आप आदमी पार्टी के नेता और विख्यात कवि कुमार विश्वास तथा तारक मेहता का उल्टा चश्मा टीवी सीरियल के सूत्रधार व कवि शैलेश लोढ़ा ने बिना कोई शुल्क लिए अजमेर लिटरेचर फेस्टिवल में अपनी कवितां सुनाई है। तीन दिवसीय फेस्टिवल का समापन 20 सितम्बर को हो गया। समापन के दिन एक जागरुक श्रोता ने लोढ़ा से सवाल किय कि जब आप कवि सम्मेलन में पांच लाख रुपया मेहनताना वसूलते हैं, तब हिन्दी कविता और सम्मेलनों को मजबूती कैसे मिलेगी? इस पर लोढ़ा ने कहा कि यह सही है कि मैं पांच लाख रुपए लेता हंू, लेकिन अजमेर के फेस्टिवल में मैंने कोईशुल्क नहीं लिया है। अच्छे समारोह में मैं नि:शुल्क सेवाएं देता हूं। 19 सितम्बर को फेस्टिवल के शुभारंभ अवसर पर आए कुमार विश्वास ने भी कहा कि मैं अजमेर फेस्टिवल में शामिल होने का कोई मेहनताना नहीं लिया। विश्वास और लोढ़ा ने कोई धनराशि नहीं ली, इसकी पुष्टि दोनों ने ही फेस्टिवल के मुख्य आयोजक रास बिहारी गौड से करवाई। दोनों ही कवियों ने गौड ववववको मंच पर बुलाया और कहा कि हम हमारे साथी कवि गौड के बुलावे पर आए हैं। दोनों ने कहा कि हिन्दी कविता के क्षेत्र में गौड का महत्त्वपूर्ण योगदान है। अजमेर लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन कर गौड ने साहित्य के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया। गौड ने भी सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया है कि कुमार विश्वास और शैलेश लोढ़ा ने कोई शुल्क नहीं लिया है। गौड ने इसके लिए कवियों का आभार जताया।
भटनागर ने दिखाई प्रभावी उपस्थिति
अजमेर की जिला कलेक्टर डॉ. आरुषि मलिक भले ही एक दिन भी फेस्टिवल में नहीं गई हों, लेकिन संभागीय आयुक्त धर्मेन्द्र भटनागर ने फेस्टिवल के तीन दिन अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज करवाई। इससे भटनागर के साहित्य प्रेम के बारे में पता चलता है। भटनागर आगामी 30 सितम्बर को आईएएस की सेवा से रिटायर हो रहे हैं।
(एस.पी. मित्तल)(spmittal.blogspot.in)M-09829071511
Sunday, 20 September 2015
कुमार विश्वास और शैलेश लोढ़ा ने मुफ्त में सुनाई कविताएं।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment