सभी आशंकाओं को परे ढकेलते हुए जिला प्रमुख सुश्री वंदना नोगिया ने 6 मई को जिला परिषद की साधारण सभा कर ही ली। अजमेर के सांसद और केन्द्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री सांवरलाल जाट के समर्थक माने जाने वाले उपजिला प्रमुख टीकमचंद चौधरी ने शुरू में विरोधी तेवर दिखाए, लेकिन वंदना नोगिया अपनी जिद्द पर अड़ी रहीं। चौधरी चाहते थे कि गत बैठक की कार्यवाही का पूरा विवरण नहीं पढ़ा जाए, लेकिन नोगिया ने एसीओ जगदीशचंद हेड़ा से कोई डेढ़ घंटे तक विवरण पढ़ावाया। अजमेर के भाजपा नेताओं में जो खींचतान चल रही है, उसका असर साधारण सभा में भी देखने को मिला। जिले में भाजपा के सात विधायक हैं, लेकिन सभा में मात्र तीन विधायक ही उपस्थित हुए। शत्रुघ्न गौतम, सुरेश रावत तथा भागीरथ चौधरी के साथ-साथ कांग्रेस के रामनारायण गुर्जर आए, जबकि वासुदेव देवनानी, श्रीमती अनिता भदेल, श्रीमती सुशील कंवर पलाड़ा तथा शंकर सिंह रावत अनुपस्थित रहे। इसी प्रकार अजमेर के सांसद जाट और राजसमंद के भाजपा सांसद हरिओम सिंह राठौड़ भी नहीं आए। राज्यसभा के सांसद भूपेन्द्र सिंह यादव भी अनुपस्थित रहे। माना जा रहा है कि जिला प्रमुख के चुनाव के समय विधायकों में जो नाराजगी हुई थी, उसके चलते ही सांसद जाट और विधायक नहीं आए। यंू तो वंदना नोगिया भी भाजपा की हैं, लेकिन 6 मई को साधारण सभा में ऐसा प्रतीत हुआ कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों का नोगिया को समर्थन नहीं है। नाराज भाजपा नेताओं के नहीं आने का फायदा नोगिया को ही हुआ। असहयोग के चलते ही नोगिया जिला प्रमुख की प्रभावी भूमिका नहीं निभा पा रही हंै। सभा में जो जनप्रतिनिधि उपस्थित थे,उन्होंने भी आरोप लगाया कि जिले में तैनात अधिकारी उनकी कोई सुनवाई नहीं करते हैं।
(एस.पी. मित्तल) (spmittal.blogspot.in) M-09829071511
Wednesday, 6 May 2015
आखिर वंदना नोगिया ने कर ली साधारण सभा
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