Saturday, 26 September 2015

कृषि मंत्री को नहीं खेतों की जानकारी

पुष्कर में करवाया वर्षा यज्ञ
राजस्थान और देश का किसान सरकार की नीतियों से पहले ही दुखी और बेहाल है, उस पर राजस्थान के कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने जले पर नमक छिड़कने वाला कृत्य किया है। खेतों में जब मक्का, बाजरा, ग्वार, मूंग आदि की फसल पक कर तैयार है तब हमारे अज्ञानी कृषि मंत्री सैनी इंद्र देवता से बरसात की प्रार्थना कर रहे है। सैनी ने 25 सितम्बर को पुष्कर सरोवर के घाट पर वर्षा यज्ञ कराया। इस यज्ञ में सैनी और उनकी पत्नी साथ-साथ बैठे और आहुतियां देकर प्रार्थना की कि वर्षा हो जाए। वैसे तो इन्द्र देवता को भी पता है कि राजनेता अपने स्वार्थो की वजह से ही यज्ञ आदि कराते है इसलिए सैनी के यज्ञ के बाद भी वर्षा की कोई संभावना नहीं है लेकिन सैनी के कृषि के ज्ञान पर तरस आता है। सैनी भले ही कृषि मंत्री हो लेकिन उन्हें खेती के बारे में कोई ज्ञान नहीं है। यदि खेती का ज्ञान होता तो सैनी पकी हुई फसल पर कभी बरसात नहीं करवाते। अफसोसजनक बात तो यह है कि सैनी कृषि वैज्ञानिकों और किसानों के बीच जाकर खेती के बारे में उपदेश देते है। जिस कृषि मंत्री को यहीं नही पता कि किसान को बरसात की कब आवश्यकता होती है, वह कृषि मंत्री किसानों का क्या भला करेगा? किसान ही नहीं एक सामान्य व्यक्ति भी अब ज्ञान रखता है कि मानसून से पहले वर्षा यज्ञ कराया जाता है ताकि अच्छी बरसात हो। प्रदेश के मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मानसून के पहले प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों पर वर्षा यज्ञ करवाए थे। सावन माह के चारों सोमवारों को मुख्यमंत्री की ओर से हवन यज्ञ करवाए गए। सैनी को कम से कम मुख्यमंत्री के वर्षा यज्ञ की तो जानकारी होनी ही चाहिए थी।
(एस.पी. मित्तल)(spmittal.blogspot.in)M-09829071511

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