राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने आखिर अजमेर की निर्मला खंडेलवाल से पीछा छुड़ा ही लिया। पिछले चार दिनों से श्रीमती खंडेलवाल और उनके समर्थकों ने पायलट का दो बार पुतला फूंका। असल में निर्मला ने अजमेर नगर निगम के वार्ड संख्या 12 से उम्मीदवारी जताई थी। निर्मला को कांग्रेस को कांग्रेस का उम्मीदवार भी घोषित कर दिया गया था लेकिन ऐन मौके पर रितु गोयल को उम्मीदवार बना दिया गया। निर्मला का आरोप है कि शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह रलावता और प्रदेश के सचिव कुलदीप सिंह राजावत ने मिलीभगत कर रितु गोयल को उम्मीदवार बनाया है। निर्मला ने पैसे के लेनदेन का भी आरोप लगाया। उम्मीदवारी कटने के विरोध में निर्मला और उनके समर्थकों ने पायलट के खिलाफ जो आंदोलन किया उससे घबरा कर ही पायलट ने उनकी जाति के पूर्व विधायक रमेश खंडेलवाल को अजमेर भेजा। 12 अगस्त को रमेश की भूमिका से ही निर्मला खंडेलवाल और पायलट की बात हो सकी। पायलट ने भरोसा दिलाया कि चुनाव के बाद रलावता और राजावत के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। इसके बाद खंडेलवाल ने आंदोलन समाप्त कर दिया। आंदोलन के समाप्त होने से कांग्रेस की उम्मीदवार रितु गोयल ने राहत महसूस की है। मालूम हो कि कांग्रेस के अनेक वार्डों में टिकटों को लेकर कार्यकर्ताओं में असंतोष है।
(एस.पी. मित्तल)(spmittal.blogspot.in)M-09829071511
Wednesday, 12 August 2015
आखिर पायलट ने निर्मला खंडेलवाल से पीछा छुड़ाया
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