कुख्यात अपराधी आनंदपाल सिंह 3 सितम्बर को दो कैदी साथियों के साथ अजमेर पुलिस पर फायरिंग कर फरार हो गया। आनंदपाल की दिलेरी अजमेर एसपी विकास कुमार को खुली चुनौती है। विकास कुमार ने अजमेर पुलिस को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए बहुत मेहनत की है। एसपी का खौफ अपराधियों में होने ही लगा था कि आनंदपाल ने अजमेर पुलिस को जोरदार झटका दे दिया। यह वही आनंदपाल है, जिसने बीकानेर जेल में गैंगवार कर तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। खूंखार रवैये को देखते हुए ही आनंदपाल को बीकानेर से अजमेर जेल में स्थानान्तरित किया गया। यहां भी आनंदपाल को कड़ी सुरक्षा में रखा गया। 3 सितम्बर को अजमेर पुलिस आनंदपाल को कैदी सुभाष व वल्लभ के साथ डीडवाना की कोर्ट में ले गई। पेशी के बाद जब पुलिस तीनों कैदियों को डीडवाना से अजमेर की ओर ला रही थी कि तभी रास्ते में परबतसर के निकट आनंदपाल के साथियों ने पुलिस वाहन पर हमला कर दिया। आनंदपाल ने पुलिस जवानों के हथियार छीने और उन्हीं पर फायरिंग कर दी। आठ पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर आनंदपाल और दोनों कैदी फरार हो गए। सवाल उठता है कि जब आनंदपाल के खूंखार रवैये के बारे में पता था तो फिर डीडवाना ले जाते वक्त सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नही किए गए। जब अजमेर एसपी ने अपनी क्यूआरटी फोर्स बनाई है तो इस फोर्स का इस्तेमाल आनंदपाल के लिए क्यों नहीं किया गया। क्या क्यूआरटी फोर्स सिर्फ विकास कुमार के इर्दगिर्द रहने के लिए ही है। अजमेर पुलिस को आनंदपाल की फरार होने की योजना की भी जानकारी नहीं है। आनंदपाल ने जेल में बैठे-बैठे फरारी की योजना बना ली और अजमेर पुलिस देखती रह गई। हालांकि अब एसपी विकास कुमार खुद फरार आनंदपाल को खोजने में निकल पड़े हैं।
(एस.पी. मित्तल)(spmittal.blogspot.in)M-09829071511
Thursday, 3 September 2015
कुख्यात अपराधी आनंदपाल सिंह की फरारी अजमेर एसपी विकास कुमार को चुनौती है।
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