Friday, 30 October 2026
केदारनाथ मंदिर में पूजा पाठ करने के कारण फिल्म अभिनेत्री सारा अली के खिलाफ मुस्लिम जमात का फतवा।
धर्म निरपेक्षता का पाठ पढ़ाने वाला कोई मौलाना क्या इस फतवे का विरोध कर सकता है?
हिन्दू समाज के लोग बड़ी संख्याओं में दरगाहों में जाकर जियारत करते हैं।
=================
फिल्म अभिनेत्री सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान ने केदारनाथ मेंदिर में जाकर विधि विधान से पूजापाठ की। सनातन संस्कृति के अनुरूप सारा अली ने मंदिर से जुड़े लोगों को चढ़ावा भी दिया। इतना ही नहीं अपने माथे पर सिंदूर का तिलक भी लगवाया। सारा अली ने पूरी श्रद्धा के साथ सनातन संस्कृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। हिन्दू मंदिर में पूजा पाठ करने के कारण ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शाहबुद्दीन रजवी बरेलवी ने फतवा जारी कर दिया है। मौलाना ने अपने फतवे में कहा कि किसी मुस्लिम का दूसरे धर्म में पूजा पाठ और धार्मिक रस्मों में शामिल होना इस्लाम धर्म में जायज नहीं है। एक तरह से मौलाना रजवी ने सारा अली को इस्लाम धर्म से बाहर कर दिया है। मौलाना रजवी का फतवा अपनी जगह है, लेकिन क्या धर्म निरपेक्षता की दुहाई देने वाला कोई मौलाना इस फतवे का विरोध कर सकता है? आमतौर पर अनेक मुस्लिम धर्मगुरु भारत में धर्मनिरपेक्षता का पाठ पढ़ाते हैं। ऐसे पाठ के कारण ही आज लाखों हिन्दू मुस्लिम धर्म से जुड़ी दरगाहों में जाकर जियारत करते है। यहां तक कि सूफी परंपरा के अनुरूप मजार पर चादर भी चढ़ाई जाती है। ऐसे हिन्दुओं के विरुद्ध कभी भी किसी हिन्दू धर्मगुरु ने नाराजगी नहीं जताई। उल्टे कई हिन्दू धर्मगुरु तो स्वयं भी दरगाहों में जाकर जियारत की रस्म अदा करते हैं। सवाल उठता है कि जब हिंदुओं के जियारत करने पर कोई ऐतराज नहीं है तो फिर सारा अली के मंदिर में जाकर पूजा पाठ करने पर फतवा क्यों जारी किया गया है? जब हम धर्म निरपेक्षता की दुहाई देते हैं तो फिर धार्मिक रस्मों में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। धर्म निरपेक्षता तो तभी सफल होगी, जब सभी धर्मों की स्थिति समान हो। यह कहना कि दूसरे धर्म में पूजा पाठ करना सारा अली के लिए जायज नहीं है तो फिर धर्म निरपेक्षता पर भी सवाल उठता है। सिर्फ हिन्दुओं के दरगाहों में जाकर जियारत करने से धर्म निरपेक्ष्ज्ञता को मजबूती नहीं मिलेगी। सब जानते है कि सैफ अली खान ने पहला निकाह 1991 में अभिनेत्री अमृता सिंह से किया था। तभी साराअली का जन्म हुआ। सैफ अली से निकाल करने के लिए ही अमृता सिंह को इस्लाम धर्म स्वीकार करना पड़ा, लेकिन सारा अली की आस्था मां अमृता सिंह के कारण सनातन संस्कृति में भी है। अब यदि मां के कारण सारा अली हिन्दू मंदिरों में जाकर पूजा पाठ कर रही है तो मुस्लिम जमात को ऐतराज हो रहा है।
S.P.MITTAL BLOGGER ( 31-10-2026)
Website- www.spmittal.in
Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog
Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11
Blog- spmittal.blogspot.com
To Add in WhatsApp Group- 9166157932
To Contact- 9829071511
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment