Friday, 23 October 2026

अजमेर में अब मजिस्ट्रेटों को धरने पर बैठने की जरुरत नहीं, क्योंकि कलेक्टर लोकबंधु ने मित्तल अस्पताल के सामने वाले पार्क और पाथवे का एक दरवाजा खुलवा दिया है। तीन माह बाद फिर से घूम सकेंगे क्षेत्रवासी। ब्लॉग में ध्यान आकर्षित किया था। ================= अजमेर के ऐतिहासिक आनासागर के किनारे पुष्कर रोड वाले मार्ग पर मित्तल अस्पताल के सामने बने पार्क और पाथवे का उपयोग क्षेत्रवासी फिर से कर सकेंगे। मरम्मत के नाम पर तीन माह पहले इस पार्क और पाथवे के दोनों द्वार बंद कर दिए गए थे। तब यह घोषणा की गई कि 10 दिन में मरम्मत का काम पूरा हो जाएगा, लेकिन जब तीन माह बाद भी पार्क के दरवाजे नहींखुले तो 17 अक्टूबर को मैंने ब्लॉक संख्या 12577 लिखा। इस ब्लॉग में पार्क के बंद होने से क्षेत्रवासियों को हो रही समस्या की और ध्यान आकर्षित किया गया। इस ब्लॉग पर जिला कलेक्टर लोक बंधु ने त्वरित कार्यवाही की और 18 अक्टूबर से पार्क के एक दरवाजे को आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। अब क्षेत्रवासी खासकर वरिष्ठ नागरिक इस पार्क में सुबह शाम घूम सकेंगे। पार्क में घूमने का समय भी निर्धारित किया गया है। प्रात: 5 बजे से 9 बजे तक और सायं 5 बजे से रात 8 बजे तक क्षेत्रवासी इस पार्क में प्रवेश कर सकेंगे। कोई एक किलोमीटर लंबे पार्क और पाथवे के बीच एक पुल भी है। यह पुल अभी टूटा पड़ा है, इसलिए पूरे पार्क का उपयोग आम लोगों के लिए नहीं हो पाएगा। अलबत्ता जल्द ही दूसरे दरवाजे को भी खोल दिया जाएगा। क्षेत्रवासी अशोक विजयीवर्गीय, एडवोकेट सोमदत्त आर्य, सूरज प्रकाश गांधी ने जिला कलेक्टर लोक बंधु का आभार जताया है। तीनों ने कहा कि वे पूर्व में नियमित और पर पार्क का उपयोग करते थे, लेकिन तीन माह से पार्क के दोनों दरवाजों पर ताला लगा हुआ था। अब पार्क का एक दरवाजा खुल गया है, इसके लिए क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर का आभार जताते हुए कहा कि जल्द ही दूसरा दरवाजा भी खोला जाए। धरने पर बैठने की जरुरत नहीं: ब्लॉग संख्या 12577 में लिखा गया था कि जिस प्रकार दिल्ली में हाईकोर्ट चौराहे के पास पैदल यात्री क्रॉसिंग बनाने कके लिए सुप्रीम कोर्ट के दो जजों ने धरने पर बैठने की धमकी दी है, उसी तरह अजमेर के मजिस्ट्रेटों को भी मित्तल अस्पताल के सामने वाले पार्क को खुलवाने के लिए धरने पर बैठना चाहिए। अजमेर का कोई मजिस्ट्रेट धरने पर बैठने की धमकी देता इससे पहले ही जिला कलेक्टर लोक बंधु की पहल पर तीन माह से बंद पड़े पार्क को खोल दिया गया है। यानी अब किसी मजिस्ट्रेट को धरने पर बैठने की जरुरत नहीं है। यहां यह खासतौर से उल्लेखनीय है कि आनासागर के किनारे बने इस पार्क के रखरखाव की जिम्मेदार नगर निगम की है। लेनिक निगम के अधिकारियों की लापरवाही के चलते तीन माह से मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हुआ, लेकिन पंचायतीराज चुनाव में व्यस्त होने के बाद भी कलेक्टर लोक बंधु ने दखल दिया और पार्क का एक दरवाजा खुलवाया। प्रशासनिक क्षेत्र के अधिकारियों को कलेक्टर लोक बंधु की इस पहल से प्ररेणा लेनी चाहिए। S.P.MITTAL BLOGGER ( 19-10-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

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