एसीबी की अजमेर स्थित स्पेशल यूनिट के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी के नेतृत्व में 25 अगस्त को एक बड़ी कार्यवाही में सिटी मजिस्ट्रेट के रीडर मनीष गोधा को दो सौ रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। रीडर गोधा अदालत की डायस पर बैठकर ही एक वकील से रिश्वत ले रहा था। एसीबी को गोधा की रिश्वतखोरी की शिकायतें कई दिनों से मिल रही थी। शिकायतों के मद्देनजर ही एसीबी ने जाल बिछाया और रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस जिन व्यक्तियों को धारा 151 में गिरफ्तार करती है उन्हें सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष ही प्रस्तुत किया जाता है। आमतौर पर मामूली अपराध करने वालों को जमानत पर छोड़ दिया जाता है। जमानत की प्रक्रिया पूरी को पूरी करने के एवज में ही मनीष रिश्वतखोरी कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद गोधा ने एसीबी के अधिकारियों को बताया कि वह रिश्वत का पैसा सिटी मजिस्ट्रेट दफ्तर में चाय पानी पर ही खर्च किया करता है। एसीबी के अधिकारियों के अनुसार 25-30 मामलों में रोजाना रिश्वत वसूली जाती है। ख्वाजा साहब के गत सालाना उर्स में भी एक मामले में गोधा ने 2500 रुपए की रिश्वत ली थी।
पहली बार हुई कलेक्ट्रेट में कार्यवाही
संभवत यह पहला अवसर है जब अजमेर कलेक्ट्रेट परिसर में एसीबी ने इतनी बड़ी कार्यवाही की है। सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय कलेक्टर परिसर में ही संचालित होता है।
(एस.पी. मित्तल)(spmittal.blogspot.in)M-09829071511
Tuesday, 25 August 2015
सिटी मजिस्ट्रेट अदालत का रीडर रिश्वत लेते गिरफ्तार
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