लॉक अध्यक्ष भंवर लाल जैन और पीसांगन के रामस्वरूप चौधरी वो ही कर रहे है, जो नसीराबाद के विधायक रामनारायण गुर्जर कह रहे हैं। देहात जिला अध्यक्ष सिनोदिया का दखल सिर्फ किशनगढ़ और अरांई ब्लॉक में ही है। किशनगढ़ के अध्यक्ष शकी मोहम्मद और अरांई के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने जो सदस्य बनाए हैं, उनकी बुकें देहात कार्यालय में जमा करवाई जा रही है। इसी प्रकार जवाजा के ब्लॉक अध्यक्ष भगवान सिंह रावत अपने स्तर सक्रिय बताए जा रहे है।
शहरी अध्यक्ष महेन्द्र सिंह रलावता का प्रयास है कि चारों ब्लॉक अध्यक्षों के माध्यम से अधिक से अधिक सदस्य बनाए गए, लेकिन रलावता के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि उन्हें खुद नहीं पता कि वे कब तक शहर अध्यक्ष का काम करेंगे। रलावता को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का सचिव घोषित किया जा चुका है। यानी वर्तमान में रलावता एक साथ दो पदों पर काम कर रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने रलावता की इस दुविधा को अभी तक भी समाप्त नहीं किया है। ऐसे में सदस्यता अभियान पूरी तरह चारों ब्लॉक अध्यक्षों के भरोसे चल रहा है।
(एस.पी. मित्तल)(spmittal.blogspot.in) M-09829071511
Tuesday, 12 May 2015
नेताओं से संभल नहीं रहा कांग्रेस का सदस्यता अभियान
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