राकेश मारिया के स्थान पर अहमद जावेद को मुम्बई का पुलिस कमिश्नर बनाया गया तो मीडिया खास कर न्यूज चैनलों ने हाय-तौबा मचाना शुरू कर दिया। खबरों में कहा गया कि शीना मर्डर केस में मारिया की जरुरत से ज्यादा दिलचस्पी की वजह से महाराष्ट्र के सीएम देवेन्द्र फडऩवीस नाराज थे, इसलिए 30 सितम्बर को पदोन्नति की तिथि से पहले ही मारिया को पदोन्नत कर होमगार्ड का डीजी बना दिया गया। टीवी न्यूज चैनलों का तो भगवान ही जाने, लेकिन सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि मारिया के स्थान पर अहमद जावेद को मुम्बई का पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है और वह भी तब जब मुम्बई में गणेश महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। नवम्बर में दिवाली तक मुम्बई में धूम-धड़ाका होगा। जो मीडिया और कांग्रेस के नेता शीना मर्डर केस की आड़ में महाराष्ट्र की सरकार की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें महाराष्ट्र की भाजपा सरकार का यह सकारात्मक पक्ष नहीं दिख रहा कि मुम्बई पुलिस की कमान अहमद जावेद को सौंपी गई है। यूं तो राकेश मारिया भी काबिल अफसरों में है, लेकिन जावेद की काबिलियत को भी ध्यान में रखकर ही नियुक्ति दी गई। जो लोग भाजपा की सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हैं, उन्हें यह भी समझना चाहिए कि जावेद के लिए मुम्बई के पुलिस कमिश्नर के पद को भी पदोन्नत किया गया है। मारिया के समय तक यह पद एडीजी स्तर का ही था, जबकि जावेद तो डीजी स्तर के अधिकारी हैं, लेकिन जावेद को पुलिस कमिश्नर बनाने के लिए रातों रात पद को भी पदोन्नत किया गया है। अच्छा होता कि देश और महाराष्ट्र का मीडिया भाजपा सरकार के इस सकारात्मक पक्ष को भी उजागर करता। सरकारों की आलोचना तो मीडिया जब चाहे, तब कर सकता है, लेकिन महत्त्वपूर्ण मौकों पर सरकार के किसी निर्णय की प्रशंसा भी करनी चाहिए। कुछ व्यावसायिक घरानों का मीडिया भाजपा को मुस्लिम विरोधी बताने में कोई कसर नहीं छोड़ता है, लेकिन ऐसा मीडिया जावेद को कमिश्नर बनाने पर चुप है। यदि फडऩवीस सरकार कमिश्नर के पद से जावेद को हटा देती तो यही मीडिया तूफान खड़ा कर देता। जहां तक शीना मर्डर केस का सवाल है, तो मैं पहले भी लिख चुका हंू कि देशवासियों को इस मामले में कोई रुचि नहीं हैं। चूंकि इसमें एक औरत के छह-छह पतियों की कहानी है। इसलिए मीडिया के लिए दिलचस्प है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि इस केस की जांच मारिया करें या जावेद। उम्मीद है कि फडऩवीस सरकार ने जावेद पर हो भरोसा जताया है, उस पर जावेद खरा उतरेंगे। साथ ही उन तत्वों को सबक सिखाएंगे जो देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई पर आतंकी हमले की धमकी देते हैं।
(एस.पी. मित्तल)(spmittal.blogspot.in)M-09829071511
Wednesday, 9 September 2015
जावेद को मुम्बई की कमान सौंपने पर फडऩवीस सरकार की प्रशंसा क्यों नहीं
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