जो अजमेर की भाजपा उत्तर और दक्षिण में बंटी हुई है, उस भाजपा को मसाणिया भैरवधाम के उपासक चम्पालाल महाराज एक कर सकते हैं। 24 अगस्त को मेयर धर्र्मेन्द्र गहलोत और डिप्टी मेयर संपत सांखला का जो पद ग्रहण समारोह हुआ, उसमें चम्पालाल महाराज भी उपस्थित रहे। समारोह में उत्तर की भजपा का नेतृत्व करने वाले शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी और दक्षिण की भाजपा का नेतृत्व करने वाली महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिता भदेल भी उपस्थित थी। भाजपा के सभी नेताओं ने चम्पालाल महाराज के चरणस्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। गहलोत तो पहले ही कह चुके हैं कि वे चम्पालाल महाराज के चमत्कार से ही मेयर बने हैं। श्रीमती भदेल के समर्थक डिप्टी मेयर सांखला तो पहले से ही चम्पालाल महाराज के भक्त हैं।
सांखला भी अपनी राजनीतिक सफलता का श्रेय चम्पालाल महाराज को ही देते हैं। ऐसे में अजमेर में भाजपा को एक करने में महाराज भूमिका निभा सकते हैं। चम्पालाल महाराज की चौकी प्रत्येक रविवार को निकटवर्ती राजगढ़ गांव में भैरवधाम पर लगती है। सैकड़ों पीडि़त लोग महाराज के पास आकर राहत महसूस करते हैं। चम्पालाल महाराज जब चौकी पर बैठते हैं, तो कई बोतल शराब पीते हैं। सिगरेट के कश के बीच लोगों की समस्याओं का समाधान भी बताते हैं। अजमेर ही नहीं बल्कि प्रदेश और देश के राजनीतिज्ञ महाराज से अशीर्वाद प्राप्त करते हैं। 24 अगस्त को शपथ ग्रहण समारोह में जिस प्रकार महाराज ने अपनी उपस्थित दर्ज कराई, उससे शहरवासियों का मानना है कि अब महाराज को भाजपा को एक करने का काम करना चाहिए। देवनानी और भदेल में भले ही कितने भी मतभेद हो, लेकिन यदि चम्पालाल महाराज आदेश देंगे, तो उन दोनों मंत्रियों को मानना ही पड़ेगा। भाजपा के कार्यकर्ता भी मानते हैं कि यदि देवनानी और भदेल मिलकर काम करें तो अजमेर का विकास तेजी के साथ हो सकता है। अभी तो हालात यह है कि दोनों एक दूसरे के निर्वाचन क्षेत्र में कोई कार्यक्रम तक आयोजित नहीं कर सकते हैं।
(एस.पी. मित्तल)(spmittal.blogspot.in)M-09829071511
Tuesday, 25 August 2015
तो मसाणिया धाम के उपासक करा सकते हैं अजमेर भाजपा में एकता।
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