Friday, 30 October 2026

जिस सरकारी बैठक में रियायतें मिली उसमें मुख्यमत्री भजनलाल शर्मा और उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ भी उपस्थित थे- संजय गोयल एमडी गोयल फैंशनस। सीनियर आईएएस शिखर अग्रवाल के परिवार के द्वारा महाराष्ट्र में भी विला लेने की जानकारी-पूनम भंडारी। शिखर दम्पत्ति के 40 विला का मामला उजागर करने में क्या पूर्व सीएस सुधांश पंत की भूमिका है? ================= पुष्कर, अलवर, उदयपुर सहित देश के 14 प्रमुख स्थानों पर होटल और रिसोर्ट का संचालन करने वाली मैसर्स गोयल फेंशनस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के एमडी संजय गोयल का अब विवादित मामलों में बयान सामने आया है। राजस्थान के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशाखा माथुर को अलवर और उदयपुर में 40 विला मात्र 6 करोड़ रुपए में देने के संबंध में गोयल फेंशनस के संजय गोयल का कहना है कि अकेले शिखर अग्रवाल पर लांछन लगाना उचित नहीं है। 14 फरवरी 2026 को बोर्ड ऑफ इनवेंस्टमेंट की जिस बैठक में अलवर के अजबगढ़ वाले रिसोर्ट को सरकारी रियायतें देने का फैसला हुआ, उस बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा, प्रमुख वित्त सचिव वैभव गालरिया के साथ शिखर अग्रवाल भी मौजूद रहे। ऐसी रियायतें राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत दी गई। सभी निर्णय नियमों के तहत हुए। यह एक संयोग ही है जिस दिन रियायतों वाला फैसला हुआ, उसी दिन 20 विला की रजिस्ट्री भी हुई। संजय गोयल ने कहा कि उनके रिर्सोटों में अनेक लोगों ने विला खरीदे है। सभी को 16 लाख रुपए में ही विला दिए गए है। मीडिया में शिखर अग्रवाल को लेकर जो खबरें आ रही है, वह सही नहीं है। यह आरोप भी गलत है कि एक विला का सालना किराया 1 करोड़ 80 लाख रुपए दिया जा रहा है। कंपनी और शिखर अग्रवाल के परिवार के साथ ऐसा कोई अनुबंध नहीं है। शिखर और उनकी पत्नी प्रशाखा ने जो 40 विला अलवर और उदयपुर में खरीदें है। उन सबका नियमानुसार भुगतान किया गया है। जब पूरी डीजल में पारदर्शिता है तो फिर लांछन लगाना गलत है। गोयल ने कहा कि यदि सीबीआई जांच करेंगेी तो वे पअना नारको टेस्ट कराने को भी तैयार है। राजस्थान के पर्यटन विकास में उनकी कंपनी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शिखर अग्रवाल से पुराने संबंध: इस बीच खबरें आई है कि संजय गोयल और शिख्र अग्रवाल के बीच पुराने संबंध है। शिखर अग्रवाल वर्ष 2006 में जब उदयपुर के कलेक्टर थे, तब संयज गोयल के बूझड़ा वाले रिसोर्ट की 13 हैक्टेयर भूमि का कानवर्जन किया था। इतना ही नहीं रिसोर्ट में निर्माण के लिए नगर नियोजक वाली अुमति में भी छूट दी गई है। कलेक्टर ने आदेश दे दिए कि पर्यटन आयुक्त ने जो बिल्डिंग प्लान दिया है, उसी के आधार पर रिसोर्ट में निर्माण कर लिया जाए। यानी शिखर अग्रवाल, गोयल फैशंस को पिछले 20 वर्षों से छूट देते आ रहे हैं। महाराष्ट्र की भी जानकारी: पब्लिक अंगेस्ट करप्शन के प्रमुख एडवोकेट पूनम भंडारी ने कहा कि शिखर दम्पत्ति के परिवार के द्वारा महाराष्ट्र में भी विला लेने की जानकारी मिली है। हमारी संस्था वह पता लगा रही है कि गोयल फैशंस के साथ साथ किन प्रोजेक्टों में शिखर दम्पत्ति की हिस्सेदारी है। अब तक जो मामले उजागर हुए हैं, उन सभी की जांच सीबीआई से कराने के लिए पत्र लिखा गया है। चूंकि गोयल फैशंस का कारोबार देश भर में फैला हुआ है, इसलिए सीबीआई जैसी एजेंसी ही जांच कर सकती है। जिन लोगों ने गोयल फैशंस के रिर्सोटो में विला खरीदे है उनके तार विदेशों से भी जुड़े हुए हैं, इसलिए सभी मामलों की जांच ईडी के द्वारा भी की जानी चाहिए। मौजूदा समय में भी शिखर दम्पत्ति विदेश में है। पूनम भंडारी ने चेतावनी दी है कि यदि सीबीआई ने जांच अपने हाथ में नहीं ली तो वह अदालत में मामला दायर करेंगे। उल्लेखनीय है कि भंडारी के पब्लिक अंगेस्ट करप्शन की ओर से बहुचर्चित जल जीवन मिशन घोटाले को भी उजागर किया था। क्या सुधांश पंत की भूमिका है?: शिखर अग्रवाल के 40 विला खरीदने का जो मामला उजागर हुआ है, उसको लेकर राजस्थान के प्रशासनिक क्षेत्रों में जबरदस्त चर्चा है। कहा जा रहा है कि शिखर अग्रवाल के जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करवाने में राजस्थान के पूर्व मुख्य सचिव सुधांश पंत की भूमिका है। राजस्थान में वर्ष 2023 में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद सुधांश पंत को दिल्ली से राजस्थान भेजा गया। तभी शिखर अग्रवाल भी मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव भी बने। तब अनेक मामलों में सुधांश पंत और शिखर अग्रवाल के बीच तनातनी हुई। खबरों के मुताबिक शिखर अग्रवाल के दखल की वजह से ही सुधांश पंत को मुख्य सचिव के पद से हटना पड़ा। हालांकि तब शिखर अग्रवाल को भी सीएमओ से हटाया गया। सुधांश पंत अब भले ही दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर चले गए हों, लेकिन राजस्थान के प्रशासनिक क्षेत्रों में अभी भी पंत का दखल है। यही वजह है कि शिखर अग्रवाल और गोयल फैशंस के बीच 20 वर्ष पुराने दस्तावेजों को आज प्रकाश में लाया जा रहा है। यहां तक कि शिखर दम्पत्ति के परिवार द्वारा खरीदे गए विला की रजिस्ट्रियां भी उजागर हो गई है। सरकार ने 28 अक्टूबर को शिखर अग्रवाल को एपीओ कर दिया है। कहा जा रहा है कि अब शिखर दम्पत्ति को खरीदी गई सम्पत्तियों को लेकर कारण बताओं नोटिस भी जारी किया जाएगा। S.P.MITTAL BLOGGER ( 30-10-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

No comments:

Post a Comment