Friday, 23 October 2026
200 करोड़ की कीमत वाली अजमेर की होटल मेरवाड़ा एस्टेट को लेकर विवाद।
आनासागर के किनारे 12 हजार वर्गगज भूमि पर बनी होटल का डॉ. सतीश अरोड़ा ने स्वयं को 20 प्रतिशत का हिस्सेदार बताया।
वहीं होटल के मालिक सोगानी बंधुओं ने अरोड़ा पर गंभीर आरोप लगाए।
सिंधी समुदाय के एनआरआई के दखल की चर्चा।
अंग्रेजों के वित्तीय सलाहकार सेठ भागचंद सोनी ने 1887 में अपना निवास बनवाया था।
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अजमेर के आनासागर के किनारे पहाड़ी पर बनी होटल मेवाड़ा स्टेट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। करीब 12 हजार वर्ग गज भूमि पर बनी 150 वर्ष पुरानी इस होटल का बाजार भाव आज 200 करोड़ माना जा रहा है। गत 16 वर्षों से होटल का प्रबंध संभालने वाले डॉ. सतीश अरोड़ा ने स्वयं को 20 प्रतिशत का हिस्सेदार बताया है। पिछले 10 वर्षों से डॉ. अरोड़ा होटल परिसर में स्वयं को मालिक मानकर ही काम कर रहे थे। होटल परिसर में ही आलीशन बांग्ले में रह रहे थे और वातानुकूलित ऑफिस भी बना रखा था। लेकिन अब होटल के मालिक विजय और विनय सोगानी ने डॉ. अरोड़ा को प्रबंधन से बाहर कर दिया है। जिस आलीशान ऑफिस में डॉ. अरोड़ा बैठते थे, उस पर ताला लगा दिया है तथा बंगले में पानी बिजली की सप्लाई काट दी है। सोगानी बंधुओं का कहना है कि डॉ. अरोड़ा भले ही स्वयं को हिस्सेदार होने का दावा करते हो, लेकिन उनकी हैसियत होटल के मैनेजर की थी। अब हमने डॉ. अरोड़ा को मैनेजर के पद से बर्खास्त कर दिया है, इसलिए वे अब होटल के बंगले में रहने के भी अधिकारी नहीं है। सोगानी बंधुओं ने कहा कि होअल का मालिकाना हक मेरवाड़ा हैरिटेज के पास है और इस फर्म से डॉ. अरोड़ा का कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि अब डॉ. अरोड़ा के पास होटल के बुकिंग का भी अधिकार नहीं है। यदि डॉ. अरोड़ा डिजिटल माध्यमों से होटल के नाम पर कोई राशि एकत्रित करेंगे तो उनके विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। वहीं डॉ. अरोड़ा का कहना है कि उन्होंने विदेश से आने के बाद अपने जीवन के 16 वर्ष सोगानी बंधुओं के परिवार और होटल को विकसित करने में लगाया। सोगानी बंधुओं ने ही मुझे मेरवाड़ा हॉस्पिलिटिी प्राइवेट लिमिटेड का प्रेसिडेंट नियुक्त किया। इस कंपनी के माध्यम से ही हम पांच सदस्य प्राप्त आय को बराबर बराबर बांटते थे। मैं ही सोगानी बंधुओं और उनकी पत्नियों के खाते में राशि जमा करवाता था। होटल के विकास के लिए ही वर्ष 2015 में अरोड़ा वैडिंग प्लानर एंड इवेंट कंपनी बनाई गई। इन सभी कंपनियों के सरकारी दस्तावेज मेरे पास है। मैंने 2011 से सोगानी बंधुओं के साथ काम किया। मुझे हमेशा सोगानी परिवार का सदस्य माना गया। मेरे पास ऐसे अनेक दस्तावेज है, जो यह प्रदर्शित करते हैं कि मैंने होटल मेरवाड़ा एस्टेट में साझेदार के तौर पर काम किया है। मेरी साझेदारी पर सोगानी बंधुओं ने कभी सवाल नहीं उठाया। होटल पर जब भी कोई मुसीबत आई तो मैंने ही सहन किया। यहां तक कि एनजीटी के विवाद को भी मैंने ही सुलझाया। अजमेर ही नहीं बल्कि राजस्थान भर के राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, धर्म गुरु आदि सभी जानते हैं कि मैं ही होटल को संभालता था। डॉ. अरोड़ा ने सोगानी बंधुओं के बदले व्यवहार पर आश्चर्य व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि समय जाने पर जांच एजेंसियों और न्यायालय में मेरी साझेदारी के दस्तावेज रखूंगा।
150 वर्ष पुराना:
अजमेर में जो हेरिटेज संपत्तियां है, उनमें होटल मेरवाड़ा एस्टेट भी शामिल हैं। इतिहास के जानकारों के अनुसार अंग्रेजों के शासन में सेठ भागचंद सोनी अंग्रेज अधिकारियों के वित्तीय सलाहकार थे। तभी उन्होंने आनासागर के किनारे पहाड़ी पर अपने आवास का निर्माण किया। आज भी मूल भवन ज्यों का त्यों है। लेकिन बाद में होटल के कारण अन्य निर्माण भी करवााए गए। पूर्व में भी इस होटल की खरीद फरोख्त को लेकर बड़ा विवाद हो चुका है। बताया जा हा है कि मौजूदा समय में भी सिंधी समुदाय के एक एनआरआई का दखल हो गया है, लेकिन सोगानी बंधुओं ने दावा किया है कि होअल का बेचान नहीं किया जा रहा है और होटल का मालिकाना हक पूरी तरह उनके पास है। अब होटल प्रबंधन पर भी नियंत्रण सोगानी बंधुओं का ही है।
S.P.MITTAL BLOGGER ( 16-10-2026)
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